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UP वालों के लिए बड़ी खुशखबरी, 330 किलोमीटर का बनेगा नया एक्सप्रेसवे, दूसरे राज्यों तक होगी कनेक्टिविटी

New Expressway : उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से अपने राज्यवासियों को हर एक अच्छी सुविधा उपलब्ध करवाने की कोशिश की जा रही है। उत्तर प्रदेश वासियों के लिए एक और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। आपको बता दे कि यूपी में अब नया 330 किलोमीटर का एक्सप्रेसवे बनेगा जिसकी वजह से दूसरे राज्यों के साथ कनेक्टिविटी भी बढ़ जाएगी।
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UP वालों के लिए बड़ी खुशखबरी, 330 किलोमीटर का बनेगा नया एक्सप्रेसवे, दूसरे राज्यों तक होगी कनेक्टिविटी

HR Breaking News : (UP New Expressway) उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का मानना है कि नए एक्सप्रेसवे बनाने से प्रदेश के विकास की रफ्तार को बढ़ावा मिलेगा तथा दूसरे राज्यों के साथ कनेक्टिविटी मजबूत हो जाएगी। लोगों को जाम से राहत दिलाने के लिए तथा बड़े वाहनों के आवागमन को आसान बनाने के लिए योगी सरकार की तरफ से उत्तर प्रदेश में अब एक और 330 किलोमीटर का नया एक्सप्रेसवे (New expressway) बनाया जाएगा। सरकार की तरफ से इस विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए पूरा प्लान तैयार कर लिया गया है।


इस एक्सप्रेसवे का कार्य लगभग पूरा होने वाला है। जनवरी के अंत तक इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) जमा होने की उम्मीद है और सरकार 2027 विधानसभा चुनाव से पहले इसे शुरू करने की योजना बना रही है।
 

 

 

एक्सप्रेसवे के सर्वे की जिम्मेदारी 


योगी सरकार (Yogi government) ने विंध्य एक्सप्रेसवे के सर्वे के लिए चेन्नई की अलमोंडज कंपनी को जिम्मेदारी सौंपी है। कंपनी ने सर्वे की शुरूआत कर दी है। यह एक्सप्रेसवे बनारस, चंदौली से होते हुए सोनभद्र को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने का काम करेगा।


प्रयागराज तक जाएगा विंध्य एक्सप्रेसवे


330 किमी लंबा विंध्य एक्सप्रेसवे प्रयागराज तक जाएगा, जो बनारस, चंदौली होते हुए सोनभद्र को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। 2027 से पहले इस पर काम शुरू होने की उम्मीद है, जिससे इस क्षेत्र में आवागमन और विकास को बढ़ावा मिलेगा।


दुसरें राज्यों से कनेक्टिविटी होगी बेहतरीन 


बीतें साल महाकुंभ मेले के समापन पर मुख्यमंत्री ने यूपी के छत्तीसगढ़, झारखंड समेत अन्य राज्यों से कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए इस एक्सप्रेसवे की घोषणा की थी। एक्सप्रेसवे के बनने से सोनभद्र से अन्य शहरों और राज्यों तक आवागमन आसान होगा, जिससे क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।


सेटेलाइट कनेक्टिंग डिवाइस 


330 किलोमीटर के रूट का सर्वे (Satellite connecting device) पूरा हो गया है, जिसमें हर 20 किमी पर एक सेटेलाइट कनेक्टिंग डिवाइस लगाई गई है। रेणुकूट को आखिरी छोर मानकर सर्वे किया गया है और एक्सप्रेसवे मुर्धवा और रनटोला के जंगल में समाप्त होगा।


यहां से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे 


विंध्य एक्सप्रेसवे (Vindhya Expressway) वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग के समानांतर बनाया जाएगा, जो रनटोला और मुर्धवा के बीच जंगलों से होता हुआ दुद्धी-हाथीनाला मार्ग को क्रॉस करेगा और सीधे हरदी कोटा के कोन मार्ग तक जाएगा। वहां से सोन नदी पर नया पुल बनने के बाद यह नगवां के पल्हारी होते हुए चंदौली के रास्ते वाराणसी से जुड़ेगा।
 

अधिकारियों का क्या कहना 


विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए 330 किलोमीटर का सर्वे पूरा होते ही इस माह के अंत तक DPR शासन को सौंप दी जाएगी, जिसमें कुल लागत और खर्च का विवरण होगा।