Gurugram : गुरुग्राम में बसाई जाएगी वर्ल्ड क्लास लेवल की हाईटेक सिटी, 1000 एकड़ में होगी डेवलेप, लोगों को मिलेंगी ये सुविधाएं
Gurugram : गुरुग्राम के इस सेक्टर और आसपास के एरिया (area) में एक हजार एकड़ में ग्लोबल सिटी का काम चल रहा है। यहां रोड निर्माण का काम लगभग 60 फीसदी पूरा हो चुका है... आपको बता दें कि गुरुग्राम में बन रही ग्लोबल सिटी में विश्व स्तरीय सुविधाएं होंगी-
HR Breaking News, Digital Desk- (Gurugram) गुरुग्राम के सेक्टर-36 में बन रही ग्लोबल सिटी में विश्व स्तरीय सुविधाएं होंगी। यहां 18 किलोमीटर लंबी टनल बनाई जाएगी, जिसमें सभी पब्लिक यूटिलिटी जैसे सीवर, पानी, गैस, बिजली और मोबाइल टावर (mobile tower) की लाइनें होंगी। इस टनल से फायदा यह होगा कि किसी भी खराबी को ठीक करने के लिए सड़क खोदने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे ट्रैफिक बाधित नहीं होगा। कर्मचारी सीढ़ियों से टनल में जाकर मरम्मत का काम आसानी से कर सकेंगे। यह शहर में अपनी तरह का पहला प्रोजेक्ट है।
सेक्टर-36 और आसपास के एरिया (area) में एक हजार एकड़ में ग्लोबल सिटी का काम चल रहा है। यहां रोड निर्माण का काम 60 फीसदी पूरा हो चुका है। इस सिटी के अंदर ही रेजिडेंशल, कर्मशल, मेडिकल (medical), एजुकेशन (education) की सुविधा होगी। यहीं एसटीपी और डब्ल्यूटीपी की सुविधा होगी। यहां रहने वाली जनसंख्या के अनुसार इनकी क्षमता होगी।
कहीं नहीं दिखेंगे पोल और वायर-
इस अत्याधुनिक सिटी में सबसे अहम बात होगी कि मूलभूत सुविधाओं (basic features) के लिए किसी प्रकार की वायर दिखाई नहीं देगी। पोल भी दिखाई नहीं देंगे। यहां पहले फेज में 10 किलोमीटर और दूसरे फेज में 8 किलोमीटर की टनल बनेगी। इस टनल में नीचे पूरी तरह चलने और खड़ा रहने का स्पेस होगा। साथ में दीवारों पर दोनों ओर लाइनें और वायर होंगी, जिससे किसी प्रकार की भी खराबी होने पर मिकेनिक या कर्मचारी (employees) खड़ा होकर आसानी से मरम्मत कर सके।
900 करोड़ में होगा पहले फेज़ का काम-
एक आगामी ग्लोबल सिटी परियोजना (Global City Project) में, 18 किलोमीटर की भूमिगत टनल का निर्माण किया जाएगा। यह टनल सभी सार्वजनिक उपयोगिताओं (पब्लिक यूटिलिटी) को समाहित करेगी, जिससे सड़क की खुदाई और यातायात में बाधा डाले बिना मरम्मत का काम किया जा सकेगा। टनल के नीचे उतरने के लिए थोड़ी-थोड़ी दूरी पर सीढ़ियां होंगी। पहले चरण में 10 किलोमीटर की टनल का निर्माण किया जाएगा, जिसकी लागत 900 करोड़ है और इसके जनवरी 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है।
