हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल खत्म, CM Nayab Saini के साथ बैठक में बनी सहमति
HR Breaking News (Haryana Electricity Strike) बिजली कर्मचारियों की हड़ताल खत्म हो गई है। अब कर्मचारियों की हड़ताल खत्म होने के बाद लोगों की परेशानी भी खत्म होगी। हड़ताल के कारण कई इलाकों में बिजली सप्लाई बाधित रही है और ब्लैकआउट की स्थिति में लोगों को रहना पड़ा है। अब सरकार की तरफ से धारा 108 के तहत लाइसेंस रद्द करने की बात कही गई है। वहीं, सरकार के साथ बातचीत के बाद कर्मचारी नेताओं ने हड़ताल खत्म करने का एलान कर दिया है। बिजली मंत्री और सीएम नायब सिंह सैनी ने अलग से बैठक की है। कर्मचारियों की तरफ से बैठक के बाद समय भी लिया गया, जिसमें कर्मचारियों ने फैसला लिया है। बैठक सकारात्मक रही है। इस बैठक के बाद हरियाणा में 40 हजार कर्मचारियों की हड़ताल खत्म हो गई है।
पंचकूला में हुई बैठक
सरकार व कर्मचारियों के बीच पंचकूला में सरकार के पीडब्ल्यूडी हाउस में बैठक हुई। हरियाणा में कर्मचारियों की तरफ से लिखित में लाइसेंस रद्द होने का नोटिफिकेशन मांगा गया। पहले चरण की बैठक के बाद कर्मचारियों की तरफ से समय लिया गया था। जिसके बाद कॉन्फ्रेंस हॉल में सीएम नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में बैठक हुई। हर मुद्दे पर कर्मचारियों के साथ बारीकी से बातचती की गई। कानून पहलुओं पर भी मंथन किया गया। वहीं, कर्मचारियों को सीएम नायब सिंह सैनी की तरफ से भी आश्वासन मिला है।
प्रेस वार्ता में दी जानकारी
Haryana में बिजली कर्मचारियों की तरफ से हड़ताल खत्म कर दी गई है। इस दौरान बिजली कर्मचारी नेताओं की मौजूदगी में हरियाणा ज्वाइंट एक्शन कमेटी की तरफ से तीन दिन की हड़ताल को वापस लिया गया है। कर्मचारी नेता देवेंद्र हुड्डा ने कहा कि प्राइवेटाइजेशन के विरोध में थे। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने भी इसका विरोध किया है। सरकार से ऊपर होकर यह पैरलल लाइसेंस दिया गया, जिससे कर्मचारियों को दूख हुआ था।
हरियाणा में बिजली निगम यूनियन कर्मचारियों और सीएम नायब सिंह सैनी व मंत्री अनिल विज के साथ बातचीत की गई। बैठक में 4 मुद्दों पर बात होनी थी, लेकिन प्रमुख मुद्दा प्राइवेटाइजेशन का ही रहा, जिस पर सहमति बन गई है। कर्मचारी नेता देवेंद्र हुड्डा की तरफ से कहा गया कि इसमें हरियाणा सरकार कानूनी तौर पर इसको भंग करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सीएम ने आश्वासन दिया है कि किसी भी प्राइवेट प्लेयर को हरियाणा में बिजली की लाइन में नहीं आने दिया जाएगा।
इसके अलावा एग्री डिस्कॉम, स्मार्ट मीटर, प्रमोशन कोटा, समान काम समान वेतन, रिस्क अलाउंस समेत कर्मचारियों के तमाम मुद्दों पर 3 नवंबर को फिर से बातचीत होगी। वहीं, ऑनलाइन ट्रांसफर भी बाती की गई है। सीएम ने हर बात पर बातचीत का आश्वासन दिया है। ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने फैसला लिया है कि आज अभी से हड़ताल वापस ली गई है। वहीं, इस दौरान किसी भी प्रकार का केस हुआ है तो उनपर भी आश्वासन मिला है।
मंत्री अनिल विज ने कही ये बातें
मंत्री अनिल विज ने कहा कि जो प्राइवेट प्लेयर को लाइसेंस देने का फैसला विनियामक ने किया था, हमने इस का शुरू से ही विरोध किया था। सरकार की तरफ से किसी प्रकार की कोई एप्लीकेशन नहीं मांगी गई थी, लेकिन केंद्र सरकार के एक्ट के अनुसार कोई कंपनी एप्लीकेशन कर सकती है। उन्होंने कहा कि हम इसका शुरू से ही विरोध कर रहे हैं। आज भी यूनियन के नेताओं से बात करे 108 एक्ट के तहत विनियाम को डायरेक्शन दे सकते हैं और इसको रद्द कर सकते हैं। हमने इसको लेकर लेटर साइन कर दिया है। हमने इसका लेटर लिखकर विभाग को दे दिया है। इसके साथ ही वकीलों से भी बात करके सेक्शन 94 में भी इस आदेश को रिव्यू कराने के लिए दरखास डाली जाएगी। मंत्री विज ने कहा कि पहले वाली मांगों पर भी विभाग बात कर रहा है। उन मांगों पर 3 नवंबर को दोपहर 3 बजे बैठक की जाएगी।
सीएम नायब सिंह सैनी ने कही ये बातें
इसपर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हमारे मंत्री अनिल विज लगातार इस पर काम कर रहे हैं। बिजली निगम के अधिकारियों के साथ मंत्री संपर्क में थे। वहीं, पिछले दिनों आदेश पारित होने की सुगबुगाहट में भी मंत्री की तरफ से बताया गया था कि सरकार इसके खिलाफ है। सरकार इसके खिलाफ अपने स्टैंड पर है। सरकार कर्मचारी यूनियन के साथ है। आदेश को लेकर जब कर्मचारी हड़ताल पर गए तो उसके बाद सोहार्दपुर्ण रूप से आज भी बात हुई है। विनायम संस्था एक इंडिपेंडेंट बॉडी है। कोई भी व्यक्ति उनके पास एप्लिकेशन दे सकता है। हमने आज सेक्शन 108 के साथ एचईआरसी को रिव्यू करने को कहा गया है। साथ में 94 के तहत इसको रद्द करवाने को लेकर कदम उठाया गया है। सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि निजीकरण किसी प्रकार का नहीं होगा।
हड़ताल से हुई लोगों को परेशानी
कर्मचारियों की तरफ से हड़ताल के दौरान कहीं भी पावर कट को ठीक नहीं किया गया। इस कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हड़ताल के दौरान ज्यादातर हिस्सों में लाइट एक एक करके कटती चली गई और बिजली संकट के साथ साथ पानी का संकट भी लोगों को झेलना पड़ा। वहीं, सरकार की तरफ से भी बयान आया कि वह भी बिजली सेक्टर में प्राइवेटाइजेशन के विरूद्ध है।
विद्युत नियामक आयोग की तरफ से दिया गया था फैसला (Vidhyut Niyamak Aayog)
हरियाणा के दो जिलों में बिजली सप्लाई के लिए दो प्राइवेट कंपनियों की तरफ से अप्लाई किया गया था। हरियाणा के गुरुग्राम और नूंह में बिजली सप्लाई का लाइसेंस हरियाणा विद्युत नियामक आयोग की तरफ से मंजूर किया गया है। 11 पावर (Eleven Power) नाम की कंपनी को यह लाइसेंस 25 साल के लिए दिया गया है। इस फैसले का हरियाणा के बिजली कर्मचारी विरोध कर रहे हैं। कर्मचारियों का तर्क है कि यह बिजली सेक्टर में निजीकरण (Privatisation in Electricity Sector) की शुरुआत है। अगर प्राइवेट कंपनी आएगी तो भविष्य में सरकारी संस्थान खत्म हो सकता है और बिजली सेक्टर में निजी कंपनी की मनमानी से लोगों को परेशानी होने की आशंका है। वहीं हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी कह रहे हैं कि वह इस फैसले के विरोध में है और कर्मचारियों के साथ है।
हड़ताल खुलने के बाद भी लाइट ठीक होने समय लग सकता है
हड़ताल के चलते कई इलाकों में फॉल्ट आदि की वजह से पावर कट हुआ है। ऐसे में हड़ताल खुलने के तुरंत बाद कई इलाकों में बिजली सप्लाई सुचारू होना मुश्किल लग रहा है। क्योंकि एक साथ सभी इलाकों में कट व फॉल्ट को ठीक करना चुनौती बन सकता है। हालांकि, जहां पावर हाउस से बिजली काटी गई है, वहां हड़ताल के तुरंत बाद बिजली चालू होने की संभावना है। वहीं, जहां फॉल्ट आदि के कारण बिजली गायब है, उनको इंतजार करना पड़ सकता है।
