हरियाणा में खुल सकती है बिजली कर्मचारियों की हड़ताल, मंत्री विज ने दिया बड़ा बयान
HR Breaking News (Haryana Electricity Strike) हरियाणा में बिजली कर्मचारी 3 दिन की हड़ताल पर हैं। एक दिन बाद ही हड़ताल खुलने के संकेत मिल रहे हैं। पहले दिन की हड़ताल ने ही हरियाणा में हाहाकार मचा दिया। पावर कट के कारण लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
कुछ लोग बिजली कर्मचारियों का विरोध कर रहे हैं तो कुछ लोग सरकार का विरोध करना शुरू कर चुके हैं। हरियाणा पावर सेक्टर (Haryana Power Sector) में निजी कंपनी की एंट्री के चलते कर्मचारियों के द्वारा हड़ताल की जा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि वह आमजन के लिए ही हड़ताल कर रहे हैं, क्योंकि भविष्य में प्राइवेट कंपनी अगर बिजली सेक्टर में आती है तो वह मनमाने रेट वसुलेगी।
क्या कहना है सरकार का (Haryana Govt)
दूसरी तरफ सरकार कभी कहना है कि सरकार निजीकरण के विरोध में है और इसका डटकर विरोध करेंगे। हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज की तरफ से शुक्रवार दोपहर 3:00 बजे कर्मचारी नेताओं के साथ बैठक भी बुलाई गई है। मंत्री अनिल विज ने कहा है कि मामले का लगभग समाधान हो चुका है साथ में कर्मचारियों से हड़ताल वापस लेने की भी अपील की है।
सरकार करेगी फैसले को रद्द (Haryana Latest News)
मंत्री अनिल विज की तरफ से जानकारी दी गई है कि हरियाणा में विद्युत नियामक आयोग की तरफ से जो फैसला लिया गया है, वह धारा 108 के तहत रद्द किया जा सकता है। इसी प्रावधान का प्रयोग सरकार करेगी और कानूनी प्रावधान के तहत ही आगे सरकार बढ़ रही है। उन्होंने बिजली कर्मचारियों से हड़ताल से वापस लौटने की बात कही है साथ में कर्मचारी नेताओं को बातचीत के लिए भी बुलाया है।
बातचीत से होगा विवाद का समाधान (Bijli krmchariyo ki hadtal)
हरियाणा में बातचीत से विवाद का समाधान निकालने की उम्मीद जताई जा रही है। अनिल विज कहा कि उन्होंने कर्मचारी नेताओं से बातचीत की है। शुक्रवार दोपहर 3:00 बजे कर्मचारियों के साथ आगे के मामले पर चर्चा की जाएगी। विवाद का समाधान होने की संभावना है।
बैठक के बाद खुल सकती है हड़ताल (Haryana me Hadtal)
अगर बैठक में सभी बातें सिरे चढ़ती हैं तो हड़ताल खुल सकती है। हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के कारण कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित है। ग्रामीण इलाकों में तो लगभग हर गांव में पावर कट लगा हुआ है और लोगों को बिजली संकट का गहरा कट झेलना पड़ रहा है। अब माना जा रहा है कि सरकार और कर्मचारी नेताओं के बीच बात होने के बाद हड़ताल को वापस लेने का ऐलान किया जा सकता है।
बिजली मंत्री की तरफ से भी कर्मचारियों से जनहित को ध्यान में रखते हुए हड़ताल वापस लेने की मांग की गई है।
कर्मचारियों ने क्या की है मांग (employees strike haryana)
बिजली कर्मचारियों की तरफ से स्पष्ट मांग है कि जिस निजी कंपनी को लाइसेंस दिया गया है उसे रद्द किया जाए। कंपनियां अपने मन माने रेट भविष्य में वसूल सकती हैं। बिजली कर्मचारी बिजली निगम का निजीकरण होने का विरोध कर रहे हैं। इसके अलावा बिजली कर्मचारियों के द्वारा पुरानी पेंशन योजना की बहाली की भी मांग है। बिजली विभाग में कच्चे कर्मचारी काम कर रहे हैं उन्हें पक्का किए जाने की भी मांग की जा रही है। साथ में जोखिम भत्ता दिए जाने की भी मांग की जा रही है, लेकिन फिलहाल वाली हड़ताल में प्रमुख मांग निजीकरण की विरोध की ही है।
