Haryana News : कुरुक्षेत्र में ज्योतिसर तीर्थ के पास स्थापित होगा 500 एकड़ में आध्यात्मिक परिसर, 5 गांवों में होगा भूमि अधिग्रहण
HR Breaking News (Haryana News) : कुरुक्षेत्र में ज्योतिसर तीर्थ के आसपास सरकार ने आध्यात्मिक परिसर स्थापित करने के लिए जमीन खोजना शुरू कर दिया है। आध्यात्मिक परिसर (Kurukshetra news) स्थापित करने के लिए 500 एकड़ भूमि की आवश्यकता बताई गई है। इसके लिए सरकार ने किसानों से आवेदन मांगे हैं। इच्छुक किसान अपनी जमीन सरकार को बेचने के लिए पोर्टल पर आवेदन कर सकेंगे।
किसान ऐसे करे आवेदन
ई-भूमि पोर्टल (e-bhoomi portal) के माध्यम से किसानों को आवेदन करना होगा। जमीन देने के इच्छुक किसान पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन पूरे होने के बाद सरकार की ओर से जमीन की खरीदारी के लिए आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके माध्यम से किसानों को सरकार से सीधा अपनी जमीन का मोल भाव करने का अवसर मिलेगा।
इन इलाकों से खरीदी जाएगी जमीन (Kurukshetra latest news)
सरकार की ओर से कुरुक्षेत्र में आध्यात्मिक परिसर (spiritual complex) की स्थापना करने के लिए जमीन की आवश्यकता बताई गई है। इसके लिए शहरी स्थानिय निकाय विभाग (Urban Local Bodies Department) ने राजस्व विभाग (revenue Department) के पास भूमि अधिग्रहण संबंधी प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव के अनुसार कुरुक्षेत्र के कमोड़ा (Kamora news), लोहार माजरा, इंदबरी, जोसर, राओगढ़ सहित आसपास के क्षेत्र में जमीन की तलाश की जा रही है। इन इलाकों के किसान ई-पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं।
पर्यटन को और मिलेगा बढ़ावा (Jyotishwar news)
ज्योतिश्वर (Jyotishwar latest news) पहले से ही धार्मिक की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान रहा है। यहां आध्यात्मिक परिसर विकसित होने से आसपास के क्षेत्र में पर्यटन संबंधित गतिविधियों और बढ़ सकती है। इसका स्थानीय लोगों को फायदा होगा। इसके अलावा रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। आसपास के लोग यहां रेस्टोरेंट, खानपान, परिवहन आदि सेवा से जुड़े कारोबार कर सकेगे। जिससे उन्हें आर्थिक मजबूति भी मिलेगी।
इस तारीख तक कर सकते हैं आवेदन (e-bhoomi portal update)
अपनी जमीन सरकार को बेचने के इच्छुक किसानों के आवेदन के लिए ई-भूमि पोर्टल पर जमीन बेचने के लिए 1 जुलाई से आवेदन शुरू हुए थे। वहीं किसानों के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2026 है। किसान इस अवधि तक पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं।
