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IRCTC : 130 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ेगी देश की पहली लंबी दूरी की यह है लग्‍जरी ट्रेन

IRCTC : हाल ही में रेलवे की ओर से आए एक अपडेट के मुताबिक आपको बता दें कि देश की पहली लंबी दूरी की लग्‍जरी ट्रेन ट्रैक पर उतरने को तैयार हो रही है। जिसकी स्‍पीड 130 किमी. प्रति घंटे तक होती है। इस ट्रेन के ट्रैक पर उतरने का समय लगभग तय हो गया है।
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IRCTC : 130 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ेगी देश की पहली लंबी दूरी की यह है लग्‍जरी ट्रेन

HR Breaking News, Digital Desk- देश की पहली लंबी दूरी की लग्‍जरी ट्रेन ट्रैक पर उतरने को तैयार हो रही है. इसकी स्‍पीड का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह चीते से भी तेज स्‍पीड से दौड़ेगी. जिसकी स्‍पीड 130 किमी. प्रति घंटे तक होती है. इस ट्रेन के ट्रैक पर उतरने का समय लगभग तय हो गया है. इस ट्रेन का संचालन शुरू होने के बाद सभी का मन एक बार सफर करने का जरूर करेगा.

रेलवे यात्रियों की सुविधाओं के लिए लगातार बदलाव करता जा रहा है. सेमी हाईस्‍पीड ट्रेन यानी वंदेभारत से लेकर आम लोगों की राजधानी यानी अमृतभारत ट्रेन दौड़ रही हैं.अब एक और लंबी दूरी की लग्‍जरी ट्रेन यानी स्‍लीपर वंदेभारत एक्‍सप्रेस ट्रैक पर दौड़ने को तैयार हो रही है.

मंत्रालय के अनुसार यह ट्रेन 100 दिन के प्‍लान में भी शामिल है. इस तरह माना जाए कि सितंबर यह ट्रेन ट्रैक पर आ जाएगी और लोग इस ट्रेन से लंबी दूरी का सफर सुविधाजनक ढंग से पूरी कर सकेंगे. रेलवे के अनुसार स्‍लीपर वंदेभारत को उन लंबे रूटों पर चलाया जाएगा, जहां पर राजधानी ट्रेनें चल रही हैं और पहुंचने में काफी समय लगाती हैं.

राजधानी जैसी होंगी तीन श्रेणी-

रेलवे के एक अधिकारी के अनुसार स्‍लीपर वंदेभारत एक्‍सप्रेस में 16 कोच होंगे. इसमें राजधानी की तरह थर्ड एसी, सेकेंड एसी और फर्स्‍ट एसी के कोच होंगे. बर्थ, एयर डक्ट, केबल डक्ट, वॉशरूम के डिजाइन भी राजधानी से अलग होंगे. इस ट्रेन की अधिकतम स्‍पीड 160 किमी. प्रति घंटे होगी, जिससे लंबी दूरी कम समय में पूरी की जा सके.

फर्स्‍ट ऐसी के कोच में होंगी अतिरिक्‍त सुविधा-

जिस तरह वंदेभारत में चेयरकार और एग्‍जक्‍यूटिव क्‍लास में फर्क होता है. उसी तरह थर्ड व सेकेंड एसी की तुलना में फर्स्‍ट एसी में अधिक सुविधाएं यात्रियों को दी जाएंगी. इसमें बर्थ और गद्देदार होंगी. कोशिश की जा रही है कि फ्लाइट जैसी सुविधाएं इस श्रेणी के यात्रियों को दी जाएं. इसके अलावा अन्‍य श्रेणी की तुलना में इसमें खाना-पान भी खास होगा. इसके अलावा इन कोचों में अटेंडेंट की संख्‍या भी अधिक होगी. जो यात्री के सहयोग के लिए तुरंत मौजूद रहेंगे.