Haryana में 1 तारीख से जमीनें होंगी महंगी, 143 तहसीलों और उप तहसीलों में हो रहे प्रस्ताव तैयार
HR Breaking News (Haryana lands) बीते कुछ समय में हरियाणा में नए-नए प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं। अब हरियाणा एक उभरता राज्य बन गया है। हरियाणा में अब जमीन खरीदना महंगा होने वाला है। अब सरकार की ओर से 143 तहसीलों और उप तहसीलों में प्रस्ताव तैयार करने की तैयारी की जा रही है। खबर में जानिए कि 1 तारीख से कहां पर जमीनें (Haryana lands expensive ) महंगी होने वाली है।
कलेक्टर रेट बढ़ाने की तैयारी
हरियाणा (Haryana lands rates) में 1 अप्रैल से जमीन के कलेक्टर रेट बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। कलेक्टर रेट के नए सिरे से तय करने के लिए 143 तहसीलों और उप तहसीलों में प्रस्ताव तैयार हो रहे हैं। सोनीपत, गुरुग्राम, झज्जर और फरीदाबाद में कलेक्टर रेट में बंपर इजाफा हो सकता है। इससे पहले बीते वर्ष 1 अगस्त को कलेक्टर रेट में इजाफा (Increase in collector rate) किया गया था, जो आगामी 31 मार्च तक लागू रहने वाले हैं। उस समय औसतन 5 प्रतिशत से लेकर कुछ इलाकों में 80 प्रतिशत तक कलेक्टर रेट में बढ़ौतरी की गई थी। ठीक ऐसे ही दिसंबर 2024 में कलेक्टर रेट में 10 से 58 प्रतिशत का इजाफा हुआ था।
सरकार का कितना बढ़ा राजस्व
बता दें कि कलेक्टर रेट निर्धारण (collector rate determination) से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि आम लोगों पर भार कम पड़ने के लिए बढ़ोतरी को संतुलित रखा जाएगा । इसके बाद भी कई स्थानों पर कलेक्टर रेट में ज्यादा बढ़ौतरी हो सकती है। जैसे ही कलेक्टर रेट बढ़ते हैं तो उससे प्रापर्टी खरीदना महंगा हो जाएगा, क्योंकि स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क भी उसी हिसाब से बढ़ते हैं। हालांकि कलेक्टर रेट बढ़ने से जमीन बेचने वाले किसानों को सीधा लाभ होगा। बीते तीन फाइनेंशियल सालों में जमीन की रजिस्ट्रियों से सरकार के राजस्व में बढ़ौतरी (increase in government revenue) हुई है।
2023 से अब तक सरकार को मिला इतना राजस्व
इससे पहले 2023-24 में स्टांप ड्यूटी (Stamp duty in 2023-24 )से 8883 करोड़ का राजस्व सरकार को मिला था और रजिस्ट्रेशन से सरकार को 600 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था। ठीक ऐसे ही 2024-25 में स्टांप ड्यूटी (Stamp duty in 2024-25) से 10,313 करोड़ रुपये मिले और रजिस्ट्रेशन से 667 करोड़ रुपये मिले। इसके साथ ही 2025-26 में स्टांप ड्यूटी से 12 हजार 322 करोड़ राजस्व सरकार के पास आया और रजिस्ट्रेशन से 777 करोड़ रुपये सरकार को राजस्व मिला।
