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Haryana में ग्रेटर सदर्न पेरिफेरल रोड के लिए 14 गांवों में खरीदी जाएगी भूमि, इन गांवों में मिलेगा मुआवजा

Haryana peripheral road : सरकार हरियाणा के इन्फ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती देने के लिए कई काशिशें कर रही है। अब जल्द ही हरियाणा में ग्रेटर सदर्न पेरिफेरल रोड (Greater Southern Peripheral Road) का निर्माण किया जाने वाला है, जिसके लिए 14 गांवों में भूमि खरीदी जाएगी और इसके लिए इन गांवो के लोगों को मुआवजे का लाभ दिया जाएगा। खबर में जानिए इस बारे में विस्तार से-
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Haryana में ग्रेटर सदर्न पेरिफेरल रोड के लिए 14 गांवों में खरीदी जाएगी भूमि, इन गांवों में मिलेगा मुआवजा

HR Breaking News (Haryana  News) अब हरियाणा में विकास की रफ्तार तेज हो गई है। अब हाल ही में सरकार की ओर से एक और नए प्रोजेक्ट (Haryana Project News) को लेकर तेजी से काम शुरू कर दिया गया है। अब जल्द ही प्रदेश में ग्रेटर सदर्न पेरिफेरल रोड के निर्माण के लिए 14 गांवों में भूमि की खरीद की जाएगी। इस प्रोजेक्ट के तहत कई गांवो के किसान मालामाल होने वाले हैं। आइए खबर में जानते हैं इस पूरे प्रोजेक्ट के बारे में -

 

आखिरी चरण में जमीन अधिग्रहण का प्रोसेस  


दरअसल, आपको बता दें कि गुरुग्राम में ग्रेटर एसपीआर (Greater SPR in Gurugram)  को बनाने के लिए 14 गांवों की 670 एकड़ जमीन के अधिग्रहण का प्रोसेस आखिरी चरण में है। hsvp के प्लान के अनुसार अगले एक सप्ताह में इस जमीन के अधिग्रहण के मुआवजा का ऐलान कर जमीन अपने कब्जे में लिया जाने का प्लान है।  बता दें कि जमीन की एवज (exchange of land)  में तकरीबन 6000 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जा सकता है। भूमि अधिग्रहण विभाग की ओर से इस मुख्य सड़क को बनाने के लिए दो चरणों में जमीन का अधिग्रहण हो रहा है।

 

किन गांव से कितनी ली जाएगी जमीन


इस प्रोजेक्ट के फर्स्ट फेज में गांव बहरामपुर की 26.38 एकड़  जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है और उल्लावास की 17.181 एकड़, कादरपुर की 76.937 एकड़ जमीन का अधिग्रह, मैदावास की 49.775 एकड़, धुमसपुर की 54.481 एकड़ जमीन का अधिग्रह, बादशाहपुर की 51.681 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है।

बता दें कि दो दिन पहले ही hsvp अध्यक्षता में रेट निर्धारण समिति (rate determination committee)  की बैठक में लगभग 276 एकड़ इस जमीन के अधिग्रहण की चर्चां की गई। सूत्रों के अनुसार जमीन मालिकों को इस जमीन के बदले में साढ़े 6 करोड़ रुपये से लेकर 8 करोड़ रुपये के बीच प्रति एकड़ के अनुसार मुआवजा का लाभ (compensation benefit) दिया जाएगा।

शिकोहपुर गांव की मुआवजा राशि सबसे अधिक होगी


मुआवजे राशि की बात  करें तो सूत्रो के अनुसार इस प्रोजेक्ट के तहत जमीन मालिकों को जमीन अधिग्रहण की एवज (redeme for land acquisition) में 8 करोड़ से लेकर 11 करोड़ रुपये के बीच प्रति एकड़ के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा। सबसे अधिक राशि गांव शिकोहपुर की होगी। इस समिति में जो शामिल होंगे। वो- एचएसवीपी के अधीक्षक, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के डीटीपी, एचएसवीपी के संपदा अधिकारी, गुरुग्राम, सोहना और मानेसर तहसील के तहसीलदार शामिल होंगे। 

कब होगी निर्धारण समिति की बैठक 


इस प्रोजेक्ट के दूसरे फेज में 6 गांव की 394 एकड़ जमीन का अधिग्रहण का कार्य (land acquisition work) किया जा रहा है, जिसमे  अकलीमपुर की 5.95 एकड़ जमीन शामिल है और टीकली की 62.95 एकड़ जमीन, सकतपुर की 68.60 एकड़ जमीन, शिकोहपुर की तकरीबन 15.92 एकड़ जमीन, नौरंगपुर की 48.41 एकड़ जमीन। इसके साथ ही गुर्जर की 99.13 एकड़ जमीन, मानेसर की 33.15 एकड़, नैनवाल की 59.92 एकड़ जमीन शामिल है। अब इस हफ्ते में रेट निर्धारण समिति (rate determination committee) की बैठक का आयोजन किया जाएगा।

कब जारी हुआ जमीन अधिग्रहण का नोटिफिकेशन 


बता दें क इस प्रोजेक्ट के जमीन अधिग्रहण (Land acquisition of  project) की धारा 4  का नोटिस 31 दिसंबर, 2013 को ही जारी कर दिया गया था। बता दें कि इस दौरान मालिकों ने इस जमीन अधिग्रहण की एवज में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका को दायर किया था, जिस पर हाईकोर्ट ने स्टे दे दिया था और तकरीबन 12 साल तक यह मामला कोर्ट में चला है। बीते वर्ष नवंबर में हरियाणा सरकार (Haryana Government) के पक्ष में जैसे ही फैसला आया,  उसके बाद जमीन अधिग्रहण का नोटिफिकेशन जारी हुआ।

किस आधार पर दिया जाएगा मुआवजा 


बता दें कि साल 2011 से लेकर साल 2013 में खेतीहर जमीन की तहसील (Tehsil of agricultural land) में सबसे ज्यादा किस रेट के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री हुई। इन गांवों में रजिस्ट्री किस रेट के बेस पर की गई थी, उसका औसत भी निकाला जाना है। इसके साथ ही साल 2013 में कलेक्टर रेट (Collector Rate in 2013)  क्या था। इन दोनों में से जो राशि ज्यादा होगी, उसके आधार पर मुआवजे का भुगतान किया जाएगा।