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New gratuity Rules 2026 : 45,000, 75,000 रुपये की बेसिक सैलरी पर इतनी मिलेगी ग्रेच्युटी, जानिए कैसे होगा कैलकुलेशन

New gratuity Rules 2026 : ज्यादातर प्राइवेट जॉब करने वाले कर्मचारियों को ग्रेच्यूटी के नियमों का पता नहीं होता है। अगर कोई कर्मचारी किसी कंपनी में 5 साल कम करता है तो उसे ग्रेच्यूटी का फायदा मिलता है, लेकिन अब जल्द ही में ग्रेच्यूटी के नियमों में बदलाव किया गया है, जिसके तहत अब 1 साल में 45,000, 75,000 रुपये बेसिक पे पाने वाले कर्मचारियों को इतनी ग्रेच्यूटी (Gratuity Ke Niyam) का लाभ मिलेगा। आाइए खबर में जानते हैं इस बारे में।
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New gratuity Rules 2026 : 45,000, 75,000 रुपये की बेसिक सैलरी पर इतनी मिलेगी ग्रेच्युटी, जानिए कैसे होगा कैलकुलेशन 

HR Breaking News (New gratuity Rules) अक्सर देखा जाता है कि युवा ज्यादा समय के लिए किसी एक कंपनी में अपनी सेवा नहीं देते हैं, खासकर युवा लोग जल्दी-जल्दी नौकरियां बदलते हैं। पहले ऐसे लोगों को ग्रेच्यूटी नहीं मिलती थी, लेकिन अब ग्रेच्यूटी (New Gratuity Rules In India) के निमयों में बदलाव किया गया है, जो कर्मचारियों के लिए जाननी जरूरी है। ऐसे में आइए खबर में जानते हैं कि ग्रेच्यूटी नियमों में बदलाव से 45,000, 75,000 रुपये की बेसिक सैलरी पर कर्मचारियों को कितनी ग्रेच्यूटी मिलेगी।

 

जानिए क्या होती है ग्रेच्यूटी 


कई कर्मचारियों को अब भी ग्रेच्यूटी (gratuity kya hai)  का नहीं पता है। सबसे पहले तो आप यह जान लें कि ग्रेच्युटी कर्मचारियों को कंपनी में उनकी सर्विस के बदले दी जाती है। ग्रेच्यूटी के रूप में यह पैसा कर्मचारी को नौकरी छोड़ते समय उसकी लगातार मेहनत के लिए दिया जाता है ।

 

1 साल की नौकरी के बाद मिलेगी ग्रेच्यूटी 


वैसे तो कर्मचारियों को 5 साल की सेवा के बदले ग्रेच्यूटी  (kb milti hai gratuity ) दी जाती है, लेकिन अब  नए सोशल सिक्योरिटी कोड के तहत फिक्स्ड टर्म और कॉन्ट्रैक्ट पर कार्यरत कर्मचारियों को केवल 1 साल की नौकरी के बाद ग्रेच्युटी का फायदा (Gratuity benefit) भी मिल सकता है। हालांकि, निमयों के तहत अभी भी परमानेंट कर्मचारियों के लिए पांच साल का नियम लागू है।

1 साल की ग्रेच्युटी के लिए इन शर्तों का करें पालन 
जानकारी के लिए बता दें कि कर्मचारियों को 1 साल की ग्रेच्युटी (1 year gratuity to employees) का फायदा 1 साल लगातार काम करने पर ही मिलेगा। बीच में लंबा ब्रेक या ज्यादा छुट्टी होने पर कर्मचारियों को ग्रेच्यूटी मिलने में अड़चन आ सकती है। मान लें कि अगर कर्मचारी नौकरी छोड़ता है, तो ऐसे में ग्रेच्युटी की काउंटिग (Counting of gratuity) जॉइनिंग डेट से लेकर आखिरी वर्किंग डे तक होती है। खासतौर पर नौकरी छोड़ने या फिर शॉर्ट टर्म काम करने वालो के लिए ये नियम काम का है।

कैसे होगा ग्रेच्यूटी का केलकुलेशन 


हम आपको एक उदाहरण के माध्यम से समझाते हैं। जैसे कि अगर आपकी बेसिक सैलरी 45,000 रुपये के आस-पास है और आपने एक साल के आस-पास कंपनी में वर्क किया है तो ऐसे में आपको लगभग 25,962 रुपये की ग्रेच्युटी का फायदा (gratuity ka fayda) मिल सकता है। इससे पता चलता है कि कम समय काम करने वालों को भी इसका सीधा फायदा मिल सकता है।


75,000 रुपये बेसिक सैलरी पर मिलेगा इतना पैसा 


वहीं, अगर आपकी बेसिक सैलरी 75,000 रुपये है और आपने 1 साल वर्क किया है तो इन कर्मियों को ग्रेच्युटी की रकम (Gratuity amount to employees)  लगभग 43,269 रुपये के पास हो जाती है। ग्रेच्युटी निकालने के लिए कर्मियों को लास्ट बेसिक सैलरी को नौकरी के सालों से केलकुलेट किया जाता है और फिर उसे 15 से मल्टीप्लाई कर उसे 26 से भाग दिया जाता है। अब नए लेबर कोड के मुताबिक एक महीने में 26 वर्किंग डे माने जाते हैं, जिसमे साप्ताहिक छुट्टियां जोड़ी नहीं जाती है। इस वजह से ग्रेच्युटी की गिनती 26 के अनुसार होती है।


ग्रेच्यूटी केलकुलेट करने का फॉर्मूला 


अगर आप ग्रेच्यूटी के फॉर्मूले (Gratuity calculation formulas) के बारे में जानना चाहते हैं तो बता दें कि ग्रेच्युटी निकालने का आसान फॉर्मूला आसान शब्दों में आखरी बेसिक सैलरी + DA x नौकरी के साल x 15 / 26 है। आप घर बैठे इस फॉर्मूले से अपनी ग्रेच्युटी खुद निकाल सकता है। इसके साथ ही अगर किसी कर्मचारी ने 11 महीने से ज्यादा काम किया है तो भी कर्मियों को 1 साल की ग्रेच्यूटी का फायदा मिलेगा, क्योंकि इस टाइमपिरियड को भी पूरा एक साल माना जा सकता है और ग्रेच्युटी मिल सकती है।

ये हैं कर्मियों के लिए बड़ी राहत


बता दें कि जॉब बदलने वाले कर्मचारियों के लिए राहत की खबर यह है कि ग्रेच्युटी पूरी तरह टैक्स फ्री (Gratuity Tax Free) होती है। ग्रेच्यूटी की रकम पर कोई टैक्स नहीं देना पड़ता। अगर आप भी जॉब बदलते रहते हैं तो ऐसे में बेसिक सैलरी, नौकरी का समय और ग्रेच्युटी का हिसाब जरूर लगाएं।