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New Industrial Area: प्रदेश में बनाया जाएगा नया औद्योगिक क्षेत्र, इस जिले में होगा विकास

New Industrial Area: प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए एक और नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा। जिले में प्रस्तावित इस परियोजना से निवेश को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। सरकार की इस पहल से क्षेत्र में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है-

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New Industrial Area: प्रदेश में बनाया जाएगा नया औद्योगिक क्षेत्र, इस जिले में होगा विकास

HR Breaking News, Digital Desk- (New RIICO Industrial Area) अलवर जिले को जल्द ही एक और नया रीको औद्योगिक क्षेत्र मिलने जा रहा है। जिला कलक्टर ने रैणी के धोराला (Raini's Dhorala) में करीब 24.63 हेक्टेयर जमीन इसके लिए आरक्षित कर दी है और रीको को डिमांड नोट भी जारी कर दिया गया है। हालांकि रामगढ़ में दो और बरखेड़ा में एक औद्योगिक क्षेत्र का प्रस्ताव नेशनल कंजर्वेशन जोन (NCZ) में लंबे समय से अटका हुआ है।

दरअसल, सरिस्का टाइगर रिजर्व (Sariska Tiger Reserve) और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शामिल होने के कारण अलवर में औद्योगिक क्षेत्रों को मंजूरी पाने के लिए कई सख्त प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। खासकर प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों को यहां अनुमति नहीं मिल पाती। यही कारण है कि नए औद्योगिक क्षेत्र के प्रस्ताव अक्सर लंबित या अटक जाते हैं।

दो नए औद्योगिक क्षेत्रों को मिली मंजूरी-

केंद्र की मंजूरी के बाद अलवर (alwar) में हाल ही में दो नए औद्योगिक क्षेत्र स्वीकृत किए गए हैं। कठूमर के रूंध सौकरी में करीब 25 हेक्टेयर में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है, जहां 4 भूखंडों का आवंटन हो चुका है और 17 के लिए डिमांड नोट जारी किए गए हैं। अब रैणी के धोराला में नए औद्योगिक क्षेत्र को मंजूरी मिलने से उद्योगों को और भूखंड उपलब्ध हो सकेंगे। हालांकि यहां केवल प्रदूषण रहित उद्योगों (pollution free industries) की स्थापना ही संभव होगी।

यहां अब भी इंतजार-

रामगढ़ के मूनपुर करमाला और रसगन तथा मालाखेड़ा के बरखेड़ा में भी औद्योगिक क्षेत्र प्रस्तावित हैं, लेकिन इनका मामला लंबे समय से नेशनल कंजर्वेशन जोन (NCZ) में लंबित है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद ही इन परियोजनाओं पर आगे काम शुरू हो सकेगा।

एमआईए में भूखंडों की कमी, भिवाड़ी में उपलब्ध विकल्प-

अलवर में इस समय सबसे बड़ी समस्या यह है कि उद्योगपति यहां निवेश करना चाहते हैं, लेकिन एमआईए में भूखंड उपलब्ध नहीं हैं। इसके चलते उद्योग विभाग को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और राइजिंग राजस्थान समिट के दौरान हुए कई एमओयू भी जमीन की कमी के कारण आगे नहीं बढ़ पाए हैं। दूसरी ओर भिवाड़ी के रीको औद्योगिक क्षेत्र (RIICO Industrial Area, Bhiwadi) में अभी भी कई भूखंड खाली पड़े हैं, जहां उद्योग स्थापित किए जा सकते हैं।