New Link expressway : ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण तेज, 5 तहसीलों के 39 गांवों की होगी मौज
New Link expressway :कहा जाता है कि जो देश सड़के बनाते हैं, उन देशों को फिर सड़के बनाने का काम करती हैं। यानी कि आसान सफर देश की प्रगति का काम करता है। इसी पर विश्वास रखते हुए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार देश में लगातार हाईवे नेटवर्क को मजबूत कर रही है। देश भर में नए-नए एक्सप्रेसवे बनाए जा रहे हैं। अब एक ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेसवे को लेकर भी भूमि अधिग्रहण का कार्य तेज हो गया है। इससे 39 गांवों की मौज हो जाएगी।
HR Breaking News (New Link Expressway Update) देश में लगातार एक्सप्रेसवे नेटवर्क को मजबूत बनाया जा रहा है। भारत में सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे की बात करें तो सबसे ऊपर नाम उत्तर प्रदेश का आता है। उत्तर प्रदेश में लगातार नए-नए एक्सप्रेसवे बनाए जा रहे हैं। अब यहां पर एक और नए लिंक एक्सप्रेस वे बनाया जाएगा। नया लिंक एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के विकास को नई पंख लगाने का काम करेगा।
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया की गई तेज
नया लिंक एक्सप्रेसवे (expressway Updates) पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बनाया जाएगा। इस परियोजना के तहत ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेसवे की भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो गई है। भूमि अधिग्रहण के लिए दरों का निर्धारण जिला प्रशासन की तरफ से किया जाएगा। बता दें कि यह नया लिंक एक्सप्रेस वे जेवर एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने का काम करेगा। इसलिए यह एक्सप्रेसवे बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है।
5 तहसीलों के 39 गांव के किसानों को होगा लाभ
इस लिंक एक्सप्रेसवे (New link Expressway) के लिए किसानों से भूमि खरीदी जाएगी। इस ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेसवे की भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अब तेज कर दी गई है। इस एक्सप्रेसवे की जद में उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले की 5 तहसीलों के 39 गांव की भूमि आएगी। ऐसे में यहां के करीब 8700 किसानों की जमीन खरीदी जाएगी।
जिला प्रशासन तय करेगा कीमत
जमीन की कीमतों को लेकर बताया जा रहा है कि जिला प्रशासन की तरफ से यह कीमत (New expressway Update) तय की जाएगी। यूपीडा के अधिकारियों की तरफ से रिपोर्ट के अनुसार 677 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। इसके लिए जिला प्रशासन ही दरें तय करेगा।
नए उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा
एक्सप्रेसवे के बन जाने से पश्चिम उत्तर प्रदेश (UP New expressway) की इकोनॉमी को पंख लगेंगे। यहां पर नए उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। गंगा एक्सप्रेसवे और जयपुर के बीच की सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी। हापुड़, बुलंदशहर में आसपास के क्षेत्र में औद्योगिक निवेश बढ़ाने की भी संभावना है। एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ वेयर हाउसिंग लॉजिस्टिक हब और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट बनाई जा सकती है।
किसानों के साथ-साथ युवाओं को मिलेगा रोजगार
इस एक्सप्रेसवे की भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition for expressway) से जहां किसानों को लाभ मिलेगा और मुआवजा के रूप में उनको पैसे के साथ-साथ जमीन के रेट बढ़ने का फायदा हो सकता है, तो दूसरी तरफ क्षेत्र में नए रोजगार पैदा होने की भी संभावना है। इससे युवाओं को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा। एक्सप्रेसवे के किनारे जमीन की कीमत बढ़ सकती है।
एक्सप्रेसवे से होगी समय की बचत
नया एक्सप्रेसवे (New expressway Update) बन जाने से समय की सीधी बचत होगी। बुलंदशहर से एयरपोर्ट जाने के लिए फिलहाल परेशानियों का सामना करना पड़ता है। फिलहाल जो सड़के हैं वह ज्यादा चौड़ी नहीं है। ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेसवे बनने से समय की बचत होगी और दूरी भी कम हो जाएगी। एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा, जिस पर वाहन बिना रुकावट के फर्राटा भर सकेंगे।
इन गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित
एक्सप्रेसवे (expressway Update) के लिए खुर्जा तहसील के गांव अमानुल्लापुर उर्फ मारहरा, इनायतपुर उर्फ मधुपुरा, कपना, भगवानपुर, हसनपुर लडूकी, बीघेपुर, सनैता शफीपुर, भदौरा, वरतौली, खवरा, धरारी, दीनौल, खलसिया चूहरपुर, विचौला और धरांऊ, बुलंदशहर तहसील के गांव औरंगाबाद, हिंगथला उर्फ भावसी, चरौरा मुस्तफाबाद, सैदपुरा, इस्माइला, सराय छबीला, अडौली, दोहली, चिरचिटा, मामन खुर्द, मामनकलां, भाईपुर, ऐमनपुर, कलौली, बंगला पूठरी और पिपाला उनके अलावा स्याना, शिकारपुर और अनूपशहर तहसीलों के भी कई गांव शामिल हैं।
