New Railway Line : 1481 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी नई रेलवे लाइन, ड्रोन से हुआ फाइनल सर्वे
HR Breaking News- (New Railway Line) देश के कई हिस्सों में कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने के लिए एक ओर नई रेलवे लाइन (New Railway Line) बिछाए जाने की मंजूरी दे दी गई है। बीते कुछ समय की जिद्दो-जहद के बाद नई रेलवे लाइन बिछाने को मंजूरी दी गई है। इस नई रेलवे लाइन को बिछाने के लिए 1481 करोड़ रुपये की लागत आंकी गई है। आइए खबर के माध्यम से जानते हैं किये रेलवे लाइन कहां बिछाई जाने वाली है।
कहां से कहां बिछेगी नई रेल लाइन
इस रेल प्रोजेक्ट के लिए ‘सांडी रेल लाओ संघर्ष समिति’ (Sandi Rail Lao Sangharsh Samiti) ने बीते सालों से लगातार धरने-प्रदर्शन किए हैं। कस्बा स्तर से लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर तक प्रदर्शन हुए हैं और प्रधानमंत्री कार्यालय व रेल मंत्रालय को हजारों ज्ञापन भेजे गए। लंबे संघर्ष के बाद रेल मंत्रालय (Ministry of Railways) की ओर से प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है। बता दें कि हरदोई से गुरसहायगंज वाया सांडी रेल लाइन की शुरुआती लंबाई 59.30 किलोमीटर तय की गई थी, जिसे साल 2023 में बढ़ाकर 63.70 किलोमीटर किया गया। इस प्रोजेक्ट की लागत भी 1302 करोड़ से बढ़कर 1481 करोड़ रुपये तय की है, जिसे फाइनल प्रोजेक्ट रिपोर्ट में शामिल किया है।
किस कंपनी ने किया ड्रोन से फाइनल लोकेशन सर्वे
रेल लाइन प्रोजेक्ट को उत्तर रेलवे की पिंक बुक (Northern Railway's Pink Book) में साल 2019-20 से लगातार स्थान मिला है। इसके साथ ही 2021-22, 2022-23 और 2023-24 के रेल बजट में भी इसे फर्स्ट प्राथमिक प्रोजेक्ट के रूप में रिकॉर्ड किया गया। रेलवे इस लाइन को रणनीतिक और क्षेत्रीय रूप से जरूरी माना जा रहा है।
साल 2021 में दिल्ली की मेसर्स ट्रांसलिक कंपनी (M/s Translic Company of Delhi) की ओर से ड्रोन से फाइनल लोकेशन सर्वे किया गया था, जिसके लिए रेलवे बोर्ड ने 74 लाख रुपये के बजट की स्वीकृति जारी की है। उसके बाद जनवरी 2022 में हरदोई से गुरसहायगंज तक कई ग्रामीण इलाको में सीमांकन पोल लगाकर रेल रूट का सीमांकन का काम पूरा किया गया है।
नई रेल लाइन पर प्रस्तावित है ये स्टेशन
बता दें कि इस नई रेल लाइन (new railway line) पर जिन स्टेशन को प्रस्तावित किया गया है। उनमे हरदोई करना, हरदोई ब्लॉक हट, कुतवापुर, पिंडारी, सांडी, भदार, सिया, चचासांडा और गुरसहायगंज के साथ ही कई नए स्टेशन का नाम शामिल है। इन स्टेशनों के निर्माण से ग्रामीण और अर्धशहरी इलाकों को रेल सुविधा मिलेगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
सांडी रेल लाओ संघर्ष समिति (Sandi Rail Lao Sangharsh Samiti) के अध्यक्ष द्वारा आरटीआई के जरिए पता चला है कि अभी फिलहाल सर्वे में प्रोजेक्ट की लंबाई और लागत में बढ़ौतरी की गई है। अब रेल मंत्रालय के द्वारा 1302 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित कर दिया गया है, जिससे इस प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने की उम्मीदें बढ़ी है।
