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New Railway Line : प्रदेश को मिली नई रेलवे लाइन की सौगात, रूट भी हुआ फाइनल

New Railway Line : देश भी अब रेलवे की सुविधाओं को विकसित करने के लिए ओर रेलवे के विकास को देखते हुए नई रेलवे लाइन बिछाई जा रही है। अब जल्द ही प्रदेश को एक ओर नई रेलवे लाइन (New Railway Line) की सौगात मिलने वाली है। इसके लिए रूट भी फाइनल हो गए हैं। आइए खबर के माध्यम से जानते हैं कि इस नई रेलवे लाइन की सौगात कहां दी जाने वाली है।
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New Railway Line : प्रदेश को मिली नई रेलवे लाइन की सौगात, रूट भी हुआ फाइनल

HR Breaking News (New Railway Line ) रेलवे की ओर से देश के कई हिस्सों में रेलवे लाइन बिछाई जा रही है। अब हाल ही में एक नई रेलवे लाइन (Railway updates)  को बिछाने के लिए मंजूरी दी गई है। इस नई रेलवे लाइन के बिछाए जाने से प्रदेश की कनेक्टिविटी को एक नई रफ्तार मिलेगी और इस नई रेल लाइन के लिए रूट फाइनल किए जा चुके हैं। आइए खबर के माध्यम से जानते हैं कि ये नई रेलवे लाइन कहां बिछाई जाने वाली है।

 

कब से चल रही थी इस प्रोजेक्ट की मांग 


सबसे पहले तो आपको यह बता दें कि हरदोई से गुरसहायगंज वाया सांडी नई रेलवे लाइन (Hardoi to Gursahaiganj via Sandi railway line) प्रोजेक्ट को हरी झंडी दिखा दी गई है। इस प्रोजेक्ट में कुल 1302 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है और इस रेल लाइन से हरदोई और कन्नौज रेल नेटवर्क से सीधे कनेक्ट हो सकेंगे, जिससे आवागमन सुगम होगा। सांडी रेल लाओ संघर्ष समिति की ओर से इस रेल प्रोजेक्ट के लिए दो दशकों से आंदोलन किया है। इस दौरान कस्बा स्तर से लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर तक धरना-प्रदर्शन किए गए और प्रधानमंत्री कार्यालय व रेल मंत्रालय को हजारों ज्ञापन भेजे गए। इतने वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद और जनदबाव के चलते रेल मंत्रालय की ओर से प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली है।

 

कितनी होगी रेलवे लाइन की लंबाई


शुरुआत में तो हरदोई से गुरसहायगंज वाया सांडी रेल लाइन की लंबाई (Length of railway line) 59.30 किलोमीटर तय की गई थी, जिसे साल 2023 में बढ़ाकर 63.70 किलोमीटर तय किया गया।  इसके साथ ही प्रोजेक्ट लागत भी 1302 करोड़ से बढ़ गई और 1481 करोड़ रुपये तय की गई, जिसे फाइनल प्रोजेक्ट रिपोर्ट में जोड़ा गया।

क्यों महत्तवपूर्ण है ये रेलवे लाइन 


बता दें कि रेल लाइन प्रोजेक्ट (Railway line project) को उत्तर रेलवे की पिंक बुक (Northern Railway Pink Book) में साल 2019-20 से लगातार स्थान मिला है और 2021-22, 2022-23 और 2023-24 के रेल बजट में भी इसे प्राथमिक प्रोजेक्ट के रूप में रिकॉर्ड किया गया है, जिससे यह क्लियर होता है कि रेलवे इस लाइन को रणनीतिक रूप से जरूरी मान रहा है।

 

कब हुआ था फाइनल लोकेशन सर्वे 


दिल्ली की मेसर्स ट्रांसलिक कंपनी (M/s Translik Company) की ओर से साल 2021 में ड्रोन से फाइनल लोकेशन सर्वे का काम किया गया था, जिसके लिए रेलवे बोर्ड  (Railway Board) की ओर से 74 लाख रुपये की धनराशि जारी हुई और उसके बाद जनवरी 2022 में हरदोई से गुरसहायगंज तक कई ग्रामीण इलाकों में सीमांकन पोल लगाकर रेल रूट का चिन्हांकन का काम पूरा किया गया।

 

नई रेल लाइन पर बनेंगे ये स्टेशन

बता दें कि प्रदेश में बन रही इस नई रेल लाइन पर कई स्टेशन (Stations on new railway line)  प्रस्तावित किए गए हैं, जिनमे हरदोई ब्लॉक हट, कुतवापुर, पिंडारी, सांडी, भदार, सिया, चचासांडा और गुरसहायगंज सहित कई नए स्टेशन शामिल हैं।  इन स्टेशनों के निर्माण से ग्रामीण और अर्धशहरी इलाकों को रेलवे की सुविधा मिलेगी और स्थानीय व्यापार व रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। 

प्रोजेक्ट की लंबाई और लागत में इजाफा


सांडी रेल लाओ संघर्ष समिति (Sandi Rail Lao Struggle Committee)  के अध्यक्ष की ओर से आरटीआई के जरिए मिली जानकारी के मुताबिक, अभी के सर्वे में प्रोजेक्ट की लंबाई (Project length in the survey)  और लागत में इजाफा कर दिया गया है।  अब रेल मंत्रालय की ओर से बजट के तौर पर 1302 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया है, जिससे इस बहुप्रतीक्षित रेल प्रोजेक्ट (Much-awaited rail project) के निर्माणा को लेकर उम्मीदें काफी बढ़ गई है।