New Railway Line : नई रेलवे लाइन पर 4 दिन चलेगा ट्रायल, पहली बार दौड़ेगा इंजन
HR Breaking News : (Railway Line Project) भारतीय रेलवे विभाग की तरफ से लोगों को अच्छी सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए लगातार रेलवे का विस्तार किया जा रहा है। देशभर में नई-नई रेलवे लाइन बिछाई (New Railway Line) जा रही है तथा यात्रियों को अच्छी सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए हर एक उच्च स्तर की कोशिश की जा रही है। मध्य प्रदेश (MP News) के धार जिले में रेलवे लाइन बिछाने के कार्य को लगभग पूरा कर लिया गया है और जल्द ही धार जिले में अब पटरी पर ट्रेन दौड़ने वाली है।
आपको बता दे की इंदौर-दाहोद प्रोजेक्ट में पीथमपुर से धार के बीच नई रेलवे लाइन का काम (New railway line work) पूरा हो चुका है। अब 38 किलोमीटर के इस ट्रैक पर ट्रेन का ट्रायल (Train trial on track) किया जाएगा। 23 से 26 मार्च के बीच इंजन (टॉवर वैगन) को 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया जाएगा। आजादी के बाद पहली बार ट्रेन का इंजन (train engine) धार तक पहुंचेगा।
रेलवे लाइन का ट्रायल करने की पूरी तैयारियां
रेलवे विभाग के एक अधिकारी की तरफ से बताया गया है कि पीथमपुर से धार तक नई रेलवे लाइन का कार्य पूरा हो चुका है और अब इस हिस्से में इंजन के माध्यम से निरीक्षण (railway line trial) किया जाएगा। रेलवे विभाग की तरफ से हम लोगों को कहा गया है कि सुबह 9 बजे से रात 9 बजे बजे के बीच 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रायल किया जाएगा। विभाग (Indian Railway) की तरफ से साफ-साफ कहा गया है कि पीतमपुर से धार के स्टेशनों के बीच कोई भी नजदीक ना आए क्योंकि किसी भी तरह की दुर्घटना हो सकती है। यहां पर इंजन को तेज गति से दौड़ाकर पटरी की मजबूती को परखा जाएगा।
इन जिलों को मिलेगा लाभ
मध्य प्रदेश (MP News) में शुरू होने वाली इस 208 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन (New railway line) से झाबुआ, धारऔर अलीराजपुर जैसे जिलों को सीधा फायदा मिलेगा। नई रेलवे लाइन की शुरूआत से आवागमन के नए रास्ते खुलेंगे तथा रोजगार व व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। नई रेलवे लाइन परियोजना की शुरुआती लागत करीब 4000 करोड़ रुपए थी, जो अब बढ़कर लगभग 18 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच गई है।
परियोजना की शुरुआती लागत करीब 4000 करोड़ रुपए थी, जो अब बढ़कर लगभग 18 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच गई है। देरी के बावजूद अब यह प्रोजेक्ट अपने पहले चरण में पूरा होता नजर आ रहा है।
पिछलें महीनें पूरी हो चुकी डेडलाइन
टिही के आगे बनने वाली टनल का काम अभी पूरा नहीं हुआ है और इसे खत्म होने में करीब 2 से 3 महीने और लग सकते हैं। इसी वजह से रेलवे विभाग की तरफ से फिलहाल टनल वाले हिस्से को छोड़कर पीथमपुर से धार तक बचे हुए काम को तेजी से पूरा किया जा रहा है।
इस सेक्शन में ट्रॉली चलाकर ट्रायल किया जाएगा। हालांकि ट्रैक पर कुछ पुलों का काम अभी बाकी है, लेकिन एक तरफ की सर्विस रोड तैयार कर ली गई है। इस प्रोजेक्ट में इंदौर, राऊ, टिही, पीथमपुर, सागौर, गुणावद और धार जैसे स्टेशन शामिल हैं।
वहीं टिही के आगे जिस टनल की वजह से लगातार यह प्रोजेक्ट लेट हो रहा है, उसमें बार-बार रेलवे अधिकारी (railway officer) टाइम लाइन बढ़ा रहे हैं। खास बात यह है कि यह टनल शुरूआती योजना में शामिल नहीं थी, बल्कि 2013-14 में टिही के आगे करीब 3 किलोमीटर लंबी टनल का प्रस्ताव (Tunnel proposal) जोड़ा गया। इसका निर्माण 2017-18 में शुरू हुआ, लेकिन कोरोना काल में ठेका खत्म कर दिया गया। बाद में जून 2023 में काम फिर से शुरू हुआ। लगातार देरी के चलते इस प्रोजेक्ट की लागत भी तीन गुना से ज्यादा बढ़ चुकी है।
इतने दिन बाद दौडेगी ट्रेन
अब लोगों के मन में सवाल चल रहा है कि टिही से धार तक ट्रेन कितने दिन बाद दौड़नी शुरू होगी? इस पर रेलवे विभाग (Railway Department) के अधिकारियों की तरफ से कहा गया है कि अभी आगे वाले टनल का काम बचा हुआ है जिससे मई-जून तक पूरा किया जाएगा और टनल का काम (tunnel work) पूरा होने के बाद ही ट्रेन चलेगी। अधिकारियों की तरफ से बताया जा रहा है कि टनल का काम काफी चुनौतीपूर्ण है। इसलिए इसमें समय लग रहा है।
