Uttar Pradesh में बनेगा नया सुपरफास्ट एक्सप्रेसवे, तीन राज्यों को मिलेगी कनेक्टिविटी, 31 गांवों में बढ़ेंगे जमीन के रेट
New Expressway : उत्तर प्रदेश को देश के अन्य राज्यों के साथ जोड़ने के लिए सरकार लगातार नए-नए एक्सप्रेसवे और हाईवे का निर्माण करवा रही है। सरकार के इन प्रयासों के चलते उत्तर प्रदेश आज सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला राज्य बन गया है। अब यूपी वालों के लिए एक गुड न्यूज़ है। दरअसल सरकार ने प्रदेश में नया सुपरफास्ट एक्सप्रेसवे बनाने का ऐलान किया है। इस एक्सप्रेसवे के बनने से तीन राज्य एक साथ कनेक्ट होंगे। चलिए नीचे खबर में जानते हैं क्या होगा नए एक्सप्रेसवे का रूट -
HR Breaking News - (UP New Expressway)। देश में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए सरकार तेजी से कम कर रही है। राज्य में नई एक्सप्रेस योर हाईवे बनाए जा रहे हैं। वहीं कई जगहों पर सड़क के दोहरीकरण का काम भी प्रगति पर है। अब उत्तर प्रदेश में तीन राज्य एक साथ कनेक्ट होने वाले हैं। दरअसल, अलीगढ़ से लेकर पलवल तक बेहतर किलोमीटर का नया ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे (New Green Field Expressway) बनाने की तैयारी चल रही है।
नोएडा एयरपोर्ट से जुड़ेगा हरियाणा का शहर -
एक्सप्रेसवे के बनने से उत्तर प्रदेश से दिल्ली और हरियाणा तक आना-जाना काफी आसान हो जाएगा। इस एक्सप्रेसवे को बनाने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को सौंप गई है। इस परियोजना को पूरा करने के लिए 1350 करोड रुपए से ज्यादा का खर्च आएगा। इसमें भूमि अधिग्रहण (Land acquisition) की प्रक्रिया को 700 करोड रुपए में पूरा किया जाएगा। हरियाणा के पलवल शहर को नोएडा एयरपोर्ट (Noida Airport) के साथ जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को नोएडा एक्सप्रेसवे के साथ भी कनेक्ट किया जाएगा, जिससे सफर आसान और तेज होगा।
30 मिनट में होगा सफर -
बता दें कि पलवल से अलीगढ़ के बीच 72 किलोमीटर लंबा रास्ता ठीक स्थिति में नहीं है। ऐसे में सफ़र को आसान और तेज करने के लिए सरकार नया एक्सप्रेसवे (New Expressway) बना रही है। इस एक्सप्रेसवे के बनने से अलीगढ़ से पलवल के बीच की दूरी केवल 30 मिनट में पूरी की जा सकेगी। हरियाणा के पलवल शहर में एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए पेड़ों की कटाई शुरू हो गई है। यूपी बॉर्डर की ओर से भी अलीगढ़ टप्पल रोड पर मिट्टी को पाटकर रोड को बराबर किया जा रहा है। प्रशासन ने सड़क किनारे अवैध कब्जों (illegal encroachments) को हटाने की प्रक्रिया को भी तेज कर दिया है। इस प्रोजेक्ट के तहत सबसे पहले खैर इलाके में बाईपास बनाया जाएगा।
18 महीनों में पूरा होगा अलीगढ़ पलवल एक्सप्रेसवे
31 गांवों से गुजरेगा ये ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे
1350 करोड़ रुपये की लागत आएगी इसमें
2 बड़े एक्सप्रेसवे और नोएडा एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी
यमुना पर बनाया जाएगा नया ब्रिज -
अलीगढ़ पलवल ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (Aligarh Palwal Greenfield Expressway) निर्माण के बाद यमुना नदी पर एक ब्रिज भी बनाने की तैयारी चल रही है। इससे हरियाणा और वेस्ट यूपी के बीच आवाजाही और बेहतर होगी। पलवल अलीगढ़ एक्सप्रेसवे तैयार करने में करीब डेढ़ साल का समय लग सकता है। ये अलीगढ़ यमुना एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल, नोएडा, दिल्ली, पलवल और गुरुग्राम तक रोड कनेक्टिविटी और आवाजाही आसान हो जाएगी. हर दिन लगभग एक लाख वाहनों को तेज रफ्तार की सौगात मिलेगी।
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे
ईस्टर्न पेरिफरल एक्सप्रेसवे भी दिल्ली के लिए वरदान है.ये सड़क दिल्ली के चारों ओर एक विशाल रिंग रोड की तरह है. इससे अलीगढ़ को गुरुग्राम, गाजियाबाद और कुंडली जैसे स्थानों से कनेक्टिविटी मिलेगी. अलीगढ़ पलवल एक्सप्रेसवे पलवल में इस एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा.
एक्सप्रेसवे के बनने से होगा यह फायदा -
अलीगढ़ पलवल एक्सप्रेसवे (Aligarh Palwal Expressway) से निर्माण कार्य में स्थानीय श्रमिकों, इंजीनियरों और सप्लाई चेन के लोगों को रोजगार मिलेगा।
इस एक्सप्रेसवे से अलीगढ़ से लेकर पलवल तक औद्योगिक विकास की नई दिशा मिलेगी। कॉरिडोर के किनारे कई नए लॉजिस्टिक्स हब, गोदाम और छोटी औद्योगिक इकाइयां लगेंगी। जिससे राज्य में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। अलीगढ़, दिल्ली और गुड़गांव के बीच यात्रा का समय कम होने से व्यापार लागत में कमी आएगी और कारोबार अधिक आसान होगा
