November New Rules : टोल प्लाजा से लेकर जीएसटी तक देश में बदलें ये 5 नियम
HR Breaking News (November New Rules) नवंबर का महीना शुरू हो गया है और इस महीने की शुरुआत के साथ नियमों में बड़ा बदलाव कर दिया गया है, जिनमे टोल प्लाजा से लेकर जीएसटी तक कई नियम (GST rules) शामिल है। देशभर में आज से 5 नियमों में बड़े बदलाव किए गए हैं। खबर में जानिए सरकार की ओर से टोल प्लाजा से लेकर जीएसटी तक किन नियमों में बदलाव किया गया है।
डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान की शुरुआत
आज 1 नवंबर से देशभर में डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान (Digital Life Certificate Campaign) की शुरुआत की गई है। पेंशनरों को घर बैठे स्मार्टफोन से चेहरा स्कैन करके जीवन प्रमाण पत्र जमा करने का अवसर मिलेगा। वहीं, पेंशन न रूके, इसके लिए 80 साल से कम उम्र के पेंशनर 30 नवंबर तक जीवन प्रमाण पत्र को जमा कर सकते हैं।
बाहर के राज्यों में रजिस्टर्ड वाहनों की एंट्री बंद
दूसरा महत्तवपूर्ण बदलाव यह हुआ है कि दिल्ली में आज 1 नवंबर से बाहर के राज्यों में रजिस्टर्ड उन वाहनों की एंट्री बंद (Entry of vehicles banned in Delhi) होगी, जो bs-6 उत्सर्जन मानक को पूरा नहीं करते हैं। नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद के साथ NCR के 10 लाख से ज्यादा पुराने वाहनों पर इस नियम का प्रभाव पड़ेगा।
वाहन मालिकों के लिए रियायती स्थानीय पास की व्यवस्था
केंद्र सरकार (Central government) की ओर से टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र निजी वाहन मालिकों के लिए रियायती स्थानीय पास की व्यवस्था (Concessional local pass system) की शुरुआत की गई है। अब सालाना 1500 से 3000 रुपये खर्च कर पूरे साल संबंधित टोल प्लाजा से आवागमन हो सकेगा।
1 नवंबर से कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन नियम लागू
इसके साथ ही देशभर में 1 नवंबर से कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन नियम (Calling Name Presentation Rules) को लागू किया है। अब जेसे ही अनजान नंबर से कॉल आते हैं तो स्क्रीन पर नंबर के साथ ही कॉलर का असली नाम शो होगा, जिसके लिए मोबाइल फोन में सेटिंग बदलने का कोई ऐप डाउनलोड करने की भी आवश्यकता नहीं होगी।
जीएसटी व्यवस्था में मिलेगी व्यापारियों को राहत
इसके अलावा जीएसटी व्यवस्था में व्यापारियों की राहत के लिए कई बदलाव (Changes in GST system) लागू किए गए हैं, जिससे कारोबारियों की बिक्री के बाद छूट देने, क्रेडिट नोट जारी करने, ITC रिफंड प्रोसेस में तेजी लाने और ई-कॉमर्स कारोबार के लिए दूसरे राज्यों में रजिस्ट्रेशन में सहूलियत मिल सकेगी।
