home page

Property Rule Change : घर का नक्शा पास करवाने के बदले नियम, यह दो शर्तें जोड़ी

Property Rule Change : नक्शा पास करवाने के प्रोसेस में हो रही गड़बड़ी पर रोकथाम लगाने के लिए सरकार की तरफ से शहरों और कस्बों में भवन निर्माण को लेकर नियमों को लगातार सख्त किया जा रहा है। हाल ही में प्रशासन की तरफ से घर का नक्शा पास करवाने के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। इन नए नियमों में दो शर्तों को जोड़ा गया है।
 | 
Property Rule Change : घर का नक्शा पास करवाने के बदले नियम, यह दो शर्तें जोड़ी

HR Breaking News : (Property Rule Change) उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से अपने प्रदेश को चमकाने के लिए जोरो-शोरो से काम किया जा रहा है। जिस तरह यूपी सरकार की तरफ से लोगों को अच्छी सहूलियत प्रदान की जा रही है उसी तरह सरकार की तरफ से नियमों को भी काफी ज्यादा सख्त किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradesh Government) की तरफ से अब एक और महत्वपूर्ण पहल की गई है जिसका मुख्य उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा तथा विकास को बढ़ावा देना है।


उत्तर प्रदेश सरकार (UP government) की तरफ से उठाए गए इस कदम के तहत गाजियाबाद में नए बनने वाले आवासीय भवनों के नक्शा पास करने के प्रोसेस में सोलर रूफटॉप सिस्टम (Solar Rooftop System) तथा वर्षा जल संचयन को जरूरी कर दिया गया है।


मिली जानकारी के मुताबिक पता चला गया है कि यूपी सरकार की तरफ से उठाए गई इस कदम का उद्देश्य बिजली की बचत करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण तथा जल संसाधनों का बेहतर उपयोग (Better use of water resources) करना है।

 


घर का नक्शा पास कराने में नई व्यवस्था


जिला प्रशासन की तरफ से जारी के किए गए नए आदेश के मुताबिक अब जिले में बनने वाले नए घरों का नक्शा पास कराने के लिए सोलर रूफटॉप और वर्षा जल संचयन सिस्टम (rainwater harvesting system) लगाना जरूरी होगा।


इस नियम को लागू करने के लिए नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत अपनी बैठकों में प्रस्ताव पास कर इसे लागू कर सकते हैं। इससे शहर और गांव दोनों जगह साफ ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा।

 

 

 

अन्य जिलों में भी लागू होगा नियम


राज्य सरकार (state government) की तरफ से गाजियाबाद के विकास को लेकर उठाया गया यह कदम बेहद खास माना जा रहा है। सरकार की तरफ से जारी किए गए अपडेट में पता चला है कि गाजियाबाद (Ghaziabad News) में की गई इस पहल को सरकार एक मॉडल के रूप में देख रही है क्योंकि धीरे-धीरे अब सरकार इस व्यवस्था को अन्य जिलों में भी लागू करके आवासीय सोलर कवरेज को बढ़ावा दे सकती है। 
गौर करने वाली बात है कि उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh News) में घरेलू रूफटॉप सोलर के क्षेत्र में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। अभी प्रदेश में करीब 1440 मेगावाट की सोलर क्षमता लग चुकी है, जिससे हर दिन 60 लाख यूनिट से ज्यादा बिजली बनाई जा रही है।


रोजगार को भी मिलेगा बढ़ावा


रूफटॉप सोलर योजना (Rooftop Solar Scheme) से आम लोगों को बिजली के बिल में काफी राहत मिल रही है। अंदाजा लगाया जा रहा है कि हर रोज तकरीबन चार करोड़ रुपये की बिजली की बचत हो रही है। बिजली की बचत (power saving) के साथ ही इस क्षेत्र को बढ़ावा मिलने से  रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे है। करीब 60 हजार लोगों को सीधे और लाखों लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से काम मिला है, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था (economy of the state) को भी फायदा हो रहा है।


जमीन की बचत और पर्यावरण को फायदा


सोलर रूफटॉप (solar rooftop) का एक बड़ा फायदा यह है कि इससे जमीन की बचत होती है। अनुमान है कि इस योजना से करीब 5000 एकड़ जमीन बचाई जा चुकी है, जिसे अब दूसरे कामों में इस्तेमाल किया जा सकता है। सरकार का मानना है कि अगर इसे बाकी जिलों में भी लागू किया जाए, तो उत्तर प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा के मामले में देश के आगे रहने वाले राज्यों में शामिल हो सकता है।