home page

Railway New Rules: अब ट्रेन में चेन खिंचने पर होगी इतने साल की जेल, रेलवे ने बनाए नियम

Railway New Rules: अगर आप भी ट्रेन में सफर करते है तो ये खबर आपके लिए है। दरअसल आज हम आपको अपनी इस खबर में रेलवे से जुड़े कुछ जरूरी नियम बताने जा रहे है... तो आइए जाने नीचे खबर में। 

 | 

HR Breaking News, Digital Desk- भारतीय रेल यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को ध्यान में रखकर ही हर डिब्बे में इमरजेंसी अलार्म चेन लगाता है। ट्रेन के डिब्बों में इमरजेंसी अलार्म चेन इसलिए लगाते हैं ताकि किसी भी इमरजेंसी में ट्रेन को रोक सकें।

लेकिन कई यात्री इसका गलत इस्तेमाल करते हैं, और चलती ट्रेन में अलार्म चेन खींच देते हैं। ऐसा करने वालों पर भारतीय रेल सख्त करवाई करती है, जो बिना ठोस कारण के ट्रेन में चेन खींच देते हैं। चलिए आपको बताते हैं, ऐसा करने वालों पर किस अधिनियम के तहत सजा हो सकती है।

पहले जान लें चेन खींचने से कैसे रुक जाती है ट्रेन-

आप भी ये सोच रहे होंगे आखिर एक चेन खींचने से एक पूरी ट्रेन कैसे रुक जाती है। दरअसल, ट्रेन की चेन ट्रेन के मुख्य ब्रेक पाइप से जुड़ी होती है। इन पाइपों के बीच हवा का दबाव बना होता है। लेकिन चेन पुल करने से हवा बाहर निकल जाती है। हवा के दबाव में आई कमी के कारण ट्रेन की रफ्तार भी धीमी हो जाती है, इसके बाद पायलट तीन बार हॉर्न बजाकर ट्रेन को रोकता है।

चेन पुलिंग किस कोच से हुई है कैसे पता चलता है-

अब आप ये सोच रहे होंगे कि आखिर रेल पुलिस को कैसे पता चल जाता है कि किस बोगी में चेन खींची गई है। दरअसल, ट्रेनों के डिब्बों में इमरजेंसी फ्लैशर लगाए जाते हैं, जिनसे पता चलता है कि ट्रेन की चेन कहां से खींची गई है। अगर फ्लेशेर्स नहीं लगाए गए हैं, तो ट्रेन के गार्ड को जाकर देखना पड़ेगा ट्रेन के किस कोच में वॉल्व हटाया गया है। ऐसे में रेल पुलिस बिना वजह चेन पुलिंग करने वालों को पकड़ती है।

बेवजह चेन खींचने पर जुर्माना-
रेलवे के नियमों के अनुसार अगर आप बेवजह चेन खींचते हैं या इस सुविधा का दुरुपयोग करते हैं तो ये कानूनन जुर्म माना जाएगा। रेलवे अधिनियम की धारा 141 में अगर कोई यात्री किसी ठोस कारण और सही वजह न होने पर अलार्म चेन का इस्तेमाल करता है, तो उसपर 1 हजार का जुर्माना लगाया जाएगा या उसे फिर एक साल की कैद भी हो सकती है।

इन स्थितियों में खींच सकते हैं आप चेन-
- अगर कोई यात्री जिसकी उम्र 60 साल से अधिक है या कोई बच्चा छूट गया है और ट्रेन चल देती है।
- ट्रेन में अगर आग लग जाए।
- बूढ़ों या दिव्यांग व्यक्ति को ट्रेन में चढ़ने में समय लग रहा हो और ट्रेन चल दे।
- अचानक बोगी में किसी की तबियत खराब हो जाए (स्ट्रोक या फिर हार्ट अटैक)
- ट्रेन में चोरी या डकैती की घटना।