रेलवे क्वार्टरों का बढ़ा किराया, ₹630 तक हुआ इजाफा
HR Breaking News (rent of railway quarters) रेलवे की कॉलोनी में जो कर्मचारी, सरकारी आवासों की सुविधा ले रहे हैं। अब उनकी जेब पर हर महीने भार बढ़ने वाला है। रेलवे बोर्ड की ओर से देश भर में कर्मियों को अलोट किए गए सरकारी आवासों के लाइसेंस शुल्क यानी कि स्टैंडर्ड रेट में संशोधन किया गया है। रेलवे कर्मी और अधिकारियों के क्वार्टरों के क्षेत्रफल के हिसाब से किराए में इजाफा किया गया है।
पहले कब हुआ था स्टैंडर्ड रेट में संशोधन
स्टैंडर्ड रेट की ये नई दरें (rates of standard rate) 1 जुलाई 2026 से प्रभावी मानी जाने वाली हैं। लगभग 3 साल बाद हुए इस बदलाव में क्वार्टर के प्रकार के साथ ही उनके प्लिंथ एरिया को आधार बनाया गया है। रेलवे कर्मी और अधिकारियों के क्वार्टरों के किराए में 10 से 630 रुपए तक इजाफा किया गया है।
ऐसे में सभी कैटेगरी के आवासों के लिए पहले के मुकाबले अब अधिक किराया देना होगा। रेलवे बोर्ड की तरफ से जो आदेश जारी किए गए हैं, उसके मुताबिक इससे पहले सरकारी आवास और लाइसेंस शुल्क में बदलाव एक जुलाई 2023 को किया गया था।
सब-स्टैंडर्ड क्वार्टर पर नहीं होंगी नई दरें लागू
जानकारी के लिए बता दें कि इस बार बोर्ड की ओर से अलग-अलग श्रेणी और क्षेत्रफल के हिसाब से नई दरों को तय किया गया है। सब-स्टैंडर्ड क्वार्टर पर बदली हुई दरें लागू (Rates on sub-standard quarters) नहीं होंगी। संशोधित दरों का प्रभाव रेलवे कॉलोनी में रहने वाले कर्मियों की सैलरी से होने वाले आवास शुल्क की कटौती पर पड़ेगा। नई दरों के मुताबिक टाइप वन क्वार्टर का मासिक लाइसेंस शुल्क क्षेत्रफल के बेस पर 130 से 220 रुपए तक तय किया गया है।
टाइप टू क्वार्टर में आवास का किराया
25 वर्ग मीटर तक के आवास का किराया 120 से बढ़कर 130 रुपये, 25 से 30 वर्ग मीटर वाले आवास का किराया 150 बढ़कर 170 रुपए किया गया है। वहीं, 30 से 35 वर्ग मीटर के लिए 210 रुपए और 35 वर्ग मीटर से ज्यादा क्षेत्रफल वाले क्वार्टर के लिए 220 रुपए शुल्क तय किया गया है। टाइप टू क्वार्टर में 45 वर्ग मीटर तक का किराया (Rent in Type II Quarters) 250 से बढ़ाकर 280 रुपये कर दिया गया है।
कितने क्षेत्रफल के लिए कितना लगेगा आवास शुल्क
इसके साथ ही 45 से 50 वर्ग मीटर तक का शुल्क 280 से बढ़कर 310 रुपये कर दिया गया है। 50 से 55 वर्ग मीटर के लिए 350 रुपए, 55 वर्ग मीटर से ज्यादा क्षेत्रफल के लिए 380 रुपये रुपए कर दिया गया है। टाइप थ्री क्वार्टर में 60 वर्ग मीटर तक के आवास के लिए शुल्क (Accommodation charges in Type 3 Quarters) 420 से बढ़कर 470 रुपए कर दिया गया है।
60 से 65 वर्ग मीटर के लिए 530 रुपये और 65 से 70 वर्ग मीटर के लिए 570 रुपए मासिक लाइसेंस शुल्क (Railway Quarters monthly license fee) तय किया गया है। इसके अलावा 70 वर्ग मीटर से ज्यादा के लिए 610 रुपए मासिक लाइसेंस शुल्क तय किया गया है।
टाइप-5 क्वार्टर में लगा सबसे ज्यादा लाइसेंस शुल्क
टाइप-4 क्वार्टरों के लिए 80 वर्ग मीटर तक के आवास का किराया (Rent of accommodation for Type-4 quarters) 720 रुपए होगा। 80 से 90 वर्ग मीटर के लिए 800 रुपये का भुगतान करना होगा और 90 से 100 वर्ग मीटर के लिए 870 रुपए और 100 से 120 वर्ग मीटर तक के आवास के किराए के लिए 1040 रुपये हर महीने शुल्क निर्धारित किया गया है। 120 वर्ग मीटर से ज्यादा क्षेत्रफल वाले क्वार्टर का किराया 1180 से बढ़कर 1320 रुपए प्रति माह निर्धारित किया गया है। सबसे ज्यादा लाइसेंस शुल्क टाइप-5 क्वार्टर के लिए तय किया गया है।
बड़े आवास में कितना लगेगा मासिक शुल्क
टाइप-5 क्वार्टर में 150 वर्ग मीटर तक के आवास का शुल्क (Charges for accommodation in Type-5 quarters) 1730 से बढ़कर 1940 रुपए कर दिया गया है। 150 से 200 वर्ग मीटर के लिए 2440 रुपए, 200 से ढाई सौ वर्ग मीटर के लिए 3450, 250 से 300 वर्ग मीटर के लिए 3950 और 300 से 350 वर्ग मीटर के आवास के लिए 4860 रुपए मासिक शुल्क का भुगतान करना होगा। 350 वर्ग मीटर से ज्यादा क्षेत्रफल वाले क्वार्टर का लाइसेंस शुल्क (quarter license fee) 5230 से बढ़कर 5860 रुपए मासिक कर दिया गया है। बड़े आवास में मासिक शुल्क में 630 रुपये का इजाफा हुआ है।
सर्वेंट क्वार्टर और गैरेज के शुल्क में भी हुआ बदलाव
रेलवे बोर्ड की ओर से सिर्फ आवासों के लाइसेंस शुल्क (License fees for residences) में ही संशोधन नहीं किया गया है। सर्वेंट क्वार्टर और गैरेज के शुल्क में भी बदलाव किया गया है। सर्वेंट क्वार्टर का किराया (Rent of servant quarters) 120 से बढ़कर 130 रुपये और गैरेज का शुल्क 80 से बढ़कर 90 रुपये प्रति माह निर्धारित कर दिया गया है। 350 वर्ग मीटर से ज्यादा प्लिंथ एरिया और अन्य सभी प्रकार के आवासों पर टाइप-5 की अधिकतम दर यानी की 5860 रुपए हर महीने लागू रहेगी। रेलवे बोर्ड की ओर से सभी संबंधित विभागों को संशोधित लाइसेंस शुल्क लागू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
