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Rajasthan : प्रदेश में इस रूट पर चलेगी इलेक्ट्रिक ट्रेन, 143 करोड़ रुपये होंगे खर्च

Rajasthan Electric train : ट्रेन में सफर करने वाली यात्रियों को अच्छी सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए रेलवे की तरफ से कई अहम कदम उठाए जा रहे हैं। सफर को आसान बनाने के लिए लगातार रेलवे ट्रैक का विस्तार किया जा रहा है। अब राजस्थान में भी रेलवे ट्रैक के विद्युतीकरण का कार्य (Railway track electrification work) चल रहा है जिस पर 143 करोड रुपए की लागत का अंदाजा लगाया जा रहा है। चलिए खबर के माध्यम से जानते हैं कि प्रदेश में किस रूट पर चलेगी यह इलेक्ट्रिक ट्रेन।
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Rajasthan : प्रदेश में इस रूट पर चलेगी इलेक्ट्रिक ट्रेन, 143 करोड़ रुपये होंगे खर्च

HR Breaking News : (Electric Train In Rajasthan) ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। भारतीय रेलवे द्वारा भी लगातार नए-नए ट्रैक बिछाए जा रहे है। राजस्थान में भी एक रेलवे ट्रैक पर विद्युतीकरण का कार्य चल रहा है। तकरीबन डेढ़ साल पहले शुरू हुए दौसा-गंगापुर सिटी रेलवे ट्रैक के विद्युतीकरण के काम में तेजी आई है। 
उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा इस प्रोजेक्ट को अपनी प्राथमिक परियोजनाओं में शामिल किया गया है। जिस स्पीड़ से यह काम किया जा रहा है उसे देखना अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह कार्य तय किए गए समय से पहले ही पूरा हो जाएगा।


रेलवे द्वारा इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए मार्च 2026 तक का लक्ष्य रखा गया है। अंदाजा लगाया जा रहा है कि रेलवे ट्रैक के विद्युतीकरण का यह कार्य 143 करोड़ की लागत में पूरा हो जाएगा। तेजी से हो रहे इस काम को देख मानना है कि फरवरी 2026 तक यह कार्य पूरा हो जाएगा। इसके पूरा होने के बाद दौसा से गंगापुर सिटी के बीच इलेक्ट्रिक इंजन से यात्री और मालगाड़ियों का संचालन (Operation of freight trains) शुरू हो जाएगा।

 


सलेमपुरा स्टेशन तक का काम हुआ पूरा


रेलवे द्वारा पिछले साल इस ट्रैक पर ट्रेन संचालन शुरू करने के साथ-साथ विद्युतीकरण की तैयारी भी शुरू कर दी गई थी। निविदा प्रोसेस पूरा होने के बाद संवेदक ने काम शुरू किया। दौसा से सलेमपुरा-अरण्या रेलवे स्टेशन (Railway Station) तक पोल खड़े कर विद्युत लाइन खींचने का काम अब तक पूरा कर लिया गया है। वर्तमान में सलेमपुरा से लालसोट के बीच तेज रफ्तार के साथ काम हो रहा है।  


मिलेगी औद्योगिक विकास को भी नई दिशा


दौसा-गंगापुर रेलवे ट्रैक के विद्युतीकरण (Electrification of railway tracks) के बाद यह रूट देश के सबसे बीजी रेल कॉरिडोर दिल्ली-अहमदाबाद और दिल्ली-मुंबई से सीधे कनेक्ट हो जाएगा। जिससे रेलवे नेटवर्क की मजबूती ही नही, बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक और औद्योगिक विकास को भी एक नई दिशा मिलेगी। विद्युतीकरण का कार्य पूरा होने के बाद इस रूट मार्ग  से लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन संभव हो सकेगा।  

 


रेलवे ने बनियान स्टेशन पर माल ढुलाई (Indian Railway News) के लिए एक बड़ा यार्ड विकसित किया है, जिससे किसानों और व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा। यह यार्ड लालसोट और मंडावरी की प्रमुख कृषि उपज मंडियों को देखते हुए विकसित किया गया है, जिससे कृषि उत्पादों की माल ढुलाई आसान होगी। रेलवे अधिकारी उद्यमियों से लगातार संवाद कर रहे हैं ताकि इस सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग किया जा सके।
 

रेलवे ट्रैक के विद्युतीकरण से होगा ये बड़ा फायदा


दौसा-गंगापुर ट्रैक के (railway tracks) विद्युतीकरण से रेलवे को परिचालन स्तर पर बड़ा फायदा मिलेगा। इससे ट्रेनों के संचालन समय और ईंधन लागत दोनों में कमी आएगी। पंजाब, हरियाणा, अलवर, दौसा, गंगापुर सिटी, कोटा, इंदौर, भोपाल, नागपुर, रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, हैदराबाद, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ने वाली कई ट्रेनें इसी मार्ग से चलाई जा सकेंगी।