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Rajasthan News : प्रदेश में नए बाईपास के लिए 70 प्रतिशत जमीन अधिग्रहण पूरा, दो गांवों के लोगों ने किया विरोध

Rajasthan Development : राजस्थान में शहरों के बीच आपसी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए प्रदेश में नए-नए एक्सप्रेसवे तथा बाईपास रोड बनाए जा रहे हैं। नए एक्सप्रेसवे तथा बाईपास बन जाने से शहरों के बीच केवल कनेक्टिविटी ही नहीं बढ़ेगी, बल्कि लोगों को ट्रैफिक जाम की समस्या से भी छुटकारा मिल जाएगा। राजस्थान में एक नया बाईपास बनाने के लिए 70% जमीन अधिकरण का कार्य पूरा हो चुका है। लेकिन दो गांव के लोगों ने अब इसका विरोध कर दिया है।
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Rajasthan News : प्रदेश में नए बाईपास के लिए 70 प्रतिशत जमीन अधिग्रहण पूरा, दो गांवों के लोगों ने किया विरोध

HR Breaking News : (Rajasthan New Byepass) यात्रा को सुगम बनाने तथा ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात पाने के लिए राजस्थान सरकार की तरफ से जोरो - शोरो से काम किया जा रहा है। प्रदेश में नए-नए एक्सप्रेसवे तथा बाईपास बनाए जा रहे हैं। अब नवलगढ़ रोड को फतेहपुर रोड से जोड़ने के लिए यूआईटी की तरफ से तकरीबन 6:30 किलोमीटर का लंबा बाईपास बनने जा रहा है जिसके लिए 70% जमीन अधिग्रहण कार्य पूरा हो चुका है।


अंदाजा लगाया जा रहा है कि भूमि अधिग्रहण का कार्य (Land acquisition work) पूरा होने के बाद निर्माण की जिम्मेदारी सार्वजनिक निर्माण विभाग को मिलेगी। इस बीच भैरूपुरा व जगमालपुरा इलाके के ग्रामीणों की ओर से जमीन अधिग्रहण को लेकर भेदभाव के आरोप लगाए है। ग्रामीणों का कहना है कि यूआइटी द्वारा जान बूझकर भेदभाव किया जा रहा है।


ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा है कि मौजूदा पत्थरगढ़ी मास्टर प्लान से हटकर की है। ग्रामीणों ने यह भी कहा है कि रिंग रोड में बदलाव से सैकड़ों किसान प्रभावित हो रहे है। दूसरी तरफ यूआइटी ने ग्रामीणों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को गलत बताया है। इस मामले में ग्रामीणों की ओर से न्यायालय में भी याचिका दायर की थी।


यूआइटी ने मास्टर प्लान के उलझे पेंच का किया समाधान 


मास्टर प्लान को लेकर शहरवासियों में भ्रम की स्थिति है, क्योंकि नए मास्टर प्लान के पेंच उलझे हुए हैं। यूआइटी सचिव जगदीश प्रसाद गौड़ ने कहा कि वर्ष 2013 में मास्टर प्लान 2031 का अनुमोदन हुआ था और अब मास्टर प्लान 2041 के प्रारूप का प्रकाशन हो चुका है। फिलहाल, नगरीय क्षेत्र में अनुमोदित मास्टर प्लान 2031 और प्रारूप मास्टर प्लान 2041 के तहत कार्यवाही की जा रही है। 
 

कंपनी को नोटिस, जवाब का इंतजार


मास्टर प्लान को लेकर विवाद होने की वजह से प्रारूप प्रकाशन के बाद से काम अटका हुआ है। स्वायत्त शासन विभाग ने नगर परिषद (City Council) के जरिए नोटिस जारी किया है, नोटिस का जवाब आने के बाद आगे के कदम उठाए जाएंगे।


इनका कहना है


मास्टर प्लान 2011 में 200 फीट की बाईपास प्रस्तावित थी और उसी के अनुसार जमीन अधिग्रहण का काम किया जा रहा है। ग्रामीणों की शिकायतों की जांच कराई जा रही है और इस तय प्लान में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यूआइटी ने 70 फीसदी जमीन अधिग्रहण का काम (Land acquisition work) किसानों की सहमति से ही पूरा किया है।