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SBI ग्राहकों के खाते से कट रहे 147.50 रुपये, बैंक ने बताई वजह

State Bank of India : देश की सबसे बड़ी सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के ग्राहकों को लेकर बड़ा अपडेट जारी हुआ है, एसबीआई के ग्राहकों को खाते से 147.50 रुपये कटने का एक मैसेज प्राप्त हुआ है, आइए खबर में जानते है इससे जुड़ी पूरी जानकारी।

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SBI ग्राहकों के खाते से कट रहे 147.50 रुपये, बैंक ने बताई वजह

HR Breaking News, Digital Desk - अगर आपका अकाउंट देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank Of India) में है, तो ये खबर आपके लिए जरूरी है. दरअसल, स्टेट बैंक के कुछ ग्राहकों (SBI Customers) को उनके खाते से 147.50 रुपये कटने का SMS प्राप्त हुआ है. इस संबंध में स्टेट बैंक ने ग्राहकों को जानकारी दी है. बैंक ने अपने ग्राहकों से कहा कि अगर आपके पास भी पैसे डेबिट (Debit) होने के ऐसे मैसेज आए हैं, तो चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है. बैंक की जानकारी में ही ये पैसे डेबिट हो रहे हैं. 
 

क्यों कट रहे हैं पैसे? (Why is money being cut?)


स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) ने कहा कि ग्राहकों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले एटीएम-सह-डेबिट कार्ड के वार्षिक रखरखाव/ सर्विस चार्ज के रूप में 147.50 रुपये की राशि काटी जा रही है. SBI वार्षिक मेंटेनेंस शुल्क के रूप में 125 रुपये चार्ज करता है. साथ ही कई डेबिट कार्डों (debit cards) के लिए अतिरिक्त 18 प्रतिशत GST भी बैंक वसूल करता है. इसलिए अगर GST को 125 रुपये में जोड़ते हैं, तो यह 147.50 रुपये की राशि बनती है. इसके आलावा डेबिट कार्ड बदलने (change debit card) के लिए बैंक 300 रुपये चार्ज करता है. इसलिए अगर आपके भी SBI खाते से 147.50 रुपये की राशि कटी है, तो चिंता करने की बात नहीं है. 


ट्रांजेक्शन शुल्क में बदलाव (Change in transaction fees) 


SBI कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज लिमिटेड ने विभिन्न क्रेडिट कार्ड से संबंधित लेनदेन के लिए अपने ट्रांजेक्शन शुल्क (transaction fee) में नवंबर में बदलाव किया था. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी वेबसाइट पर बताया था कि 15 नवंबर, 2022 से शुरू होने वाले सभी किराए के भुगतान के लिए 99 रुपये की प्रोसेसिंग फीस और एप्लिकेबल टैक्स के अधीन होंगे. इसके अलावा सभी मर्चेंट EMI लेनदेन के लिए प्रोसेसिंग फीस बढ़कर 199 रुपये हो गई है. साथ ही एप्लिकेबल टैक्स भी देना होगा. बैंक ने ये जानकारी SBI Cards की बेवसाइट पर दी थी. 


अन्य बैंक भी वसूलते हैं चार्ज (Other banks also charge)

 
ऐसा करने वाला SBI एकमात्र बैंक नहीं है. आईसीआईसीआई, एचडीएफसी और अन्य बैंक भी डेबिट कार्ड के लिए मेंटेनेंस फीस वसूलते हैं. एचडीएफसी बैंक डेबिट कार्ड मेंबरशिप और वार्षिक शुल्क के रूप में 200 से 750 रुपये तक चार्ज करता है. वहीं, कार्ड बदलने का शुल्क लगभग 200 रुपये है.

भारतीय स्टेट बैंक संपत्ति, डिपॉजिट, ब्रॉन्च, कस्टमर और कर्मचारियों के मामले में देश का सबसे बड़ा कमर्शियल बैंक है. SBI की बाजार में हिस्सेदारी 32.9 फीसदी है.

50 करोड़ ग्राहकों को बैंक का एक और अलर्ट


भारत देश के सबसे बड़े और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (SBI) ने अपने पचास करोड़ से भी ज्यादा ग्राहकों को अलर्ट किया है. बैंक ने एक मैसेज (Fraudulent Messages) को लेकर खाताधारकों को अलर्ट भेजा है. बैंक की ओर से कहा गया कि ग्राहकों के पास उनके अकाउंट बंद होने के मैसेज आ रहे हैं. ये फर्जी मैसेज है. जिनसे ग्राहकों को सावधान रहने के लिए बैंक ने चेतावनी दी है.


ऐसे मैसेज आने पर क्या नहीं करें ?


एसबीआई ने अपने ग्राहकों को कहा है कि ऐसे किसी मैसेज (Fraudulent Messages) का रिप्लाई नहीं करें. न ही उन्हें अपनी कोई व्यक्तिगत जानकारी, ओटीपी (one time password) या खाते से संबंधित जानकारी दे. यदि आप इनका जवाब देंगे तो मुसीबत में पड़ सकते हैं. ये मैसेज ठगों द्वारा भेजे जा रहे हैं. जो कई लोगों का बैंक खाता साफ़ कर चुके हैं.


संदेश में क्या आता है लिखा?


बता दें कि बैंक के नाम पर ठगों द्वारा भेजे जा रहे संदेशों (message) में लिखा है कि प्रिय खाताधारक आपका खाता ब्लॉक कर दिया जाएगा. पैन कार्ड को अपडेट करने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें. ऐसे ही आपके पास मेल भी आ सकते हैं. जिनका आपको जवाब नहीं देना है. ये धोखाधड़ी का एक तरीका है. जिससे कई लोगों को अभी तक लाखों का चूना लगाया जा चुका है.


ऐसा हो जाने पर क्या करें


अगर आपके पास भी ऐसे मैसेज आ रहे हैं तो report.phishing@sbi.co.in पर जाकर रिपोर्ट कर सकते हैं.इसके साथ ही साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर (cyber crime helpline number) 1930 पर भी शिकायत कर सकते है. साइबर क्राइम ब्रांच की आधिकारिक वेबसाईट https://cybercrime.gov.in/ के माध्यम से भी शिकायत की जा सकती है.


फ्रॉड हो जाने पर करे ये काम


अगर आपके साथ कभी ऐसा फ्रॉड हो जाए तो सबसे पहले आप उसकी शिकायत दर्ज कराएं, ताकि आपका पूरा पैसा वापस आ जाए. रिजर्व बैंक (RBI) की गाइडलाइन के अनुसार सबसे पहले अपने बैंक को इसकी जानकारी दें. जिसके बाद आप फ्रॉड से बच सकते हैं. क्योंकि बैंक साइबर फ्रॉड के लिए इंश्योरेंस पॉलिसी लेते हैं. जब आप जानकारी देते हैं तो बैंक वह जानकारी बीमा कंपनी को भेजेंगे. जिससे की आपका पूरा पैसा वापस आ सकता है.

100 फीसदी रकम वापिस पाने का ये है तरीका

अगर आपके साथ कभी भी फ्रॉड होता है, तो  सबसे पहले आपको बैंक को इस बारे में सूचना (inform the bank) देना जरूरी होता है। नियम के अनुसार अगर आप ठगी होने के तीन दिनों (वर्किंग डे यानी कामकाजी दिन) के भीतर बैंक को जानकारी देते हैं, तो आपको 100 फीसदी पैसे वापस मिलने की पूरी संभावना होती है।


बस इन सब में आपको ये ध्यान रखना होता है कि अगर आपकी गलती या किसी लापरवाही की वजह से आपके साथ ठगी हुई है, तो ऐसी स्थिति में आपको बैंक पैसे वापस नहीं देता है।


पैसे वापस मिलने में कितना लगता है समय?


1. अगर आप आपने बैंक को  फ्रॉड की जानकारी सही समय पर दे (Provide timely information about fraud to the bank) देते है, तो नियमों के अनुसार आपको 10 दिनों के अंदर बैंक पैसे लौटाने का दावा करता है। हालांकि, ये पैसे आपके अकाउंट में शेडो क्रेडिट होंगे, जिन्हें आपके खाते में आने में 90 दिनों का समय भी लग सकता है।

2. अगर आप फ्रॉड की जानकारी बैंक को 4 - 7 दिनों के अंदर-अंदर करते हैं, तो आरबीआई (RBI) के नियमानुसार तब भी बैंक आपको आपके पैसे वापस कर सकता है। हालांकि, इस स्थिति में आपको पूरे 100 फीसदी पैसे वापस नहीं मिलते हैं।

3. यदि आपके साथ ठगी हुई और किसी भी कारण आप 7 दिन बाद बैंक को इसकी शिकायत दर्ज (File complaint with the bank) कराते हैं, तो इस स्थिति में आपको पैसे मिलने की संभावना न के बराबर हो जाती है। इस स्थिति में बैंक बोर्ड ही ये तय करता है कि आपको पैसे लौटाएं जाएंगे या फिर नहीं।