UP और हरियाणा के 31 गांव से होकर गुजरेगा सुपरफास्ट ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, 700 करोड़ में होगी भूमि अधिग्रहण
New Expressway Update :उत्तर प्रदेश और हरियाणा में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए सरकार अब नए एक्सप्रेसवे का निर्माण करवा रही है। हाल ही में इन दो बड़े राज्यों के बीच एक नया सुपरफास्ट ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे बनाने का ऐलान किया गया है, जिसके लिए 700 करोड रुपए में भूमि अधिग्रहण की जाएगी। आईये नीचे खबर में जानते हैं -
HR Breaking News - (new expressway)। उत्तर प्रदेश हरियाणा और दिल्ली वालों के लिए एक बड़ी गुड न्यूज़ है। सरकार इन तीनों क्षेत्रों को एक साथ कनेक्ट करने जा रही है। दरअसल, अलीगढ़ से लेकर पलवल तक बेहतर किलोमीटर का नया सुपरफास्ट ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे (New Green Field Expressway) बनाने की तैयारी चल रही है। इस एक्सप्रेसवे के बनने से उत्तर प्रदेश से दिल्ली और हरियाणा तक का सफर आसान हो जाएगा।
इस प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) देख रहा है। रिपोर्ट के अनुसार इस परियोजना पर 1350 करोड रुपए खर्च किए जाएंगे। इस एक्सप्रेसवे के लिए 700 करोड रुपए में भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा किया जाएगा। हरियाणा और उत्तर प्रदेश में बनने वाला नया एक्सप्रेसव नोएडा एयरपोर्ट से भी कनेक्ट होगा।
मिनटों में पूरा होगा घंटों का सफर -
इस नए एक्सप्रेसवे (New Expressway) के बनने के बाद अलीगढ़ से पलवल की दूरी केवल 30 मिनट में पूरी की जा सकेगी। पलवल से अलीगढ़ के बीच 72 किलोमीटर का नया एक्सप्रेस में बनाया जाएगा। इसके बनने से वाहन फर्राटा भरेंगे। एक्सप्रेसवे को बनाने के लिए दोनों राज्यों की ओर से तैयारी चल रही है। हरियाणा के पलवल शहर में एक्सप्रेसवे के लिए पेड़ कटाई का काम जारी है। यूपी बॉर्डर की ओर अलीगढ़ टप्पल रोड पर मिट्टी से पाटकर रोड को बराबर कर चौड़ा किया जा रहा है। सड़क किनारे अवैध कब्जों को भी हटाने की तैयारी चल रही है। इस प्रोजेक्ट के तहत सबसे पहले खैर इलाके में बाईपास बनाने का काम किया जा रहा है। इतना जप्पा, रहीमपुर, उदयगढ़ी, लक्ष्मणगढ़ी और बांकनेर गांव में बाईपास का काम चल रहा है।
31 गांव से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे -
अलीगढ़ पलवल एक्सप्रेसवे (Aligarh Palwal Expressway Latest news) को बनाने के लिए 1350 करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे। यह एक्सप्रेसवे 31 गांव से होकर गुजरेगा। बता दें कि अलीगढ़ पलवल एक्सप्रेसवे को 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह एक्सप्रेसवे 2 बड़े एक्सप्रेसवे और नोएडा एयरपोर्ट से भी कनेक्ट होगा।
यमुना पर नया ब्रिज भी बनेगा
अलीगढ़ पलवल ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (Aligarh Palwal Expressway) निर्माण के बाद यमुना नदी पर एक ब्रिज भी बनाया जाएगा। इससे हरियाणा और वेस्ट यूपी के बीच आवाजाही आसान होगी। पलवल अलीगढ़ एक्सप्रेसवे तैयार करने में 18 महीने का समय लग सकता है। ये अलीगढ़ यमुना एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल, नोएडा, दिल्ली, पलवल और गुरुग्राम तक रोड कनेक्टिविटी और आवाजाही आसान होगी। हर दिन लगभग 1 लाख वाहनों को तेज रफ्तार मिलेगी जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।
दिल्ली के लिए खास है ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे -
ईस्टर्न पेरिफरल एक्सप्रेसवे (Eastern Peripheral Expressway) भी दिल्ली के लिए बेहद खास साबित होगा। ये सड़क दिल्ली के चारों ओर एक विशाल रिंग रोड की तरह है। इससे अलीगढ़ को गुरुग्राम, गाजियाबाद और कुंडली जैसे स्थानों से कनेक्टिविटी मिलेगी। अलीगढ़ पलवल एक्सप्रेसवे पलवल में इस एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होगा।
एक्सप्रेसवे के बनने से होंगे ये फायदे -
अलीगढ़ पलवल एक्सप्रेसवे (Aligarh Palwal Expressway) पर निर्माण कार्य शुरू होने से स्थानीय श्रमिकों, इंजीनियरों और सप्लाई चेन के लोगों को रोजगार मिलेगा। इस एक्सप्रेसवे से अलीगढ़ से लेकर पलवल तक औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। कॉरिडोर के किनारे कई नए लॉजिस्टिक्स हब, (new logistics hub) गोदाम और छोटी औद्योगिक इकाइयां लगेंगी। अलीगढ़, दिल्ली और गुड़गांव के बीच यात्रा का समय कम होने से व्यापार लागत में कमी आएगी और कारोबार ज्यादा आसान होगा। इसमें 46 किलोमीटर की नई सड़क, 33 किलोमीटर का वैकल्पिक मार्ग, टोल प्लाजा (toll plaza), अंडरपास और फ्लाईओवर निर्माण शामिल है। भूमि अधिग्रहण का काम जारी है और किसानों को 100 करोड़ रुपये का मुआवजा जारी किया जा चुका है।
