आ गया अपडेट, जानें कब शुरू होगा Delhi Dehradun greenfield highway
Delhi Dehradun greenfield highway - दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे को लेकर सड़क परिवहन मंत्रालय ने आधिकारिक अपडेट जारी किया है। बता दें कि परियोजना का उद्देश्य दोनों राज्यों के बीच यात्रा समय को घटाना और ट्रैफिक (traffic) को सुगम बनाना है। अधिकारियों के अनुसार निर्माण जल्दी ही शुरू होने वाला है... ऐसे में चलिए आइए नीचे खबर में जान लेते है इस अपडेट से जुड़ी पूरी जानकारी-
HR Breaking News, Digital Desk- (Delhi Dehradun greenfield highway) दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) का कहना है कि 10 मार्च तक निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद इसे कभी भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narender Modi) द्वारा देश को समर्पित किया जा सकता है।
गुरुवार को एक मीडिया चैनल ने बागपत में काठा टोल प्लाजा, टटीरी इंटरचेंज और बड़ौत के बुढ़ाना रोड इंटरचेंज का निरीक्षण (Inspection of road interchanges) किया। अधूरे पड़े कामों को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि मार्च तक हाईवे का संचालन शुरू करना मुश्किल हो सकता है। दिल्ली में अक्षरधाम मंदिर (Akshardham Temple in Delhi) के पास गीता कालोनी से शुरू होने वाला दिल्ली-दून ग्रीनफील्ड हाईवे 32 किलोमीटर का एलिवेटेड रोड ट्रायल रन के लिए 30 नवंबर को खोल दिया गया था। इस हाईवे पर अब ट्रैफिक चल रहा है।
इस मार्ग से बागपत से दिल्ली तक का सफर अब केवल 20 मिनट में तय किया जा सकता है। बागपत जनपद में मवीकलां इंटरचेंज से शामली सीमा (Shamli border) तक हाईवे फैला है, जो गूंगाखेड़ी गांव तक जाता है। इस तरह, जनपद में कुल 42 किलोमीटर लंबा यह हाईवे 31 गांवों से होकर गुजरता है।
मवीकलां इंटरचेंज-
बागपत में स्थित मवीकलां इंटरचेंज को अभी तक खोल नहीं गया है। यहां बड़े-बड़े कंक्रीट बैरियर लगाए गए हैं। श्रमिकों को डिवाइडर पर काली-सफेद पट्टी खींचते देखा गया। श्रमिकों ने बताया कि उन्हें यह काम 10 मार्च तक पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
वहीं, डिवाइडर पर पौधारोपण का काम भी जारी है। साथ ही सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जा चुके हैं। सितंबर में जब मीडिया संस्थान ने ग्राउंड रिपोर्टिंग की थी, तब यहां कैमरे नहीं लगे थे और डामरीकरण भी अधूरा था। अब मुख्य मार्ग पर डामरीकरण का कोई काम बाकी नहीं है।
काठा टोल प्लाजा अपडेट-
काठा टोल प्लाजा (Katha Toll Plaza) पर लगभग 500 मीटर तक डिवाइडर अभी नहीं बना है और क्रैश बैरियर लगाने का काम शेष है। वहीं, टोल की सभी नौ लेन बन चुकी हैं और टोल बैरियर भी लग गए हैं। हमने कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया, जहां कंप्यूटर इंस्टॉल हो चुके हैं और सर्वर रूम भी पूरी तरह तैयार है।
यहां कार्यरत कर्मचारियों ने बताया कि फिलहाल सॉफ्टवेयर टेस्टिंग (software testing) का काम चल रहा है। सभी जरूरी मशीनें इंस्टॉल की जा चुकी हैं। टोल प्लाजा के लगभग आधे हिस्से में सीसीटीवी (cctv) कैमरे लग चुके हैं, जबकि शेष हिस्से में कैमरे अगले 10 दिनों में लगाए जाएंगे। कर्मचारियों के अनुसार, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि 10 मार्च तक सभी कार्य पूरे कर लिए जाएं।
रेस्ट एरिया का निर्माण शुरू-
बागपत क्षेत्र में दो रेस्ट एरिया बनाए जाने हैं - एक काठा के पास और दूसरा बिजरौल में। ये दोनों रेस्ट एरिया हाईवे (Rest Area Highway) के दोनों ओर बनाए जा रहे हैं। निर्माण का काम अभी शुरू हुआ है। काठा रेस्ट एरिया के पास रैंप पर डामरीकरण होता दिखा, जो लगभग पूरा हो चुका है।
टटीरी इंटरचेंज का हाल-
टटीरी में बड़ा इंटरचेंज (Major interchange at Tettiri) बनाया गया है, जहां से मेरठ-बागपत-सोनीपत हाईवे पर जाने का रास्ता मिलता है। यहां भी टोल बैरियर लगा दिए गए हैं। हाईवे से बागपत की ओर जाने के लिए रैंप तैयार हो चुके हैं, लेकिन अंडरपास का काम अभी काफी शेष है। फिलहाल यहां मिट्टी की परत बिछी हुई है और डामरीकरण होना बाकी है। टोल बैरियर (toll barrier) के पास का मार्ग भी अभी पक्का नहीं हुआ है। टटीरी से आगे का मुख्य हाईवे पूरी तरह तैयार है। सड़क पर सफेद पट्टियां, क्रैश बैरियर समेत सभी जरूरी सुरक्षा इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं।
बड़ौत-बुढ़ाना मार्ग पर इंटरचेंज-
बड़ौत-बुढ़ाना मार्ग पर बने इंटरचेंज पर टोल बैरियर (toll barrier) अभी लगने शेष हैं। लगभग 500 मीटर हिस्से में रैंप पर डामरीकरण बाकी है। कुछ हिस्सों पर डामर की अंतिम परत अभी नहीं बिछी है, लेकिन इसका काम तेजी से चल रहा है।
बिजरौल में रेस्ट एरिया बनना शुरू-
बिजरौल में हाईवे (Highway in Bijraul) के दोनों तरफ रेस्ट एरिया बनाए जाने हैं। निर्माण का काम अभी शुरू हुआ है। रेस्ट एरिया तक जाने वाले रैंप का बेस तैयार है, लेकिन डामर अभी नहीं बिछा है।वहीं, मुख्य हाईवे पर डामरीकरण पूरा हो चुका है और क्रैश बैरियर (crash barrier) भी लग चुके हैं। सितंबर से अब तक काम तेजी से आगे बढ़ा है और कोई बड़ा अवरोध नहीं रहा।
