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Uttar Pradesh की तस्वीर बदल देंगे ये 3 बड़े एक्सप्रेसवे, 12 नए लिंक एक्सप्रेसवे बनाने की तैयारी जोरों-शोरों पर 

New Expressway : उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को और बेहतर करने के लिए सरकार लगातार एक के बाद एक नए एक्सप्रेसवे बना रही है। हाल ही में सरकार ने प्रदेश में 12 नए लिंक एक्सप्रेसवे बनाने का ऐलान किया है। इससे पहले तीन बड़े नए एक्सप्रेसवे बनाए जाएंगे। इन एक्सप्रेसवे के बनने से उत्तर प्रदेश की आर्थिक और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी। इसके साथ ही सफर पहले से कहीं ज्यादा आसान होगा। आईये नीचे खबर में जानते हैं - 

 
Uttar Pradesh की तस्वीर बदल देंगे ये 3 बड़े एक्सप्रेसवे, 12 नए लिंक एक्सप्रेसवे बनाने की तैयारी जोरों-शोरों पर 

HR Breaking News - (New Expressway in UP)। रोड इंफास्ट्रक्चर के मामले में उत्तर प्रदेश देश का सबसे मजबूत राज्य है। अब सरकार यूपी में एक्सप्रेसवे का नेटवर्क बढ़ाने के लिए लगातार कई बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। तीन एक्सप्रेसवे में तो कुछ ही महीनों में वाहन पूरी तरह से फर्राटा भरने लगेंगे। गंगा एक्सप्रेसवे, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे (Lucknow-Kanpur Expressway) और गाजीपुर-बलिया एक्सप्रेसवे का उद्घाटन जल्द ही होने वाला है। 

इस समय यूपी में 7 संचालित एक्सप्रेसवे है और तीन पर काम चल रहा है। इसी बीच सरकार ने हाल ही में 12 नए लिंक एक्सप्रेसवे (new link expressway) बनाने का ऐलान किया है। इन एक्सप्रेसवे के बनने के बाद उत्तर प्रदेश में इनकी संख्या 10 से बढ़कर 22 हो जाएगी है। इसमें कुछ बड़े ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे हैं और कुछ लिंक एक्सप्रेसवे जो बड़े राजमार्ग को कनेक्ट करेंगे। जबकि गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे (Gorakhpur-Shamli Expressway), गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे जैसे बड़े प्रोजेक्ट भी यूपी में रफ्तार पकड़ने वाले हैं। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों को भी यूपी के इन एक्सप्रेसवे से बड़ा लाभ मिलेगा। 

96% पूरा हुआ गंगा एक्सप्रेसवे का काम - 


गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) में मेरठ,हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं,  शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ (Pratapgarh) और प्रयागराज जिले आते हैं। गंगा एक्सप्रेसवे के मेन कैरिजवे का 96% से ज्यादा काम पूरा हो गया है। इस पर FASTag टोल सिस्टम का सफल परीक्षण हो चुका है। इसे मार्च में पूरी तरह खोला जा सकता है। 


लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे कब तक होगा तैयार - 


लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे (Lucknow-Kanpur Expressway) की लंबाई लगभग 63 किलोमीटर है। यह 6-लेन का एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे है, जिसे भविष्य में 8-लेन तक बनाया जा सकता है। लखनऊ से कानपुर जाने में 2.5 से 3 घंटे लगते हैं, लेकिन इसके तैयार होने के बाद यही सफर 35 से 45 मिनट में पूरा किया जा सकेगा।

इसमें करीब 18-19 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड शामिल है, जो इसे यूपी का सबसे लंबा एलिवेटेड सेक्शन वाला एक्सप्रेसवे बनाता है। भारतमाला परियोजना (Bharatmala Project) चरण में इसकी लागत 4700 करोड़ करीब है। इसे मार्च 2026 के आखिरी हफ्ते में होली या अप्रैल में चालू किया जा सकता है। लखनऊ के स्कूटर इंडिया चौराहे के पास का आखिरी चरण का काम चल रहा है। 


यूपी में बनाए जाएंगे ये 12 लिंक एक्सप्रेसवे - 

लखनऊ लिंक: लखनऊ-प्रयागराज
चित्रकूट-रीवा लिंक, वाराणसी-पूर्वाचल लिंक
झांसी लिंकः झांसी-प्रयागराज
देवरिया लिंक; देवरिया-वाराणसी
चित्रकूट लिंकः चित्रकूट-रीवा से
गोरखपुर लिंक विस्तार; नोरखइर लिंक
जेवर लिंक (नोएडा एयरपोर्ट-गंगा एक्सप्रेसवे)
बहराइच-नेपाल बॉर्डर लिंक; बहाइच-नेपाल
फर्रुखाबाद लिंक: मेरठ-प्रयागराज
अयोध्या-वाराणसी लिंक: अयोध्या-वाराणसी लिंक
मेरठ-हरिद्वार लिंकः पश्चिमी-पूर्वांचल बिहार
आगरा-अलीगढ़ लिंकः आगरा-अलीगढ़


गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे -


गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे (Gorakhpur-Shamli Expressway) यूपी का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है। इसकी लंबाई कुल 750 किलोमीटर होगी। यह 22 जिलों से गुजरेगा और पश्चिमी यूपी को सीधे पूर्वांचल से कनेक्ट करेगा। इसका निर्माण 2026-27 में शुरू होने की संभावना है। गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे की डीपीआर (DPR) तैयार की जा चुकी है। एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है। पीलीभीत के 41 गांवों सहित कई जिलों में जमीन खरीदी जाएगी। इसका मुख्य निर्माण कार्य वित्त वर्ष 2026-27 में शुरू होने वाला है। 


दिल्ली-देहरादून का सफर 2.5 घंटे में होगा पूरा - 


दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (Delhi-Dehradun Expressway) का एक हिस्सा भी यूपी से गुजरेगा। इसकी लंबाई 210 किलोमीटर है। इस एक्सप्रेसवे को 6-लेन बनाया जाएगा। दिल्ली से देहरादून जाने में 6-7 घंटे का समय लगता है लेकिन इसके तैयार होने के बाद केवल 2.5 से 3 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इस एक्सप्रेसवे में 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर है, जो राजाजी नेशनल पार्क के ऊपर से गुजरता है। यह गाजियाबाद, शामली, बागपत, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर से भी गुजरता है।