यह राज्य बसाएगा अपना ही चंडीगढ़, 20000 बीघा जमीन पर होगा विकास, सरकार ने दी मंजूरी
HR Breaking News (New City) बीते कुछ समय में आवासीय सुविधाओं की मांग खूब बढ़ी है और अब एक राज्य सरकार की ओर से अपने राज्य में भी चंडीगढ़ (New township near Chandigarh) बनाने को लेकर प्लान तैयार किया गया है। अब एक राज्य की ओर से अपना ही चंडीगढ़ बसाने की योजना है। सरकार की मंजूरी के बाद अब इस नए शहर को 20000 बीघा जमीन पर विकसित किया जाएगा। आइए खबर में जानते हैं इस बारे में विस्तार से -
कंसल्टेंट की जल्द होगी नियुक्ति
शहरी विकास विभाग (Urban Development Department) की ओर से केंद्र को 707 करोड़ की योजनाएं प्रस्तावित की गई हैं, जिन्हें जल्द ही स्वीकृति मिलने वाली है। उनका कहना है कि बद्दी के पास ही विश्व स्तरीय हिम चंडीगढ़ शहर बनाने के लिए जल्द कंसल्टेंट की नियुक्ति की जाएगी। बीते दिनों मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक दक्षता को बढ़ावा देने के लिए 60 शहरी स्थानीय निकायों की संख्या 75 किया जाना है और राजस्व बढ़ौतरी, टैक्स कलेक्शन में पारदर्शिता के लिए 36 शहरी स्थानीय निकायों में जीआईएस पर आधारित मैपिंग का काम चल रहा है।
इतने नागरिक सेवा केंद्र की होगी स्थापना
नागरिक सेवाओं को डिजिटल करने के प्रोसेस में पहले चरण में नौ ऑनलाइन सेवाओं की शुरुआत (Launch of online services) की गई थी, जिनमें 2.5 लाख से ज्यादा नागरिकों ने रजिस्ट्रेशन किया है। वहीं, दूसरे चरण में 9 नई सेवाओं को जोड़ा गया । इसे साथ ही 47.37 करोड़ से 15 क्लस्टर आधारित एकीकृत नागरिक सेवा केंद्र की स्थापना की जा रही है। इन नागरिक सेवा केंद्र में लोगों को एक साथ प्रमाणपत्र, लाइसेंस, शिकायत निवारण, सूचना प्रौद्योगिकी सहायता, लेखा एवं लीगल एडवाइस सभी सेवाएं मिल सकेंगी।
बायोगैस प्लॉट की स्थापना
सिर्फ इतना ही नहीं हैदराबाद में मौजूद आईआईसीटी सीएसआईआर की मदद से बायोगैस प्लॉट (biogas plot) की स्थापना की जाएगी, जिससे कचरे से ऊर्जा और जैविक खाद को तैयार किया जाएगा। शहरी स्थानीय निकायों के बीच कॉम्पिटिशन को बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय स्वच्छता रैंकिंग (National Sanitation Ranking) में 100 में जिन निकायों को स्थान मिलता है, उन्हें पुरस्कार दिया जाएगा।
इन चार सहमति पत्र पर सिग्नेचर
हिमाचल प्रदेश में शहरी क्षेत्रों में आवास योजनाओं, बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा देने के लिए अनुसंधान परिषद के समझौता पर सिग्नेचर (signature on consent form) कराना है। इसेक साथ ही इंडियन इंस्टीट्यूट आफ केमिकल टेक्नोलाजी, हैदराबाद के साथ बायोगैस प्लॉन्ट स्थापना के लिए सहमति पत्र पर सिग्नेचर, नार्वे की कंपनी के साथ निर्माण और विध्वंस से निकलने वाले मलबे को संभालने के लिए कामन सर्विस सेंटर से समझौता, लोगों को कई सरकारी सेवाओं को डिजिटल रूप से उनके घर के पास मौजुद कराना।
इन लोगों को दिए योजना के स्वीकृति लेटर
मुख्यमंत्री की ओर से राजीव गांधी लघु दुकानदार सुख कल्याण योजना (Rajiv Gandhi Small Shopkeeper Welfare Scheme) के तहत नादौन, शिमला के लालपानी, कृष्णानगर आदि गांव के लोगों को स्वीकृति पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री का कहना है कि शिमला में पुलिस महानिदेशालय कार्यालय से IGMC तक एक ओर टनल का निर्माण किया जाएगा और जल्द ही इस टनल का सर्वे शुरू होने ववाला है।
चंडीगढ़ से कितनी दूरी पर बसेगा नया शहर
मुख्यमंत्री का कहना है कि 20,000 बीघा में एक बड़ा शहर चंडीगढ़ के साथ बसाया जाएगा, जिसे हिम चंडीगढ़ (Him Chandigarh kha hai) के नाम से विख्यात किया जाएगा। बता दें कि यह चंडीगढ़ से 20 मिनट की दूरी पर बसाया जाएगा। इस नए शहर को बसाने के लिए 3700 बीघा और जमीन अधिग्रहण का काम किया जा रहा हैं। शहरी विकास विभाग के नाम 3400 बीघा जमीन कर दी गई है, जहां मौजूद वन भूमि का प्रोटेक्शन किया जाएगा।
शहरी विकास विभाग को दिए गए निर्देश
मुख्यमंत्री की ओर से शिमला में हाइड्रोलिक कार पार्किंग (hydraulic car parking) की शुरुआत की गई है। इस पार्किंग में कुल 27 लाख रुपये की लागत आई है और अब यहां पर तीन मंजिला पार्किंग में 26 गाड़ियां पार्क की जाएंगी। मुख्यमंत्री की ओर से शहरी विकास विभाग को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी नगर निगमों में हाइड्रोलिक कार पार्किंग के लिए सर्वें करेग और साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि आगामी बजट में इनके लिए बजट प्रोविजन किया जाएगा।
