राजधानी दिल्ली में 1 अक्टूबर से यातायात नियम होंगे सख्त, 10 हजार का कटेगा चालान
traffic rules in delhi :दिल्ली एक मेट्रो शहर है, यहां पर दिन-रात अक्सर ही सड़कों पर भारी भीड़ देखने को मिलती है, जिससे सड़कों पर जाम लगा रहता है। इसके चलते राजधानी में प्रदूषण काफी बढ़ गया है। ऐसे में अब दिल्ली में प्रदूषण की रोकथाम के लिए पीयूसी नियम में सख्ती बरती जाने वाली है। नियमों (delhi traffic rules) की अनदेखी करने पर वाहनचालकों को 10 हजार का चालान भरना पड़ सकता है।
HR Breaking News (delhi traffic rules) दिल्ली में वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में बढ़ते प्रदूषण पर कंट्रोल करने के लिए दिल्ली सरकार की ओर से 1 अक्तूबर 2026 (Delhi PUC Rule from October 1) से यातायात नियम में सख्ती बढ़ाई जाने वाली है। इसके लिए दिल्ली सरकार PUC केंद्रों की निगरानी और उनके कामकाज को सुचारू बनाने के लिए तकनीकी यूज का प्लान कर रही है। अगर नियमों की अनदेखी होती है तो वाहनचालकों को 10 हजार का भुगतान करना पड़ सकता है।
दिल्ली सरकार शुरू कर रही खास प्रवर्तन अभियान
दिल्ली सरकार (Delhi government) ने प्रदूषण पर कंट्रोल के लिए 1 अक्तूबर 2026 से एक खास प्रवर्तन अभियान (special enforcement operation) की शुरुआत कर रही है, जिसके तहत जिन वाहनों के पास अब वैध प्रदूषण नियंत्रण (legal pollution control) प्रमाणपत्र नहीं होता है तो उन पर 10,000 रुपये का भारी चालान और जुर्माना लगाया जा सकता है। केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 115(7) के मुताबिक अब नियमों में सख्ती के बाद प्रथम रजिस्ट्रेशन के एक वर्ष बाद सभी वाहनों के पास वैध पीयूसी प्रमाणपत्र होना जरूरी है।
किन वाहनों पर लागू होता है यह नियम (central motor vehicle rules)
बता दें कि PUC का यह नियम सिर्फ ईवी पर लागू नहीं होता है। बाकी के सभी पेट्रोल, डीजल और सीएनजी वाहनों पर लागू होता है। बता दें कि केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव (Union Environment Minister Bhupendra Yadav) की अध्यक्षता में दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण कंट्रोल पर हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद कई अहम फैसले लिए गए हैं। इस दौरान बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Chief Minister Rekha Gupta), पीडब्ल्यूडी मंत्री और पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा भी उपस्थित रहे हैं।
मिशन मोड में सख्ती से लागू होगा यह नियम
दरअसल, दिल्ली सरकार 'बिना PUC के ईंधन नहीं' नियम (No fuel without PUC rule) को मिशन मोड में सख्ती से लागू करने वाली है। सीएम रेखा गुप्ता का कहना है कि PUC केंद्रों की कार्यप्रणाली को प्रभावी, पारदर्शी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक से निगरानी मजबूत की जाएगी।
सर्दियों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए इन वाहनों पर रहेंगी पाबंदियां
शहर में बढ़ते प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा (Environment Minister Manjinder Singh Sirsa) ने इमरजेंसी प्रतिबंधों की एक श्रृंखला का ऐलान किया है, जिनमे 1 नवंबर से 31 जनवरी तक धूल पैदा करने वाली तोड़फोड़ और बाहरी सिविल निर्माण गतिविधियों पर रोकथाम रहेगा और 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण एवं तोड़फोड़ पर रिस्ट्रिक्शन लागू रहने वाला है। इसके साथ ही 1 नवंबर से दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड गैर-BS-VI वाहनों (Non-BS-VI vehicles) के शहर में एंट्री पर रोक लगा दी जाएगी।
सरकार ने जारी किए ये दिशा-निर्देश (vehicles Parking charges)
सड़कों पर ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए सरकार की ओर से दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
1 नवंबर से दिल्ली में गाड़ियों का पार्किंग चार्ज (Parking charges for vehicles in Delhi) भी डबल किया जाएगा। हालांकि, ईवी वाहनों को इस अतिरिक्त पार्किंग शुल्क राहत मिलेगी। इसके साथ ही सरकारी और निजी दफ्तरों के लिए स्टैगर्ड ऑफिस टाइमिंग्स की व्यवस्था लागू की जाने वाली है। इसके अलावा कर्मियों के लिए 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम (work from home) का प्रोविजन किया जाने वाला है।
