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UP में फ्लैट लेने वालों के लिए जरूरी अपडेट, योगी सरकार ने बदले नियम

UP News - हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक आपको बता दें कि योगी सरकार अपार्टमेंट में फ्लैट लेने वालों के लिए सुरक्षा के इंतजाम को और पुख्ता कराने जा रही है। बता दें कि इसका मकसद आवंटियों को तय समय पर मकानों और फ्लैटों पर कब्जा दिलाने के साथ उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है...
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UP में फ्लैट लेने वालों के लिए जरूरी अपडेट, योगी सरकार ने बदले नियम

HR Breaking News, Digital Desk- Apartment-Flat in UP: योगी आदित्‍यनाथ सरकार अपार्टमेंट में फ्लैट लेने वालों के लिए सुरक्षा के इंतजाम को और पुख्ता कराने जा रही है। मानक पूरा किए बिना अब बिल्डर फ्लैटों पर कब्जा नहीं दे पाएंगे। इतना ही नहीं संबंधित विकास प्राधिकरणों से सुरक्षा संबंधी सभी जरूरी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) खासकर स्ट्रक्चरल और फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

आवंटियों की समस्याओं के समाधान के लिए पूर्व सीईओ नीति आयोग अमिताभ कांत की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया था। समिति के सुझाव के आधार पर सुधारात्मक उपाय किए जाने हैं।

इसका मकसद आवंटियों को तय समय पर मकानों और फ्लैटों पर कब्जा दिलाने के साथ उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। अमिताभ कांत की समिति ने राज्य सरकार को दी रिपोर्ट में आवंटियों को तय समय पर फ्लैटों पर कब्जा दिलाने, अपार्टमेंट में सुरक्षा के सभी जरूरी उपाय करने, बिल्डरों की मनमानी पर रोक लगाने और बिल्डरों के हितों की रक्षा के लिए जरूरी सुझाव दिए गए हैं।

राज्य सरकार इसके आधार पर आवंटियों का हित सुरक्षित करने जा रही है। इस रिपोर्ट के जरूरी सुझावों पर अमल करते हुए इसे लागू किया जाएगा। जरूरत के आधार पर प्रभावी मौजूदा नीतियों में संशोधन किया जाएगा और विकास प्राधिकरणों को दिशा-निर्देश जारी किया जाएगा। समिति के सुझाव के मुताबिक निर्मित अपार्टमेंट के लिए स्ट्रक्चरल सेफ्टी, फायर सेफ्टी के साथ अन्य जरूरी सुरक्षात्मक उपाय संबंधी एनओसी लेना अनिवार्य होगा। यह एनओसी मौका मुआयना करने के बाद ही बिल्डरों को दिया जाएगा, जिससे आवंटियों के लिए वहां रहना खतरनाक न हो।

इसके साथ ही समय-समय पर सुरक्षा उपायों का परीक्षण किया जाता रहेगा, जिससे किसी तरह की होने वाली कमी को समय रहते दूर किया जा सके। बिल्डरों को भवन विकास उपविधि का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा। तय मानक के मुताबिक फ्लैटों का निर्माण कराना होगा। इसमें सेटबैक, पार्किंग के लिए स्थान और खुल स्थान तय मानक के अनुसार छोड़ना होगा। बाहर से आने वालों के लिए अलग से पार्किंग स्थान आरक्षित करना होगा।