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UP News : अलग से भू-उपयोग बदलवाने की जरूरत नहीं, योगी सरकार लेकर आई नया नियम

yogi government : उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से अपने प्रदेशवासियों को अच्छी सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए तरह-तरह के कदम उठाए जा रहे हैं। योगी सरकार की तरफ से अब एक और नया नियम बनाया गया है जिसके तहत अब लोगों को उपयोग बदलवाने की जरूरत नहीं होगी। आइए खबर में जानते हैं योगी सरकार द्वारा बनाए गए इस नए नियम के बारे में विस्तार से।
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UP News : अलग से भू-उपयोग बदलवाने की जरूरत नहीं, योगी सरकार लेकर आई नया नियम

HR Breaking News : (UP Government) योगी सरकार की तरफ से अपने प्रदेशवासियों को अच्छी सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए नई-नई कोशिशें की जा रही है। यूपी में अब सरकार की तरफ से एक और नया नियम बनाया गया है जिसके तहत विकास प्राधिकरण इलाकों में जमीन उपयोग बदलवाने के लिए अलग से कागज तैयार करवाने की जरूरत नहीं होगी क्योंकि जैसे ही नक्शा पास होता है जमीन उपयोग भी बदला हुआ मान लिया जाएगा। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा यह कदम शहरी इलाकों में निर्माण (construction in urban areas) के लिए आ रही इस समस्या को दूर करने के लिए उठाया गया है। बीते सोमवार को कैबिनेट की बैठक में राजस्व संहिता में बदलाव के आदेश को मंजूरी दी गई है। संहिता की धारा 80 में बदलाव किया गया है। आइए जानते हैं योगी सरकार की तरफ से बनाए हुए इस नए नियम के बारे में विस्तार से।

 


क्या कहते है नए नियम


पुराने नियमों के तहत विकास प्राधिकरण इलाकों में कृषि योग्य भूमि को अगर गैर कृषि योग्य जमीन के तौर पर इस्तेमाल किया जाए तो सबसे पहले भूमि उपयोग बदलवाना पड़ता है। जमीन उपयोग बदलवाए बिना न ही तो उस जमीन को बेचा जा सकता है और न ही उस पर कोई व्यावसायिक निर्माण (commercial construction) किया जा सकता है, लेकिन अब योगी सरकार की तरफ से नियमों बदलाव किया गया है। नई नियमों के तहत विकास प्राधिकरण इलाकों (development authority areas) में जैसे ही जमीन का नक्शा (land map) पास किया जाता है तो साथ में ही जमीन उपयोग भी बदला मान लिया जाता है, इसके लिए अलग से कागजात पास करवाने की जरूरत नहीं होती है।


अगर जमीन पर नक्शे को पास कर दिया गया है तो यह मान लिया जाएगा कि जिस काम के लिए नक्शा पास हुआ है उस काम के लिए भूमि उपयुक्त है। योगी कैबिनेट (yogi cabinet) की तरफ से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अब राजस्व विभाग अपनी विस्तृत नियमावली बनाएगा जिसमें इससे जुड़े विस्तृत प्रावधान होंगे।

 


इस कारण लिया फैसला


जमीन उपयोग बदलने में हो रही दिक्कतों की वजह से विकास प्राधिकरणों (development authorities) में कई आवेदन लंबे समय तक अटके रहते थे। पहले इन मामलों को मुख्य नगर और ग्राम नियोजक के पास भेजा जाता था, लेकिन वहां जल्दी फैसला नहीं हो पाता था।


अब सरकार ने इन लंबे समय से अटके हुए मामलों को देखते हुए इस प्रक्रिया को आसान बना दिया है। योगी सरकार की तरफ से अपने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लिए काफी बड़-बड़े कदम उठाएं जा रहे है। 


सरकार की तरफ से उठाएं गए इस कदम से उद्योग लगाने में आसानी होगी, साथ ही रियल एस्टेट सेक्टर (real estate sector) और बड़े विश्वविद्यालयों व कॉलेजों को जमीन मिलने में भी मदद मिलेगी।
 

एक और नए प्रस्ताव को मंजूरी 


इस नए नियम के अलावा, सोमवार की कैबिनेट बैठक (cabinet meeting) में ऊर्जा विभाग के एक अहम प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। कानपुर के घाटमपुर में 660 मेगावॉट की तीन यूनिट वाला पावर प्लांट केंद्र और यूपी सरकार (Central and UP government) का संयुक्त प्रोजेक्ट है। इसकी दो यूनिट शुरू हो चुकी हैं और तीसरी जल्द शुरू होगी।


योगी कैबिनेट बैठक में हुए कई बड़े फैसले


सोमवार को लखनऊ के लोकभवन (Lok Bhavan in Lucknow) में हुई कैबिनेट की इस बैठक में कई बड़े-बड़े फैसले लिए गए। इस बैठक में टोटल 39 प्रस्ताव में से 37 को मंजूरी दे दी गई और बचे हुए दो फैसलों  पर विचार आगे किया जाएगा। 


किसानों को लेकर भी इस बैठक में अहम फैसलें लिए गए है। किसानों की कमाई में बढ़ोतरी (Increase in farmers' income) के लिए अगली रबी फसल खरीद सत्र के लिए गेहूं खरीद की नीति को स्पष्ट कर दिया गया है। 


योगी कैबिनेट (yogi cabinet) में लिए गए इस फैसले के अनुसार इस साल गेहूं का MSP 2585 रुपए प्रति क्विंटल (wheat MSP) तय किया गया है, जोकि बीते साल की तुलना में160 रुपए प्रति क्विंटल अधिक है। सरकार की तरफ से उठाएं गए इस कदम के बाद किसानों को न केवल MSP मिलेगा बल्कि गेहूं की छनाई, सफाई और उतराई के लिए सरकार की ओर से 20 रुपए प्रति क्विंटल का अधिक भुगतान भी किया जाएगा।


यह पिछले साल की तुलना में 160 रुपए प्रति कुंतल ज्यादा है। किसानों को अब केवल एमएसपी ही नहीं मिलेगा बल्कि गेहूं की उतराई, सफाई और छनाई के लिए सरकार की ओर से 20 रुपए प्रति कुंतल का अतिरिक्त भुगतान भी किया जाएगा।