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हरियाणा के 9 जिलों में गांव में पानी के सैंपल की होगी जांच

Haryana News :हरियाणा के ग्रामीणों को पानी की गुणवत्ता के बारे में जानकारी साझा करने के लिए अब प्रदेश में पानी के सैंपल की जांच की जाने वाली है। प्रदेश के 9 जिलों में पेयजल की गुणवत्ता की जांच होगी। इसकी जांच मोबाइल लैबोरेट्री वैन (mobile laboratory van) करेगी। इससे ग्रामीणों को समय व धन की बचत हो सकेगी और पानी की गुणवत्ता की सही जानकारी मिल सकेगी।
 
हरियाणा के 9 जिलों में गांव में पानी के सैंपल की होगी जांच

HR Breaking News (Haryana News) हरियाणा के 9 जिलों में अब पानी की गुणवत्ता की जांच की जाने वाली है। जांच से पानी की शुद्धता की पहचान हो सकेगी। पेयजल गुणवत्ता की जांच (drinking water quality testing) से पानी से स्वास्थय संबधिंत होने वाली दिक्कतें के बारे में पता चलेगा, जिससे बीमारियों से बचाव हो सकेगा। ऐसे में आइए खबर में जानते हैं कि प्रदेश के किन 9 जिलों में पानी के सैंपल की जांच होगी।

मोबाइल लैबोरेट्री वैन करेगी जांच 


जन स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल लैबोरेट्री वैन (mobile laboratory van) हरियाणा के गांव-गांव में जाकर पेयजल की गुणवत्ता की जांच करने वाली है। इसके लिए विभाग ने 9 जिलों को चुना है। बड़ी बात यह है की जिन इलाकों में पेयजल सोर्स के खराब होने या पानी की गुणवत्ता प्रभावित होने की संभावना, उन्हें इस अभियान में प्राथमिकता दी है। योजना के मुताबिक मोबाइल लैब एक दिन में एक ही रूट पर 5 से 6 गांव का दौरा करेगी।

 

पेयजल के सैंपल की निशुल्क जांच 


ऐसे में ग्रामीण सप्लाई किए जा रहे पेयजल के सैंपल की निशुल्क जांच (Testing of drinking water samples) करा सकेंगे। पानी के केमिकल और बैक्टीरियालॉजिकल जांच की जाएगी, जिसमें पानी में रासायनिक तत्वों की अधिकता के साथ बैक्टीरिया से जो संभावित प्रदूषण होता है, उसका भी पता लग जाएगा। 


कुछ समय में रिपोर्ट मुहैया कराई जाएगी, जिससे ग्रामीणों को पानी की गुणवत्ता (water quality) के बारे में जानकारी मिलेगी। जांच से पानी की शुद्धता की पहचान संभव हो पाएगी और जो पानी में मौजूद हानिकारक रासायनिक तत्व और बैक्टीरिया है, उनका भी पता चल सकेगा।


 पानी में बैक्टीरिया और अन्य प्रदूषकों की मौजूदगी का समय रहते पता चलने से स्वास्थ्य से जुड़े जोखिम कम हो सकते हैं।

जांच से पता चलेगा पानी के तत्वों की अधिकता 


बता दें कि पानी में फ्लोराइड, नाइट्रेट, आयरन के साथ ही अन्य तत्वों की अधिकता (elements in water) का भी पता लगेगा। ग्रामीणों को पानी का सैंपल जांच करवाने के लिए प्रयोगशाला नहीं जाना पड़ेगा और जांच शुल्क भी देना नहीं होगा, जिससे ग्रामीणों के समय और धन की बचत होगी। इससे पानी से जो स्वास्थ्य संबंधित दिक्कतें हैं, उनसे भी बचाव हो सकेगा।

 

किस महीने किन जिलों में पहुंचेगी लैब


जन स्वास्थ्य विभाग के चीफ केमिस्ट जन स्वास्थ्य विभाग ने मोबाइल लैब के लिए जिलेवार शेड्यूल (District-wise schedule of mobile labs) भी तैयार कर लिया है, जिसके मुताबिक नवंबर और दिसंबर में पलवल, जनवरी 2027 में रेवाड़ी, फरवरी और मार्च में नारनौल, अप्रैल में गुरुग्राम, मई में सोनीपत, जून में सिरसा, जुलाई में हिसार, अगस्त में जींद और सितंबर में अंबाला जिले में मोबाइल लैब (Mobile Lab in Ambala) जाएगी और लगभग 11 महीने तक अलग-अलग जिलों में इसका अभियान चलाया जाएगा।