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क्या है 8वें वेतन आयोग में एरियर का खेल, पिछले दो वेतन आयोगों से समझें कैलकुलेशन

8th Pay Commission : केंद्र सरकार द्वारा अब जल्द ही 8वें वेतन आयोग को लागू किया जाने वाला है। इस वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों की सैलरी में बंपर बढ़ौतरी की जाएगी। इसके साथ ही साथ कर्मचारियों को एरियर (Arrer in 8th Pay Commission) का भी लाभ होने वाला है। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से पिछले दो वेतन आयोग की कैलकुलेशन के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं इस बारे में।

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क्या है 8वें वेतन आयोग में एरियर का खेल, पिछले दो वेतन आयोगों से समझें कैलकुलेशन

HR Breaking News (8th Pay Commission Update) केंद्रीय कर्मचारियों को पिछले काफी समय से 8वें वेतन आयोग का इंतजार है। हाल ही में 8वें वेतन आयोग को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आ रहा है। बता दें कि इस वेतन आयोग (Pay commission latest update) के तहत कर्मचारियों की सैलरी बढ़ने के साथ साथ उनको एरियर का भी लाभ होने वाला है। आइए खबर के माध्यम से जानते हैं 8वें वेतन आयोग से जुड़े इस लेटेस्ट अपडेट के बारे में पूरी जानकारी।

 

 


कर्मचारियों को है 8वें वेतन आयोग के लागू होने का इंतजार 

8वें वेतन आयोग का इंतजार सरकारी कर्मचारियों के द्वारा बेसब्री से किया जा रहा है। जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय सरकार फाइनेंशियल ईयर 2028 में आठवें केंद्रीय वेतन आयोग (Central Pay Commission) की सिफारिशों को लागू होने के बाद 15 महीने तक की सैलरी बकाया के तौर पर दे सकती है। रिपोर्ट में बताया गया है कि केंद्रीय बजट 2026-27 के लिए अपनी अपेक्षाओं में बताया गया है कि 1 जनवरी, 2026 से 8वें वेतन आयोग के पूर्वव्यापी कार्यान्वयन होने की वजह से FY 2028 में भारत सरकार के सैलरी (Basic salary Hike) पर खर्च में भारी वृद्धि कर सकती है। इसकी वजह से कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 15 महीनों का बकाया जमा किया जा सकेगा, इसकी वजह से FY2029 में सैलरी पर सरकारी खर्च में और भी ज्यादा वृद्धि देखने को मिल सकती है।


वेतन आयोग में वृद्धि की उम्मीद 

रिपोर्ट में बताया गया है कि 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को 1 जनवरी, 2026 से पूर्वव्यापी रूप से लागू माना जाएगा। इसकी वजह से FY2028 में भारत सरकार के सैलरी पर खर्च में भारी वृद्धि करने की उम्मीद लगाई है। इससे 15 महीनों का बकाया जमा किया जाएगा। इसकी वजह से निस्संदेह उस फाइनेंशियल ईयर और फाइनेंशियल ईयर 2029 में भारत सरकार के प्रतिबद्ध व्यय भार में वृद्धि (Salary Hike in 8th Pay Commission) होने वाली है। आगे बताया गया है कि 8वें सीपीसी के कार्यान्वयन में देरी से भारी बकाया राशि जमा की जा सकती है। इसकी वजह से फाइनेंशियल ईयर 2028 के बजट पर बड़ा वित्तीय प्रभाव पड़ने वाला है।


8वें वेतन आयोग के कार्यान्वयन में देरी 

8वें वेतन आयोग के कार्यान्वयन में देरी होने की वजह से भारी बकाया राशि को जमा कर लिया जाएगा। इस वजह से फाइनेंशियल ईयर 2028 के बजट पर इसका वित्तीय प्रभाव काफी ज्यादा हो जाएगा। इसमें सैलरी (Basic salary Hike) पर खर्च में 40-50 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की जा सकती है। इसकी वजह से फाइनेंशियल ईयर 2028 और शायद फाइनेंशियल ईयर 2029 में पूंजीगत खर्च समेत विवेकाधीन खर्च के लिए वित्तीय गुंजाइश सीमित कर दी जाएगी।

पिछले वेतन आयोग में मिला था इतना इतना एरियर 

7वें वेतन आयोग को फाइनेंशियल ईयर 2017 में सिर्फ छह महीने के बकाया वेतन के साथ ही लागू किया जा रहा था। हालांकि एरियर के भुगतान की वजह से भारत सरकार का सैलरी बिल फाइनेंशियल ईयर 2016 के 1.5 ट्रिलियन रुपये (8th Pay Commission Latest Update) से बढ़कर फाइनेंशियल ईयर 2017 में 20.4 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1.8 ट्रिलियन रुपये तक कर दिया जाएगा। फाइनेंशियल ईयर 2017 में सैलरी पर सरकारी खर्च गैर-ब्याज गैर-सब्सिडी रेवेन्यू खर्च का 18.6 प्रतिशत तक था। जोकि पिछले 15 सालों में सबसे ज्यादा रहा था।


दो किस्तों में हुआ था एरियर का भुगतान 

6वें वेतन आयोग के तहत, सरकार ने ढाई साल से अधिक का एरियर (Arrer Hike) दो किस्तों में भुगतान कर दिया था। पहली किस्त में, सरकार ने फाइनेंशियल ईयर 2009 में 40 प्रतिशत तक की बकाया राशि का भुगतान किया है और बचा हुआ 60 प्रतिशत तक भुगतान फाइनेंशियल ईयर 2010 में कराया जाएगा। ऐसा इस वजह से हो रहा है क्योंकि छठे सीपीसी (6th Pay Commission) की सिफारिशों को 1 जनवरी, 2006 से लागू किया कर दी गई थी। हालांकि इसे फाइनेंशियल ईयर 2009 के बीच में ही लागू किया जा सकता है। इसके परिणामस्वरूप ढाई साल से ज्यादा का बकाया रह गया है।

6वें वेतन में मिला इतना एरियर 

6वें वेतन आयोग को 1 जनवरी, 2006 से प्रभावी करना था। हालांकि ये फाइनेंशियल ईयर 2009 के बीच से काफी विलंब के साथ लागू किया गया था। इसके परिणामस्वरूप (6th Pay Commission Update) 2.5 साल से अधिक का बकाया जमा हो गया था। इस बकाये को दो किस्तों में चुकाया जा रहा है। साथ ही में फाइनेंशियल ईयर 2009 में लगभग 40 प्रतिशत और फाइनेंशियल ईयर 2010 में लगभग 60 प्रतिशत तक की बढ़ौतरी की है।


साथ ही में 6वें वेतन आयोग द्वारा अनुशंसित सैलरी रिवीजन के कार्यान्वयन से फाइनेंशियल ईयर 2009 में वेतन खर्च में 60.4 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की जा रही है। फाइनेंशियल ईयर 2010 में इसमें 31 प्रतिशत की वृद्धि (Basic salary Hike) देखने को मिल रही है। गैर-ब्याज गैर-सब्सिडी खर्च के अनुपात में सैलरी फाइनेंशियल ईयर 2008 में 13 प्रतिशत से बढ़कर फाइनेंशियल ईयर 2009 में 15.6 प्रतिशत और फाइनेंशियल ईयर 2010 में 17.3 प्रतिशत हो गई है।