DA के बेसिक सैलरी में मर्ज होने से कर्मचारियों को क्या होगा लाभ, जान लें पूरा कैलकुलेशन
DA Hike : 8वें वेतन आयोग का कर्मचारियों को काफी लंबे समय से इंतजार है। बताया जा रहा है कि सरकार 8वें वेतन आयोग के तहत डीए को बेसिक सैलरी में मर्ज कर देगी। इसकी वजह से कर्मचारियों (Update for employess) को काफी लाभ मिलने वाला है। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से इस बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। आइए जानते हैं इस बारे में।
HR Breaking News (DA Hike latest Update) देशभर में 8वें वेतन आयोग का इंतजार किया जा रहा है। अब सरकार जल्द ही इस वेतन आयोग को लागू कर देगी। इस वेतन आयोग के लागू होते ही कर्मचारियों की सैलरी (Basic salary hike) में बूम आएगा। इस वेतन आयोग में सरकार कर्मचारियों की सैलरी में डीए को मर्ज कर देगी। ऐसे में कर्मचारियों को महंगाई से लड़ने में काफी मदद मिलेगी।
8वें वेतन आयोग को लेकर तेज हुई चर्चाएं-
देशभर में 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं काफी तेज हो रही है। सरकार संकेत दे चुकी है कि बढ़ी हुई सैलरी 1 जनवरी 2026 से लागू हो सकती है, हालांकि रिपोर्ट आने और लागू (New Pay commision) होने में 18 महीने या उससे ज्यादा का समय लग सकता है। यही देरी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए भारी पड़ सकती है। इसी वजह से डीए को बेसिक सैलरी में मर्ज करने की मांग की जा रही है।
एक्सपर्ट्स ने दी जानकारी-
एक्सपर्ट्स के मुताबिक अगर रिपोर्ट 18 महीने बाद लागू कर दी जाती है तो फिर एरियर सिर्फ बेसिक और डीए (8th Pay Commission Basic Salary DA Merger) के फर्क का मिलेगा। लेकिन एचआरए (House Rent Allowance) और टीए (ट्रांसपोर्ट अलाउंस) का एरियर (8th Pay Commission HRA TA Arrier) नहीं दिया जाएगा। कर्मचारियों को असली नुकसान यहीं से होने वाला है।
समझिये कैलकुलेशन के माध्यम से-
उदाहरण के तौर पर अगर किसी कर्मचारी की 1 जनवरी 2026 को बेसिक सैलरी (DA Merge in Salary) 80,800 रुपये है और डीए 60 प्रतिशत तक दिया जा रहा है तो 60 प्रतिशत डीए का मतलब हुआ 48,480 रुपये यानी कुल सैलरी (बेसिक+डीए) 1,29,280 रुपये हो जाएगी।
फिलहाल एचआरए 30 प्रतिशत के हिसाब से दिया जाता है।
30 प्रतिशत of 80,800 रुपये = 24,240 रुपये प्रति माह के हिसाब से मिल जाता है।
अब मान लें फिटमेंट फैक्टर 2.5 प्रतिशत (DA Merge) तक लागू कर दिया जाता है।
ऐसे में नई बेसिक सैलरी 80,800 रुपये × 2.5 प्रतिशत = 2,02,000 रुपये होगी।
हालांकि डीए 25 प्रतिशत से नीचे आने पर एचआरए 30 प्रतिशत से घटकर 24 प्रतिशत हो जाता है।
तो नया एचआरए = 24 प्रतिशत of 2,02,000 रुपये = 48,480 रुपये होगी।
अब फर्क देखें तो पुराना एचआरए (HRA Latest Update) 24,240 रुपये तक का था और नया होना चाहिए 48,480 रुपये।
इसका मतलब है कि प्रति माह लगभग 24,230 रुपये का अंतर होगा।
अगर 18 महीने तक एचआरए का एरियर नहीं मिलाता है तो फिर 24,230 रुपये × 18 = 4,36,140 रुपये का नुकसान सिर्फ एचआरए में होगा।
अब टीए जोड़ दें तो फिर मान लें 3,000 रुपये महीना का फर्क है।
3,000 रुपये × 18 = 54,000 रुपये तक की हो जाएगी।
कुल संभावित नुकसान = 4,36,140 रुपये + 54,000 रुपये ≈ 4.90 लाख रुपये (basic salary hike) का हो जाएगा।
इसका मतलब है कि 18 महीने की देरी में 4.5 से 5 लाख रुपए तक का झटका लग सकता है।
डीए मर्ज होने पर हो जाएगी इतनी सैलरी-
अगर 60 प्रतिशत डीए को 1 जनवरी 2026 से बेसिक में जोड़ दिया जाता है तो
नई बेसिक = 80,800 रुपये + 60 प्रतिशत = 1,29,280 रुपये हो जाएगा।
अब 24 प्रतिशत एचआरए लगेगा। ऐसे में 1,29,280 रुपये × 24 प्रतिशत = 31,027 रुपये हो जाएगा।
कर्मचारियों पर नहीं पड़ेगा देरी का बोझ-
इस स्थिति में एचआरए का अंतर कम हो जाएगा और कुल नुकसान कम होकर लगभग 1 से 1.5 लाख रुपये के बीच रह सकता है। यही कारण है कि कर्मचारी और पेंशनर्स संगठन लगातार मांग कर रहे हैं कि डीए को तुरंत बेसिक में मर्ज (DA Mege in Basic salary) कर दिया जाए। डॉ. पटेल का तर्क साफ है कि रिपोर्ट जब आए, तब आए... लेकिन देरी का बोझ कर्मचारियों पर नहीं पड़ना चाहिए।
