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Gold Price 2026 : दिसंबर 2026 तक कितनी बढ़ेगी सोने की कीमत, निवेश से पहले जान लें कैलकुलेशन

Gold Price 2026 -  सोने में निवेश करने वालों के लिए 2026 अहम साल हो सकता है। दरअसल आपको बता दें कि विशेषज्ञों का अनुमान है कि, दिसंबर 2026 तक सोने की कीमतों में अच्छी बढ़त देखने (gold price hike) को मिल सकती है। लेकिन निवेश से पहले संभावित रिटर्न और कीमतों की गणना समझना जरूरी है, ताकि आप सही समय और सही रणनीति के साथ फैसला ले सकें... तो चलिए आइए नीचे खबर में विस्तार से जान लेते है इस बारे में-
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Gold Price 2026 : दिसंबर 2026 तक कितनी बढ़ेगी सोने की कीमत, निवेश से पहले जान लें कैलकुलेशन

HR Breaking News, Digital Desk-  2025 में सोना, चांदी और तांबे ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया। खास तौर पर सोने की कीमतों में करीब 70 प्रतिशत तक की तेजी देखने को मिली, जिससे कई शेयर बाजार के स्टॉक्स (share market stocks) पीछे रह गए। निवेशकों (investors) में उत्साह रहा, लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या 2026 में भी सोने की यही तेजी बरकरार रहेगी।

 

 2026 में कहां तक जा सकती हैं सोने की कीमतें-

विशेषज्ञों के मुताबिक, 2025 जैसा असाधारण रिटर्न दोबारा मिलना मुश्किल है, लेकिन 2026 में सोना 12 से 15 प्रतिशत तक का रिटर्न दे सकता है। फिलहाल 24 कैरेट 10 ग्राम सोने की कीमत करीब 1,35,070 रुपये है, जो 2026 के अंत तक 1,50,000 से 1,70,000 रुपये तक पहुंच सकती है। हालांकि मुनाफावसूली के दौरान भाव (Price during profit booking) 1,18,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक फिसल सकता है, लेकिन इसकी संभावना कम मानी जा रही है।

 

निवेशकों को कितना फायदा मिल सकता है-

अगर कोई निवेशक जनवरी 2026 में सोने में 3 लाख रुपये का निवेश (gold investment) करता है और उसे 13 से 15 प्रतिशत का रिटर्न मिलता है, तो दिसंबर 2026 तक उसकी निवेश राशि बढ़कर करीब 3.36 लाख से 3.45 लाख रुपये हो सकती है।

 कैसे तय होती है सोने की कीमत-

सोने और चांदी की कीमतें (Gold and silver prices) रोजाना घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कई कारकों से प्रभावित होती हैं। इनमें सबसे अहम भूमिका डॉलर-रुपया विनिमय दर (dollar-rupee exchange rate) की होती है। डॉलर मजबूत या रुपया कमजोर होने पर भारत में सोने के दाम बढ़ जाते हैं। इसके अलावा आयात शुल्क, जीएसटी (GST) और अन्य कर भी कीमतों पर असर डालते हैं।

वैश्विक और स्थानीय कारक-

भू-राजनीतिक तनाव, युद्ध की स्थिति, वैश्विक आर्थिक मंदी (global economic recession) और केंद्रीय बैंकों (central banks) की बढ़ी हुई खरीद से सोने की मांग बढ़ जाती है। ऐसे हालात में निवेशक जोखिम भरी परिसंपत्तियों से दूरी बनाकर सोने जैसी सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं, जिससे कीमतों में मजबूती बनी रहती है।

भारत में सोने का सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व-

भारत में सोने का सांस्कृतिक महत्व भी इसकी कीमतों को प्रभावित करता है। शादी-ब्याह, त्योहारों और शुभ अवसरों पर सोने की मांग में इजाफा होता है। इसके अलावा महंगाई के दौर में निवेशक (Investors in times of inflation) सोने को सुरक्षित निवेश विकल्प के तौर पर देखते हैं।