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Gold Price Today : सोने ने तोड़ा 40 साल का रिकॉर्ड, अब इतने हो गए 10 ग्राम गोल्ड के रेट

Gold Rate Hike : सोने के भाव इस साल सबसे तेज रफ्तार से दौड़ रहे हैं। इसी कारण सोने की कीमतों (gold price hike) का 40 साल पुराना रिकॉर्ड भी टूट गया है। चांदी में भी इन दिनों जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। जिस गति से इन दोनों धातुओं की कीमतें (sone chandi ki kimat)दौड़ लगा रही हैं, उसे देखकर तो लगता है कि खासकर सोना अभी और कई बरसों का रिकॉर्ड तोड़ सकता है। अगर आप सोना खरीदने की सोच रहे हैं तो इस समय सोने के 10 ग्राम के रेट (gold rate today) जरूर चेक कर लें।

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Gold Price Today : सोने ने तोड़ा 40 साल का रिकॉर्ड, अब इतने हो गए 10 ग्राम गोल्ड के रेट

HR Breaking News : (gold silver rate today)। सोना-चांदी के दामों में अब तो जैसे एक-दूसरे से आगे बढ़ने की होड़ लगी हुई है। सोने (Gold Rally 2025) ने एक ओर जहां 40 का रिकॉर्ड तोड़ डाला है, वहीं प्रति किलो चांदी भी पहली बार इस साल 1 लाख से पार हुई है। इसी गति से रेट बढ़ते रहे तो प्रति तोला सोना भी 1 लाख के भाव (sone ka bhav) को जल्द ही पार कर जाएगा।

इस समय सोना-चांदी के दामों में तगड़ा उछाल देखने को मिल रहा है। सोने में निवेश करने वालों को भी सोना-चांदी के दाम चौंका रहे हैं। खबर में जानिये सोना-चांदी (gold silver rate 2 april) में दिन प्रति दिन हो रही बढ़ौतरी के कारण और इनके लेटेस्ट रेट।


कीमतें बढ़ने का सिलसिला जारी - 


सोने ने अपने दामों (sone ka bhav) में बढ़ौतरी पाने के साथ ही रिटर्न देने का भी पुराना रिकॉर्ड तोड़ डाला है। इसमें पिछले साल से शुरू हुआ तेजी का सिलसिला अब तक जारी है। सोने की कीमतों (gold rate hike reasons) ने इसी साल में पिछले 20 दिनों में नया ऑल टाइम हाई का रिकॉर्ड बनाया है। इन दिनों में पिछले रिकॉर्ड टूटते नजर आए हैं। इसी गति से रेट बढ़े तो आगे नए रिकॉर्ड भी बनेंगे। 

तीन महीनों में आई सबसे ज्यादा तेजी-


इस साल में पहले तीन महीनों में सोने की कीमत (sone ki kimat) में 18.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। 1986 के बाद यानी 40 साल बाद यह इतनी तेजी सोने में देखने को मिली है। निवेशकों को इससे जबरदस्त फायदा हुआ है। इस समय घरेलू स्तर पर 24 कैरेट गोल्ड का रेट करीब 90,410 रुपये (24 carat gold rate) प्रति 10 ग्राम चल रहा है। वहीं चांदी भी लगभग 1 लाख 4 हजार रुपये प्रति किलो पर बिक रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में यह 3,132 डॉलर प्रति औंस से भी अधिक रहा है। सोने के हर दिन बढ़ते रेट के पीछे जानिये क्या करण हैं-

दूसरे देश कर रहे जमकर खरीदारी-


सोने के दाम (gold price hike) बढ़ने के पीछे एक कारण यह भी है कि दूसरे देशों के केंद्रीय बैंक सोने की रिकॉर्ड खरीदारी कर रहे हैं। पिछले तीन साल का आंकड़ा देखें तो अलग-अलग देशों के विभिन्न केंद्रीय बैंकों ने 1,000 टन से अधिक सोना खरीदा है। बड़े आर्थिक संकट से निपटने की यह पूर्व तैयारी कही जा सकती है। इस कारण सोने की कीमतों (sona chandi ke rate) में लगातार तेजी आ रही है।

आर्थिक उतार चढ़ाव के कारण बढ़ी कीमत-


इस समय दुनिया में आर्थिक मंदी की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर के कारण काफी कुछ बदला है। इससे निवेशक गोल्ड (gold investment tips) में निवेश करना सुरक्षित मान रहे हैं और सोने में निवेश भी बढ़ा है।

ब्याज दरों में फेरबदल -


जब भी केंद्रीय बैंकों की ओर से ब्याज दरों में कटौती की जाती है तो सोने में निवेश बढ़ जाता है। इससे अधिक रिटर्न की उम्मीदें की जाती हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) और अन्य देशों के केंद्रीय बैंकों ने इस साल भी ब्याज दरों में कटौती करने के संकेत दिए हैं। हालांकि इससे पहले भी कुछ देशों के केंद्रीय बैंकों ने ब्याज दरों में कटौती की है। इससे सोने में निवेश (investment in gold) करने की ओर लोगों का रुझान बढ़ा है।


भू-राजनीतिक तनाव का हो रहा असर -


कई देशों के बीच इस समय सैन्य संघर्ष जारी हैं। इसे देखते हुए इसमें कोई दो राय नहीं है कि अब भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है। दुनिया के सामने रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia–Ukraine War), इजरायल-हमास और इजरायल-इराक के बीच हुए युद्ध इसका उदाहरण हैं। इस स्थिति में सुरक्षित निवेश के तौर पर गोल्ड की डिमांड (MCX gold rate) बढ़ी है।

अमेरिकी डॉलर सूचकांक के आंकड़ों में हलचल-


इस साल के शुरुआती तीन महीनों में अमेरिकी डॉलर सूचकांक (US dollar index) में गिरावट आई है। यह आंकड़ा 4.5 प्रतिशत का रहा है। इसका असर यह पड़ा है कि दूसरे देश की करेंसी में सोना सस्ते रेट (sasta sona) में खरीदा जा सकता है। भारत के निवेशकों को इसका काफी फायदा मिला है। 

निवेश स्कीमों से बदले सोने के भाव-


गोल्ड ईटीएफ और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स (Gold ETFs and Sovereign Gold Bonds) के अलावा सोने में निवेश की कई आकर्षक स्कीमों के कारण सोने में निवेश (investment in gold schemes) बढ़ा है। युवा निवेशकों ने भी सोने के प्रति खूब रुझान दिखाया है।

शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव -


शेयर बाजार में लंबे समय से अस्थिरता बनी हुई है। इसका असर सोने की कीमतों (sone ka aaj ka rate) पर पड़ा है। भारत और अमेरिका सहित कई  देशों के शेयर बाजारों में लगातार कई दिनों से अस्थिरता देखी जा रही है। इस कारण अब निवेशक सोने को निवेश का सुरक्षित विकल्प समझकर इसमें निवेश कर रहे हैं। 

चीन के बीमा उद्योग की गोल्ड में एंट्री


सोने की कीमतें बढ़ने के पीछे एक बड़ा कारण यह भी है कि चीन की 10 बड़ी बीमा कंपनियों में से कई ने सोने को निवेश को बेहतर माना है। इन कंपनियों की ओर से सोने (gold rate hike) में अरबों डॉलर का निवेश होने की संभावनाएं बनी हुई हैं। ये कंपनियां इतनी बड़ी हैं कि  1 प्रतिशत भी निवेश करती हैं तो इससे 183 टन सोने की खरीदारी की जा सकती है।

दूसरे देशों में सोने की मांग बढ़ना -


अमेरिका सहित दूसरे देशों में सोने की मांग (gold silver rate) बढ़ने से भी सोने की कीमतें हाई होती हैं। अमेरिकी निवेशकों ने पिछले कुछ सालों में भारी मात्रा में सोना खरीदा है। इस कारण Comex पर सोने की होल्डिंग्स उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं, जो सोने के दामों को और बढ़ा रही हैं। 


आगे यह रहेगी सोने की स्थिति-


सोने के भावों की वर्तमान स्थिति को देखते हुए सोने के दामों (sone chandi ke daam) में निकट भविष्य में भी तेजी जारी रहेगी। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक उपरोक्त कारक बने रहेंगे तब तक तेजी जारी रहेगी। कुछ प्रमुख वित्तीय संस्थानों ने गोल्ड के लिए टारगेट प्राइस (gold target price) भी बढ़ाया है, जिस कारण रेट हाई हो रहे हैं।

कुछ विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि गोल्ड के रेट तेजी से गिर भी सकते हैं। ट्रेड वॉर और भू-राजनीतिक तनाव जैसी समस्या कम होने पर सोने की कीमतें (sone ki kimat) गिर सकती हैं। ऐसा होने पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना घटकर 2,700 डॉलर प्रति औंस के रेट पर आ सकता है, जो भारत जैसे अन्य देशों में भी कीमतें गिराने का काम कर सकता है।