Gold Silver New Record : सोने की कीमत 1 लाख 44 हजार के पार तो चांदी 2.65 को कर गई क्रॉस, इतनी हो गई बढ़ौतरी
HR Breaking News : (Gold Silver Latest Price) सोने और चांदी की कीमतें पिछले कई दिनों से इतिहास बनाती हुई नजर आ रही है। वर्ष 2025 में सोने और चांदी की कीमतों में काफी ज्यादा इजाफा देखने को मिला। नए साल की शुरुआत के बाद भी सोने और चांदी की कीमतों में आए उतार चढ़ाव के बाद कीमतें उच्च सत्र पर ही रही है। सोने और चांदी के बढ़ रहे भाव को देख जेवरातों की खरीदारी करने के मामले में लोग अपने पैर पीछे कर रहे हैं। आज भारतीय सर्राफा बाजार में दोनों धातुओं की कीमतों में रिकॉर्ड तोड़ डाले हैं।
भारतीय सर्राफा बाजार (Indian bullion market) में रचे जाने वाले इस इतिहास के पीछे का कारण वैश्विक अनिश्चितताएं और भू-राजनीतिक तनाव ही है। राजधानी दिल्ली में चांदी की कीमतों में एक ही दिन में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि सोना भी अपने नए सर्वकालिक हाई लेवल (All-time high) पर पहुंच गया है।
चांदी की कीमतों में इतना इजाफा
ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन' द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, आज सोमवार के दिन चांदी की कीमतों (Today Silver Price) में 15,000 रुपये प्रति किलोग्राम की भारी बढ़ोतरी हुई, जिससे यह 6 % बढ़कर 2,65,000 रुपये प्रति किलोग्राम के नए स्तर पर पहुंच गई। पिछले कारोबारी सत्र की बात करे तो यह 2,50,000 रुपये पर बंद हुई थी। सोने की चमक भी और तीखी हो गई है, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 2,900 रुपये (2.05%) की तेजी के साथ 1,44,600 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। शुक्रवार को यह 1,41,700 रुपये पर बंद हुआ था।
सोने की कीमतों का जिक्र (Gold Price Updates) किया जाएं तो आज 99.9 % शुद्धता वाला सोना 2,900 रुपये (2.05%) की तेजी के साथ 1,44,600 रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल पर पहुंच गया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी टूट रहे रिकॉर्ड
घरेलू बाजार में सोने और चांदी के भाव में उछाल (Gold And Silver Rate Hike) वैश्विक रुझानों का सीधा परिणाम है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड ने 4,600 डॉलर प्रति औंस का स्तर पार किया, जो 2% बढ़कर 4,601.69 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। स्पॉट सिल्वर 6% बढ़कर 84.61 डॉलर प्रति औंस हो गई।
सर्राफा बाजार में आई इस तेजी के पीछे का कारण
बाजार सलाहकारों का मानना है कि इस अभूतपूर्व तेजी के पीछे मुख्य रूप से दो कारक हैं: बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका में आर्थिक अनिश्चितता।
1. भू-राजनीतिक तनाव : ईरान में बढ़ती अशांति और रूस-यूक्रेन संघर्ष के चलते जियो-पॉलिटिकल चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद सैन्य विकल्पों पर विचार करने की बात कही है, जिससे तनाव और बढ़ गया है। ऑगमोंट की रिसर्च हेड रेनिशा चैनानी के अनुसार, यह स्थिति वैश्विक बाजारों पर असर डालती (Gold Rate Hike Reason) है।
2. फेडरल रिजर्व संकट: HDFC सिक्योरिटीज के सौमिल गांधी का कहना है कि, निवेशकों की उम्मीदें राष्ट्रपति ट्रम्प और फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पावेल के बीच बढ़ते विवाद से प्रभावित हुई है। मिली जानकारी के अनुसार, US अटॉर्नी ऑफिस ने पावेल के खिलाफ आपराधिक जांच शुरू की है, जिससे फेड की स्वतंत्रता को लेकर चिंताएं पैदा हो गई हैं। अमेरिकी डॉलर पर दबाव भी इसी जांच की वजह से हुआ है, जिससे बुलियन कीमतों को समर्थन मिला।
आने वाले दिनों में बाजार की आंखे अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों टिकी होगी। रेनिशा चैनानी ने कहा, "इस हफ्ते का आर्थिक कैलेंडर बीजी है और कल (मंगलवार) को आने वाली दिसंबर CPI रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी"। सलाहकारों का मानना है कि कीमती धातुओं के लिए व्यापक दृष्टिकोण सकारात्मक बना हुआ है।
गौरव गर्ग कहते हैं कि दुनिया के शेयर बाजार में उथल-पुथल, देशों के बीच तनाव और लोगों का सेफ निवेश की ओर रुझान होने से सोने और चांदी की कीमतें (Gold And Silver Price) मजबूत रहने की उम्मीद है।
