Home Loan : पत्नी के नाम होम लोन लेने के ये हैं बड़े फायदे, बचा सकते हैं लाखों रुपये
HR Breaking News, Digital Desk - (Home Loan Latest Updates)अपना घर होना हर आदमी का सपना होता है। अपना घर खरीदने में लोगों की पूरी जिंदगी की सेविंग्स लग जाती हैं। दूसरी तरफ कई बार अपना घर लेने के लिए लोग होम लोन का सहारा भी लेते हैं। अगर आप भी अपना घर खरीदने के बारे में विचार कर रहे हैं और होम लोन भी लेना चाह रहे हैं तो यह खबर आपके लिए ही है। क्या आप जानते हैं कि आपकी पत्नी आपके होम लोन को और अधिक किफायती बना सकती है?
पिछले कुछ सालों में देश के इकनॉमिक माहौल में अनेक परिवर्तन (change in economic environment)हुए हैं और उनमें से उन महिलाओं की संख्या में बढ़ोतरी होना शामिल है जो अब देश के वर्कफोर्स का हिस्सा बन चुकी हैं और इसी के नतीजे के तौर पर उनके फाइनेंस में भी बदलाव हुआ है। परिणामस्वरूप महिला प्रॉपर्टी मालिकों की संख्या (Number of women property owners) मे पिछले कुछ सालों में बढ़ोतरी हुई है। हाल ही में किए गए सर्वे से यह नोट किया गया है की पुरूषों की तुलना में महिलाओं के पास अधिक घर हैं। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं की पत्नी के नाम होम लोन लेने से क्या-क्या फायदे मिलते हैं और किस तरह हम अपनी पत्नी के नाम होम लोन लेकर लाखों रुपए की बचत कर सकते हैं।
ब्याज दरें (interest rates on home loan)
महिलाओं को घर का मालिक बनने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए अनेक बैंक तथा NBFC न केवल महिला उधारकर्ताओं को बल्कि ऐसे लोन जिनमें महिला को-एप्लिकेंट हैं और साथ ही प्रॉपर्टी की को-ऑनर हैं, पर सस्ती ब्याज दरों पर लोन ऑफर (Loan offers at affordable interest rates)करते हैं। रेग्यूलर उधारकर्ताओं की तुलना में महिला उधारकर्ताओं को ऑफर की जाने वाली ब्याज दरें खास तौर पर 0.05 से 0.1 प्रतिशत तक कम होती हैं। ऑफर की जाने वाली सस्ती दरें अलग-अलग उधारदाताओं की अलग हो सकती हैं और आमतौर पर ये एप्लिकेंट के क्रेडिट स्कोर पर आधारित होती हैं। कम दर का नतीजा कम ईएमआई होता है और ब्याज का आउटगो भी कम होता है, जिससे बचत को अधिकतम करने में सहायता मिलती है।
कम स्टाम्प ड्यूटी (low stamp duty)
पूरे भारत में प्रॉपर्टी की बिक्री या खरीद (sale or purchase of property) पर स्टाम्प ड्यूटी लगाई जाती है। आमतौर पर इसे प्रतिशत के रूप में कैलकुलेट किया जाता है जो प्रॉपर्टी की कीमत के 3% से 9% या अधिक की रेंज में होती है। लेकिन, पूरे भारत में हर राज्य में यह ड्यूटी अलग-अलग होती है तथा अनेक राज्यों द्वारा घर खरीदने वाली महिलाओं को स्टाम्प ड्यूटी में छूट दी जाती है।
उदाहरण के लिए महाराष्ट्र में स्टाम्प ड्यूटी पुरूषों के लिए 6% है और महिलाओं के लिए 5% है। पंजाब में घर खरीदने वाली महिलाओं से, पुरूषों से ली जाने वाली 7% की स्टाम्प ड्यूटी की तुलना में बहुत कम यानी 5% स्टाम्प ड्यूटी चार्ज की जाती है। अनेक अन्य राज्य जैसे हरियाणा, राजस्थान, ओडिशा तथा उत्तराखंड में भी महिलाओं से कम स्टाम्प ड्यूटी ली जाती है।
टैक्स लाभ (tax benefit)
प्राइमरी या को-एप्लिकेंट्स के रूप में होम लोन का आवेदन (home loan application)करने वाली महिलाएं आयकर अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत टैक्स बेनेफिट (tax benefit)प्राप्त कर सकती हैं। 80 C के तहत उधारकर्ता अपने होम लोन की प्रिंसिपल राशि पर 1.5 लाख रूपये तक की टैक्स डिडक्शन प्राप्त कर सकते हैं। सेक्शन 24 B में अधिकतम 2 लाख रूपये की टैक्स डिडक्शन की अनुमति पूरी तरह से निर्मित घर के लिए गए होम लोन से जुड़े ब्याज पर दी जाती है।
ब्याज दर सब्सिडी
महिलाओं को अधिक से अधिक मकान-मालिक बनने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए भारत सरकार ने अनेक स्कीमों की घोषणा की है जिनमें ब्याज सब्सिडी (interest subsidy)भी शामिल है। उनमें से एक स्कीम प्रधानमंत्री आवास योजना है, जिसमें महिलाओं के लिए घर का मालिक या को-ऑनर होना ज़रूरी होता है, जिसमें 2.67 लाख रूपये की अधिकतम ब्याज सब्सिडी प्रदान की जाती है। इसके अलावा आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (EWS) या निम्न आय समूह (LIG) से जुड़ी सिंगल या विडो महिला उधारकर्ता 6 लाख रूपये तक लोन पर 6.5% सब्सिडी की पात्र होती हैं।
जैसा की आप जानते है अपना खुद का घर होने से फाइनेंशियल सिक्यूरिटी का बहुत बड़ा अहसास और मन की शांति मिलती है। ऊपर बताए गए इन्सेंटिव्स के अलावा, महिला उधारकर्ताओं के लिए उधारदाता होम लोन पर सीजनल या किसी खास मौके से जुड़ी डील्स ऑफर कर सकते हैं। ये डील सीमित समय के लिए हो सकती हैं और घर खरीदने में इनसे और भी अधिक सहायता मिल सकती है।
