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पर्सनल लोन की EMI का बोझ करना चाहते हैं कम, तो इन टिप्स को फॉलो करें

Personal Loan EMI  : अक्सर पैसे की तंगी (shortage of money) के चलते लोग सबसे पहले लोन का सहारा लेना चाहते हैं। माना जाता है कि लोन लेना जितना आसान होता है उतना ही मुश्किल होता है इसकी ईएमआई को समय पर चुकाना। ऐसे में अगर आपने भी पर्सनल लोन लिया है और ईएमआई से परेशान है तो आज हम आपको बताने जा रहे हैं उन खास तरीकों के बारे में, जिन्हें अपना कर आप अपनी Emi को कर सकते हैं कम।
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पर्सनल लोन की EMI का बोझ करना चाहते हैं कम, तो इन टिप्स को फॉलो करें

HR Breaking News, Digital Desk - अच्छे बुरे दिन किसमें नहीं आते है। ऐसे में कई बार बुरे वक्त के चलते लोगों को लोन का सहारा लेना पड़ जाता है, लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक ना होने के कारण लोग इसकी एमी से परेशान हो जाते हैं। बताया जाता है कि लोन (Loan) में सबसे ज्यादा महंगा पर्सनल लोन (Personal Loan) है। हैरानी की बात ये है कि सबसे ज्यादा लोग पर्सनल लोन (Personal Loan) ही लेते हैं।


अपनी जरूरतों को पूरा करने या फिर आपात स्थिति में पर्सनल लोन काफी मददगार साबित होता है। इसमें कोई गारंटी नहीं देनी होती है। इसके अलावा यह बाकी लोन की तुलना में काफी आसानी से मिल भी जाता है। हालांकि, इसमें सबसे ज्यादा ब्याज दर से ईएमआई (EMI) का भुगतान करना होता है।
ऐसे में ईएमआई को कैसे कम करें इसको लेकर हम कई उपाय भी ढूंढते हैं। आज हम आपको कुछ तरीकों के बारे में बताएंगे जिनकी मदद से आप भी अपना ईएमआई का बोझ कम कर सकते हैं।


समझदारी से Loan चुने


कई बार लोग कुछ ऐसे कामों के लिए पर्सनल लोन ले लेते हैं, जहां कि वो पर्सनल लोन की जगह दूसरा सस्ता लोन ले सकते हैं। दरअसल, पर्सनल लोन आसानी से मिल जाता है, इस वजह से कई लोग इसे सेलेक्ट करते हैं।
उदाहरण के तौर पर अगर आप घर रिपेयर करवाने के लिए लोन लेने का सोच रहे हैं तो आपको होम लोन ही लेना चाहिए। अगर आप इसके लिए पर्सनल लोन लेते हैं तो आपको ये बहुत महंगा पड़ेगा।


Loan लेने के बाद EMI कम कैसे करें


आपके पास पर्सनल लोन है और आप ईएमआई से परेशान हो गए हैं तो आपके पास लोन शिफ्ट करने का ऑप्शन है। आप अपने लोन को दूसरे बैंक में शिफ्ट करके कम ब्याज का लाभ उठा सकते हैं।
इसके अलावा लोन प्रीपेमेंट (Loan Prepayment) को सेलेक्ट कर सकते हैं। लोन प्रीपेमेंट में आपके लोन का प्रिंसिपल अमाउंट कम हो जाता है और ईएमआई का अनुपात भी कम होने के साथ लोन का टेन्योर भी कम हो जाएगा।