Income Tax Return : आयकर के नियमों में बड़ा बदलाव, अब फॉर्म भरने का झंझट हुआ खत्म, एक क्लिक का रह गया काम
Income Tax : इनकम टैक्स के नियमों में अब एक बड़ा बदलाव दर्ज किया गया है। बता दें कि अब फॉर्म भरने का झंझट खत्म हो गया है। अब सिर्फ एक क्लिक (IT New Rules) में ही आप अपने काम को पूरा करा सकते हैं। इसकी वजह से टैक्सपैयर को काफी लाभ हो रहा है। खबर के माध्यम से जानिये इनकम टैक्स के इस नियम के बारे में।
HR Breaking News (Update for taxpayers) इनकम टैक्स के नियमों में सरकार समय समय पर बदलाव करती है। अब सरकार 1 अप्रैल से इनकम टैक्स के नियम बदलने वाली है। इसकी वजह से टैक्सपेयर (taxpayers News) को काफी लाभ होने वाला है। बता दें कि अब सरकार ने फॉर्म भरने का झंझट खत्म कर दिया है। अब सिर्फ एक क्लिक में टैक्य फोम भरा जा सकेगा। खबर के माध्यम से जानिये इस बारे में।
प्रणाली में आएगा बड़ा सुधार
भारत सरकार कर प्रणाली में दशकों का सबसे बड़ा सुधार करने की तैयारी कर रही है। बता दें कि अब 1 अप्रैल 2026 से नया आयकर अधिनियम 2025 लागू कर दिया जाएगा, इसका सीधा प्रभाव अप्रैल (Income Tax Rule) 2027 से भरे जाने वाले इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) पर पड़ने वाला है। इस नए कानून का मुख्य उद्देश्य टैक्स भरने की जटिल प्रक्रिया को खत्म कर इसे पूरी तरह डिजिटल और सहज बनाना है।
फॉर्म भरने का खत्म हो जाएगा झंझट
नए कानून के तहत, करदाताओं को अब घंटों बैठकर अपनी आय और निवेश का हिसाब नहीं जोड़ा जाएगा। ज्यादातर डेटा आयकर विभाग के पास पहले से उपलब्ध कराया जाएगा। इसकी वजह से ITR फॉर्म पहले से भरे हुए (Pre-filled) मिलेंगे। करदाता को सिर्फ उस डेटा का मिलान करना होगा और अगर सब कुछ सही होता है तो फिर एक सिंगल क्लिक से रिटर्न सबमिट हो जाएगा। हालांकि, अगर कोई जानकारी गलत (Income Tax Project) होती है या फिर छूट जाती है तो फिर उसमें बदलाव करने की पूरी आजादी दी जाएगी।
फॉर्मों के नाम और नियमों में होगा बदलाव
नए नियमों (Income Tax Rules 2026) के तहत पुराने फॉर्मों की पहचान में बदलाव कर दिया जाएगा। प्रसिद्ध फॉर्म 16 अब फॉर्म 130 के रूप में जाना जाएगा, और वार्षिक सूचना विवरण (AIS) देने वाला फॉर्म 26AS अब फॉर्म 168 कहलाएगा। सरकार ने कर कानूनों को सरल बनाने के लिए नियमों की संख्या को 511 से घटाकर 333 और फॉर्मों की संख्या को 399 से कम करके 190 कर दी है।
क्रिप्टो निवेश पर रखनी होगी पैनी नजर
साल 2027 से भरे जाने वाले रिटर्न में क्रिप्टोकरेंसी और डिजिटल एसेट्स की जानकारी देनी काफी ज्यादा जरूरी हो जाएगी। भारत अब ओईसीडी के क्रिप्टो एसेट रिपोर्टिंग फ्रेमवर्क (CARF New Project) में शामिल हो चुका है, इसकी वजह से विदेशी एक्सचेंज भी भारतीय यूजर्स का डेटा सीधे विभाग को सौंपने वाला है। जानकारी छिपाने या गलत देने पर 50,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा और 200 रुपये प्रतिदिन की पेनल्टी (Income Tax News) का भी प्रावधान तय किया गया है।
पैन को लेकर हुए ये बदलाव
एक दिन में 50 हजार रुपये से ज्यादा का नकद बैंक में जमा करने पर पैन नहीं देना पड़ेगा।
एक साल में 10 लाख रुपये से अधिक की नकद जमा (Cash deposite rule) करनी होगी और निकासी के लिए पैन कार्ड होना काफी जरूरी है।
होटल, बैंक्वेट या रेस्टोरेंट के एक लाख रुपये से कम के बिल पर पैन जरूरी नहीं, इससे ज्यादा बिल आने पर पैन कार्ड जरूरी हो जाता है।
पांच लाख से अधिक रकम की कार खरीदने पर ही पैन देना अनिवार्य हो जाएगा। फिलहाल किसी भी कीमत की कार खरीदने पर पैन को देना पड़ जाता है।
अब 20 लाख रुपये से ज्यादा की प्रॉपर्टी खरीदने पर भी पैन कार्ड देना होता है फिलहाल ये सीमा 10 लाख रुपये की है।
मकान भत्ता दावे के लिए हैदराबाद, बेंगलुरु, पुणे और अहमदाबाद को मेट्रो शेयरों (metro shares) की श्रेणी में डाला जाने वाला है।
1600 सीसी तक की गाड़ी के लिए प्रतिमाह 8,000 रुपये, इससे ऊपर क्षमता वाली गाड़ी के लिए प्रतिमाह 10,000 रुपये तक का मोटर भत्ता आयकर के दायरे से बाहर निकाल दिया गया है।
