सोना और एफडी जानिये कौन सा निवेश विक्लप दे रहा है ज्यादा मुनाफा
Gold vs Bank FD : आज के समय में बढ़ रही महंगाई की वजह से हर कोई निवेश करने के बारे में सोचता है। बता दें कि अक्सर लोग इस बात को लेकर कंफ्यूज (Best investment Tips) रहते हैं कि उनके लिए सोने में पैसा लगाना ज्यादा फायदेमंद होगा या फिर एफडी में। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से इस बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। आइए जानते हैं इस बारे में।
HR Breaking News-(Investment Tips) सोने और चांदी की लगातार बढ़ रही कीमतों को देखते हुए लोग इसमें लगातार निवेश कर रहे हैं, लेकिन अभी भी लोगों के मन में ये कन्फ्यून बनी हुई है कि उनको सोने में निवेश (Gold Investment) करना चाहिए या फिर एफडी में और कहां पर निवेश करके उनको तगड़ा रिटर्न मिलेगा। चलिये खबर के माध्यम से जानते हैं इस बारे में पूरी जानकारी।
आजमाया जाता है निवेश के कई विकल्पों को-
पिछले कुछ सालों में देश की आम जनता ने निवेश के कई नए विकल्पों में हाथ आजमाया जा रहा है। एक समय था, जब देश के आम निवेशक मुख्य रूप से बैंक एफडी (FD Scheme) और डाकघर की स्कीम में निवेश करते थे। हालांकि, समय के साथ-साथ अब निवेश का तरीका भी बदल गया है। देश के आम निवेशक अब सोना, चांदी, म्यूचुअल फंड्स, स्टॉक्स, बॉन्ड में भी पैसा लगा रहे हैं।
सोना को माना जा रहा है सेफ एसेट-
सोना एक कीमती धातु है, जिसके विपरीत परिस्थितियों में सबसे सुरक्षित एसेट माना जाता है। यही कारण है कि जब दुनिया के किसी भी कोने में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है तो सोने की मांग में जबरदस्त तेजी दर्ज की जा रही है। इसकी वजह से इसकी कीमतों में तेजी (Gold Price Hike) दर्ज की जा रही है। सोना कभी भी फिक्स और गारंटीड रिटर्न नहीं देता है। हालांकि, लंबी अवधि में ये आपको मोटा मुनाफा दिया जा सकता है। इसके अलावा, लंबी अवधि में सोने ने हमेशा डटकर महंगाई का सामना किया जा रहा है। करेंसी की वैल्यू (Investment in Gold) घटने पर सोने की वैल्यू हमेशा बढ़ती है। सोने की कीमतों में अलग-अलग मौकों पर जबरदस्त उतार-चढ़ाव दर्ज किया जा रहा है।
बैंक एफडी में निवेश करने पर होगा लाभ-
बैंक एफडी को आज भी एक बड़ा तबका सबसे सुरक्षित निवेश मानता है। बैंक एफडी में आप कम से कम 7 दिनों से लेकर अधिकतम 10 साल तक के लिए निवेश कर सकते हैं। एफडी में आपको एक तय अवधि के बाद मैच्यॉरिटी (FD rate) पर एक फिक्स रिटर्न मिल जाता है। भारत सरकार, बैंक में जमा की जाने वाली 5 लाख रुपये तक की रकम को फ्री इंश्योरेंस के तहत कवर किया जाता है। अगर आपका बैंक खराब वित्तीय हालातों की वजह से दिवालिया हो जाता है तो आपको 5 लाख रुपये वापस मिल जाते हैं। हालांकि आपको इस बात का ध्यान रखें कि आपने बैंक (Bank investment) में बेशक 50 लाख रुपये ही क्यों न जमा किए हो, बैंक के दिवालिया होने की स्थिति में आपको अधिकतम 5 लाख रुपये ही दिए जाएंगे।
