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Loan Refusal: बैंक लोन देने से कर दे मना तो जानिये फिर कैसे बनेगी बात

Loan Refusal: अगर आपके लोन का आवेदन भी बैंक से कैंसल हो गया है तो जानिए कि ऐसे में आपको क्या करना चाहिए।आइए जानते है इसके बारे में विस्तार से.

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Loan Refusal: बैंक लोन देने से कर दे मना तो जानिये फिर कैसे बनेगी बात

HR Breaking News (नई दिल्ली)। बैंक के लिए ग्राहक भगवान हैं लेकिन कई बार बैंक अपने इस भगवान को भी लोन देने के लिए मना कर देते हैं. अगर आपके लोन का आवेदन भी बैंक से रद हो गया है तो जानिए कि आपको क्या करना चाहिए?

किस वजह से लोन कैंसल हुआ ?


अगर बैंक आपको लोन देने से इनकार कर देता है तो पता करें कि इसके पीछे क्या वजह थी. लोन खारिज किये जाने की वजह जानना बहुत जरूरी है. कई बार छोटी-छोटी वजहों से बैंक लोन देने से मना कर देते हैं.


उदाहरण के तौर पर जैसे आपका एड्रेस वेरीफिकेशन अधूरा पड़ा रहता है. कई बार लोन कैंसल करने के पीछे कई बार गंभीर कारण भी हो सकते हैं. मसलन खराब क्रेडिट रेटिंग की वजह से भी बैंक आपका लोन कैंसल कर देते हैं.

कम आय की वजह से भी बैंक नहीं देते लोन


जब बैंक को ऐसा लगता है कि आपकी इनकम पर्याप्त नहीं है तो बैंक लोन टाल देते हैं. बैंक इस बात को सुनिश्चित करना चाहते हैं कि आपकी लोन वापस करने की हैसियत है कि नहीं.

इसलिए बैंक आपकी इनकम और बैंक अकाउंट के बारे में गहन जानकारी जुटाना चाहते हैं. जब तक आपकी आय बैंक के तय मानक से मैच नहीं करती है बैंक आपको लोन देने के लिए मना कर देते हैं.


खराब क्रेडिट स्कोर (Credit Score) भी वजह


ज्यादातर मामलों में लोन देने से मना करने की सबसे बड़ी वजह खराब क्रेडिट रेटिंग होती है. उदाहरण के लिए CIBIL स्कोर 300-900 के बीच होता है और 750 को अच्छा माना जाता है.

CIBIL के मुताबिक 79 फीसदी बैंक लोन उन्हीं को दिया गया है जिनका स्कोर 750 से ऊपर था. इसी तरह से कंपनियों के लिए कंपनीज क्रेडिट रिपोर्ट (CCR) की रैकिंग 1 से 10 के बीच के स्केल के हिसाब से तय करता है. 1 नंबर वाली कंपनी का स्कोर सबसे बढ़िया माना जाता है.


यह रैंक उन्हीं कंपनियों को मिलती है जिनका कर्ज 10 लाख से 10 करोड़ के बीच है. CIBIL के मुताबिक देश की 70 फीसदी कंपनियों जिनकी रैकिंग 4 या उससे ऊपर है, लोन पाने के काबिल हैं.
इसलिए अगर आपका बैंक लोन क्रेडिट रेटिंग की वजह से मना कर दे तो क्रेडिट रेटिंग एजेंसी से विस्तृत रिपोर्ट जरूर लें.

कई बार पुराना लोन पेडिंग दिखाती हैं क्रेडिट एजेंसियां


जब आप अपनी विस्तृत क्रेडिट रिपोर्ट पाते हैं (आम लोगों के लिए 550 रुपये और कंपनियों के लिए 3000 रुपये) तो इसकी पूरी डिटेल पढ़ें.
इस बात की बड़ी संभावना रहती है कि आपकी क्रेडिट रेटिंग में गलती हो गई हो. उदाहरण के लिए जो लोन आपने पहले ही चुका दिया है, कई बार वह CIBIL रिपोर्ट में पेंडिग दिखा रहा हो.
इसलिए अगर आप इस तरह की कमी पाते हैं तो क्रॉस चेक करें और क्रेडिट रेटिंग एजेंसी से ठीक करने के लिए कहें.

दूसरे बैंक का रास्ता चुनें


कर्ज देते समय हर बैंक के अपने नियम कानून होते हैं. अगर एक बैंक लोन देने से मना कर दे तो दूसरे बैंक से बात करें. हमेशा अपने बैंक की ब्रांच में लोन के लिए आवेदन फायदेमंद होता है.

अगर आपका बैंक लोन देने से मना कर देते तो दूसरे बैंक का रास्ता चुनें. कई मामलों में ग्रामीण बैंक और क्षेत्रीय सहकारी बैंक कम सख्त शर्त रखते हैं. इन बैंकों में लोन जल्दी मिलने की संभावना बढ़ जाती है.


डाउन पेमेंट बढ़ा दें


अगर आप किसी तरह की खरीदारी जैसे होम और कार लोन के लिए लोन के लिए आवेदन करते हैं तो आप लोन की डाउन पेमेंट की रकम बढ़ा सकते हैं. इससे आपको आसानी से लोन मिलने की संभावना बढ़ जाती है.
इससे बड़ा फायदा यह भी होता है कि आपकी लोन की ईएमआई (EMI) घट जाती है साथ ही कर्ज का बोझ कम हो जाता है.

पुराने कर्ज निपटा दें


कई बार पुराने लोन की राशि ज्यादा होने की वजह से आपको नया लोन नहीं मिल पाता है. आमतौर पर बैंक डेट टू इनकम (DTI) का रेशियो करीब 35 फीसदी चाहते हैं और 40 फीसदी से ज्यादा DTI रिस्क की श्रेणी में आता है.

जब DTI का आंकलन किया जाता है तो इसमें आपके पुराने पर्सनल लोन, कार लोन , होम लोन और क्रेडिट कार्ड की बकाया को शामिल किया जाता है. अगर DTI की वजह से लोन रिजेक्ट हुआ है तो पहले अपना पुराना लोन क्लियर कर लें.


गारंटर या को-एप्लीकेंट को शामिल कर लें


अगर आपकी इनकम, लोन एप्रूव्ड करने के लिए पर्याप्त नहीं है तो कोशिश करें कि इसमें को-एप्लीकेंट को शामिल कर लें. यह आपकी पत्नी, परिवार के दूसरे सदस्यों या दोस्तों में कोई भी हो सकता है.

संपत्ति गिरवी रखने पर फटाफट मिलता है लोन


कई बार कोलैटेरल देने से लोन फटाफट हो जाता है. इसमें आपका पुराना घर भी शामिल हो सकता है इससे अगर आप EMI चुकाने में नाकाम होते हैं तो बैंक इसे बेचकर अपना पैसा वापस कर सकता है.


बार-बार आवेदन न करें


एक बार लोन रिजेक्ट होने पर बार-बार बैंक में अप्लाई न करें इसकी जगह आप लोन रिजेक्ट होने का कारण पता करें. कई बार आवेदन खारिज होने से भी आपकी क्रेडिट रेटिंग घटती है.