सोने के बदले कर्ज में 69 प्रतिशत का इजाफा, कृषि लोन भी 17.4 प्रतिशत बढ़ा
HR Breaking News (Loan News) : देश में सोने के बदले कर्ज लेने के साथ टीवी, फ्रिज और एसी जैसे घरेलू सामान खरीदने के लिए भी लोग पहले से ज्यादा लोन ले रहे हैं। गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के कर्ज से जुड़े आंकड़े बदलाव की और इशारा कर रहे हैं। भारतीय रिजर्व बैंक के (RBI news) आंकड़ों के अनुसार अगस्त में एनबीएफसी के गोल्ड लोन में (gold loan k bare me) पिछले साल के मुकाबले 69.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं कंज्यूमर ड्युरेबल्स खरीदने के लिए दिए जाने वाले कर्ज में 56.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली।
इन लोन में हुई बढ़ोतरी
अगस्त में एनबीएफसी (NBFC) का कुल कर्ज सालाना आधार पर 15.8 प्रतिशत बढ़कर 60.64 लाख करोड़ रुपए हो गया। इसमें खुदरा यानी डिटेल कर्ज की हिस्सेदारी में भी अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली। रिटेल कर्ज 22 प्रतिशत बढ़कर 26.38 लाख करोड रुपए तक पहुंच गया। खास बात यह है कि आम लोगों की जरूरत से जुड़े कर्ज में गोल्ड लोन और इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने के लिए दिए जाने वाले लोन की रफ्तार सबसे ज्यादा रही।
गोल्ड लोन में एक साल में डेढ़ गुणा वृद्धि
सोनी को गिरवी (NBFC update) रखकर कर्ज लेने का चलन तेजी से बड़ा है। अगस्त में एनबीएफसी का गोल्ड लोन बढ़कर 3.65 लाख करोड़ रुपए हो गया । 1 साल पहले इसी श्रेणी में कर्ज की वृद्धि दर 40.8 प्रतिशत थी जो अब 69.1 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इससे पता चलता है कि सोने के बदले कर्ज लेने की मांग में तेजी आई है।
इतनी सालाना बढ़ोतरी देखने को मिली
आंकड़ो के (loan related news)अनुसार टीवी, फ्रिज और एसी खरीदने जैसे उपकरणों के लिए भी लोगों ने ज्यादा कर्ज लिया। कंज्यूमर ड्युरेबल्स लोन का कुल आंकड़ा 56.4 प्रतिशत से बढ़कर 77,784 करोड़ रुपए हो गया। पिछले साल इस श्रेणी में वृद्धि दर 19.6 प्रतिशत यानी घरेलू सामान की खरीद के लिए दिए जाने वाले कर्ज में बढ़ोतरी की रफ्तार काफी तेज हुई है।
इस श्रेणी के लोन में इतनी हुई सालाना वृद्धि
ऑटोमोबाइल लोन में 15.4 प्रतिशत और हाउसिंग लोन में 12.1 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई। कृषि क्षेत्र में दिए जाने वाले कर्ज में 17.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। जबकि उद्योगों से जुड़े कर्ज की वृद्धि दर 8.40 प्रतिशत रही। अगस्त में बैंकों को रिटेल कर्ज में 16.9 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी हुई। जबकि एनबीएफसी में यह 2022 प्रतिशत रही। हालांकि कुल कर्ज के मामले में बैंकों की वृद्धि दर 18.8 प्रतिशत और एनबीएफसी की 15.8 प्रतिशत दर्ज की गई।
