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NPS से चाहिए 1 लाख रुपये पेंशन, जानिए कितना करना होगा निवेश

NPS - अगर रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम न हो तो किस तरह की परेशानियां आ सकती हैं। बहुत से लोग समय रहते यह नहीं सोच पाते हैं, जिससे रिटायरमेंट के बाद कई तरह की दिक्‍कतें आती हैं। ऐसे में आपको बता दें कि आप एनपीएस से एक लाख रुपये पेंशन पा सकते है। लेकिन इसके लिए जरूरी है इतना निवेश...
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NPS से चाहिए 1 लाख रुपये पेंशन, जानिए कितना करना होगा निवेश

HR Breaking News, Digital Desk- National Pension System : वर्किंग ईयर्स में यानी जब आप नौकरी में होते हैं तो अपनी लाइफ अपनी पसंद के हिसाब से जी सकते हैं. क्‍योंकि उस दौरान आपकी रेगुलर इनकम होती है. लेकिन क्‍या आपने सोचा है कि अगर रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम न हो तो किस तरह की परेशानियां आ सकती हैं. बहुत से लोग समय रहते यह नहीं सोच पाते हैं, जिससे रिटायरमेंट के बाद कई तरह की दिक्‍कतें आती हैं.

इसी वजह से फाइनेंशियल एडवाइजर सलाह देते हैं कि समय रहते ही रिटायरमेंट की प्‍लानिंग (Retirement Planning) बहुत जरूरी है. अगर आप भी रिटायरमेंट के लिए निवेश की योजना बना रहे हैं तो इसमें नेशनल पेंशन सिस्‍टम (NPS) आपकी मदद कर सकता है.

क्‍या है नेशनल पेंशन सिस्टम-

नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) रिटायरमेंट के लिए एक वॉलंटियरी और लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट प्लान है, जो पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) और केंद्र सरकार के दायरे में आती है. यह सरकार की रिटायरमेंट सेविंग स्कीम है. केंद्र सरकार ने 1 जनवरी 2004 को इसे लॉन्च किया था.

इस डेट के बाद नौकरी ज्वॉइन करने वाले सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए यह योजना जरूरी है. साल 2009 के बाद से इसे प्राइवेट कर्मचारियों के लिए भी खोल दिया गया. इस पेंशन स्कीम को 18 साल की उम्र से ही ज्वॉइन किया जा सकता है. NPS में कम से कम 20 साल निवेश करना जरूरी है. अकाउंट खुलने के बाद 60 साल की उम्र तक या मैच्योरिटी तक इसमें कंट्रीब्यूट करना होता है.

NPS में जमा रकम को निवेश करने का जिम्मा PFRDA द्वारा रजिस्टर्ड पेंशन फंड मैनेजर्स को दिया जाता है. ये आपके निवेश को इक्विटी, गवर्नमेंट सिक्योरिटीज और नॉन गवर्नमेंट सिक्योरिटीज के अलावा फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट में निवेश करते हैं. नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) में 2 तरह के खाते खोलने की सुविधा मिलती है. इसमें टियर-1 अकाउंट पेंशन अकाउंट होता है. वहीं, टियर-2 अकाउंट वॉलंटियरी सेविंग्स अकाउंट है. जिन एनपीएस सब्सक्राइबर का टियर-1 अकाउंट है, वे टियर-2 अकाउंट खोल सकते हैं.

कितना मिल रहा है रिटर्न-

NPS का एक हिस्सा इक्विटी में जाता है, इसलिए इस स्‍कीम में गारंटीड रिटर्न नहीं मिल सकता है. हालांकि, फिर भी यह पीपीएफ जैसे अन्य ट्रेडिशनल लॉन्‍ग टर्म इन्‍वेस्‍टमेंट की तुलना में अधिक रिटर्न दे सकती है. अगर NPS की रिटर्न हिस्ट्री देखें तो अब तक इसने 8% से 12% सालाना रिटर्न दिया है. NPS में, अगर आप फंड के प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं हैं तो आपको अपना फंड मैनेजर बदलने का विकल्प भी दिया जाता है.

NPS: कैसे बनेगी 1 लाख रु पेंशन-

NPS में निवेश शुरू करने की उम्र: 30 साल
NPS में मंथली निवेश: 10 हजार रुपये
30 साल में कुल निवेश: 36 लाख रुपए
निवेश पर अनुमानित रिटर्न: 10 फीसदी सालाना
30 साल बाद कुल कॉर्पस: 2,27,93,253 रुपए (2.28 करोड़)

नोट- मान लिया कि किसी ने 30 साल की उम्र में स्‍कीम ज्‍वॉइन की है और हर महीने 10 हजार रुपये निवेश करना शुरू किया. उसके निवेश पर अगर अनुमानित रिटर्न 10 फीसदी सालाना है तो 30 साल बाद कुल पेंशन वेल्‍थ करीब 2.28 करोड़ रुपये होती है. अगर इसमें कम से कम 40 फीसदी एन्‍युटी प्‍लान में निवेश जरूरी है. हमने यहां 55 फीसदी पर कैलकुलेशन किया है.

एन्‍युटी प्‍लान में निवेश: 55 फीसदी
एन्युटी रिटर्न: 10 फीसदी
लम्प सम वैल्यू: 1,02,56,964 रुपये (1.02 करोड़)
मंथली पेंशन: 1,04,469 रुपये (1 लाख रुपये)

क्‍या टैक्स का मिलता है फायदा-

सेक्शन 80CCD (1) के तहत टियर I निवेश के लिए 1.5 लाख रुपये की लिमिट तक योगदान सेक्शन 80C के तहत टैक्‍स डिडक्‍शन के योग्य है. जबकि सेक्शन 80CCD 1(B) के तहत डिडक्शन के अलावा, ग्राहकों को टियर I योगदान के लिए 50,000 रुपये तक डिडक्‍शन की अनुमति है. सेक्शन 80CCD (2) के तहत टियर I निवेश के लिए इम्प्लॉयर का योगदान केंद्र सरकार के योगदान के लिए 14 फीसदी तक और अन्य के लिए 10 फीसदी तक के डिडक्‍शन के लिए योग्य है. यह डिडक्‍शन धारा 80C के तहत लागू डिडक्शन लिमिट से अधिक है.

रिटायरमेंट के बाद विदड्रॉल के नियम-

वर्तमान में, कोई व्यक्ति कुल कॉर्पस का 60 फीसदी तक एकमुश्त राशि के रूप में निकाल सकता है, शेष 40 फीसदी एन्युटी योजना में जाता है. नए एनपीएस गाइडलाइन के तहत अगर कुल कॉर्पस 5 लाख रुपये या उससे कम है तो, सब्सक्राइबर्स एन्युटी प्लान खरीदे बिना पूरी रकम निकाल सकते हैं. ये निकासी भी टैक्स-फ्री हैं. हालांकि निकासी टैक्स-फ्री है, एन्युटी इनकम ब्रैकेट के आधार पर टैक्सेबल है. अगर आपकी एन्युटी 4 लाख रुपये की है, तो उस पर आपके टैक्स ब्रैकेट के आधार पर टैक्स लगेगा.