Silver Rate : क्या 60% तक गिरेंगे चांदी के दाम, जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट
Silver Price :इन दिनों सोने व चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है। बीते साल 2025 में लगातार चांदी की कीमतों ने नए रिकॉर्ड बनाए है। बीते साल में जिस हिसाब से चांदी के दाम बढ़े हैं, उससे बाजार में चांदी को कच्चे माल के रूप में बरतना काफी मुश्किल हो गया है। वहीं, इब इंडस्ट्री चांदी की जगह कोई दूसरा ऑप्शन तलाश रही हैं। वहीं, कई उद्योग धंधों में तो कॉपर का इस्तेमाल करने लगे हैं।
HR Breaking News (Silver Price Down) वर्तमान में चांदी की कीमत अपने ऑल टाईम हाई से लगभग 14 प्रतिशत तक कम हो गई हैं। वहीं, वर्ष 2025 में तो चांदी की कीमतों ने जबरदस्त रिर्टन दिया है। बीते साल के रिर्टन की बात करें तो चांदी के रेट ने निवेशकों को तकरीबन 180 प्रतिशत का जबरदस्त रिर्टन दिया है। चांदी के रेट में हुई बंपर बढ़त का कारण सप्लाई से जुड़ी समस्याएं व चांदी की ज्यादा डिमांड है।
दामों में बढ़त की गई है दर्ज
वहीं, अमेरिका व वेनेजुएला के बीच में जो तनाव बढ़ रहा है और इसी के साथ पेरू और चाड से निर्यात आपूर्ति में भी बाधा आ रही है। वहीं, नए साल से चीन की ओर से चांदी (silver export) के निर्यात पर जो शैडो बैन लगाया गया है, उसकी वजह से भी कीमतों में बढ़त दर्ज की गई है। हालांकि, इस बीच पिछले हफ्ते जो मुनाफावसूली हुए है उसको देखते हुए कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी के रेट में काफी ज्यादा कटौती हो सकती है।
चांदी की मांग को लेकर बन रहा संशय
बाजार में मौजूद विशेज्ञों के मुताबिक वर्तमान में चांदी के रेट (Silver Rate Today) में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है और चांदी के रेट आसमान छू रहे हैं। ऐसे में औद्याग क्षेत्रों में हो रही चांदी की डिमांड पर काफी ज्यादा प्रभाव पड़ रहा है। एक्सपर्ट्स का कहना है जब भी कभी किसी उद्योग की लागत ज्यादा ही बढ़ जाती है तब इंडस्ट्री उसके स्थान पर कोई और ऑप्शन की तलाश करने लगती है। इस बीच फोटोवोल्टिक सेल व सोलर पैनल जैसे उद्योग तो पहले से ही चांदी के स्थान पर कॉपर का प्रयोग करने लगी हैं। इसी के साथ बैटरी के क्षेत्र में भी बाइंडिंग के लिए चांदी का प्रयोग करने की पूरी तैयारी की जा रही है।
जानें इस साल में कितनी गिरावट के हैं आसार
एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस साल में चांदी की कीमतों (Silver Price Down) में काफी ज्यादा गिरावट होने के आसार हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि चांदी के रेट 82.670 डॉलर प्रति औंस पर अपने ऑल टाईम हाई पर पहुंच गए हैं। हालांकि अभी भी संस्थागत निवेशकों की शॉर्ट कवरिंग के चलते आने वाले कुछ समय तक और चांदी के रेट बढ़ सकते हैं।
अनुमान लगाया जा रहा है कि फरवरी 2026 तक चांदी के रेट 100 डॉलर प्रति औंस या उसके करीब तक पहुंच सकते हैं। वहीं, इसके बाद चांदी की कीमतों में गिरावट होने के आसार हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक वित्त वर्ष 2026-27 में चांदी के रेट में कमी आने के आसार हैं। ऐसे में माना यही जा रहा है कि इस दौरान चांदी के रेट लगभग 60 प्रतिशत तक कम हो सकते हैं।
चांदी के रेट (Silver Price) में हो रही बढ़ोतरी का साफ-साफ असर उद्योग धंधों में हो रही चांदी की मांग पर पड़ रहा है। वहीं, इस दौरान सोलर व फोटोवोल्टिक इंडस्ट्री वर्तमान में चांदी की जगह तांबे का प्रयोग करने लगी है।
चांदी की जगह कॉपर का प्रयोग
इसके अलावा वर्तमान में सॉलिड-स्टेट बैटरियों में भी बाइंडिंग में भी चांदी की जगह कॉपर का प्रयोग करने के प्रयास चल रहा है। वहीं, चांदी के विकल्प तलाशने के लिए इजरायल, ताइवान, ऑस्ट्रेलिया और चीन की कई कंपनियां काफी ज्यादा प्रयास कर रही हैं। वहीं, एक विशेषज्ञ का कहना है कि चांदी के रेट (Silver Rates) टॉप आउट कर चुकी हैं या फिर यह एक बार फिर से शार्ट करवरिंग के चलते एक बार फिर से कुछ समय के लिए बढ़ सकते हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि फरवरी 2026 तक चांदी के रेट 100 डॉलर प्रति औंस के लेवल तक पहुंच सकती हैं।
क्या पहले भी हुआ है ऐसा
चांदी की कीमतों में यह बढ़ोतरी (Silver Price Hike) पहले भी देखने को मिली है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चांदी के रेट में बढ़ोतरी के बाद भारी गिरावट दर्ज की जाती है। चांदी की कीमतों में पहले भी यही चीज देखी गई है। इतिहास की बात करें तो साल 1980 में भी चांदी की कीमतों के साथ कुछ ऐसा ही हुआ था। 1980 में हंट ब्रदर्स ने वैश्विक चांदी भंडार का करीबन एक-तिहाई हिस्सा अपने पास जमा कर लिया था। इसके बाद एक्सचेंजों ने मार्जिन मनी बढ़ा दी। इसके चलते लिक्विडिटी संकट पैदा हुआ। फिर चांदी के रेट तकरीबन 49.50 डॉलर से कम होकर 11 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गए थे। इसके अलावा साल 2011 में भी चांदी के रेट 48 डॉलर प्रति औंस के लेवस से 75 प्रतिशत तक कम हो गई थी।
जानें कितने होंगे रेट
विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे माल के कारण इंडस्ट्री कंट्रोल नहीं हो सकती है। उद्योग से ही कच्चे माल की कीमत तय करती हैं। माना यही जा रहा है कि फरवरी 2026 तक चांदी के रेट (Silver Rates) लगभग 100 डॉलर प्रति औंस पर टॉप आउट हो सकते हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि वित्त वर्ष 2026-2027 के आखिर तक चांदी अगर 100 डॉलर के आसपास पहुंचती है तो, इससे COMEX पर भी चांदी के रेट लगभग 40 डॉलर प्रति औंस के करीब रह सकते हैं। हालांकि वर्तमान में अगर चांदी 82.670 डॉलर के लेवल पर पहुंची है तो FY27 के आखित तक चांदी के रेट 35 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकते हैं।
