home page

Tax Saving Tips: टैक्सपेयर्स के लिए काम की बात, जान लें टैक्स बचाने का ये जबरदस्त सिक्रेट

How to Invest for Tax Saving : अकसर लोग अपनी सेविंग बढ़ाने और टैक्स बचाने के लिए कई तरह की योजनाओं के बारे में जानने के लिए तत्पर रहते है। ऐसे लोगों के लिए ये खबर बड़े ही काम की है। टैक्सपेयर्स के लिए मार्च-अप्रैल का महीना बड़ा ही महत्वपूर्ण होता है। अपने पुराने वित्तिय काम निपटानें और नए शुरू करने का ये महत्वपूर्ण समय होता है। आज हम आपको कुछ ऐसे सिक्रेट के बारे में बताने वाले है जो  टैक्सपेयर्स को तो जरूर ही पता होने चाहिए। 

 | 
Byju Raveendran Net Worth- बायजू की मुश्किलें इतनी ज्यादा बढ़ चुकी हैं कि स्टार्टअप अपने कर्मचारियों को वक्त पर सैलरी भी नहीं दे पा रहा है. Byju’s की पेरेंट कंपनी थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड ने लगातार दूसरे महीने कर्मचारियों की सैलरी रोकी है.

HR Breaking News, Digital Desk : पुराना वित्त वर्ष खत्म होना और नए का शुरू होना, ये समय ऐसा समय होता है जब टैक्सपेयर्स (taxpayers) टैक्स बचाने की जद्दोजहद में लग जाते हैं. कई लोग वित्त वर्ष के आखिरी दिनों में इन्वेस्टमेंट का जोड़-तोड़ शुरू कर देते हैं. हालांकि, ऐसा करने वाले लोग इन्वेस्टमेंट तो कर देते हैं लेकिन उसके असली फायदों से चूक जाते हैं. जल्दबाजी में निवेश कर आप टैक्स को बचा लेते हैं लेकिन आपको उसके पूरे फायदे नहीं मिल पाते. इसी से जुड़ी कुछ जानकारी आज हम आपके साथ साझा करने वाले (How to Invest for Tax Saving) है। 

 

 

 

हमारे देश में अधिकतर लोग टैक्स सेविंग के लिए निवेश (investment for tax saving) का सही तरीका नहीं जानते है और इस वजह से उन्हें निवेश पर अच्छा फायदा नहीं मिलता. टैक्स बचाने के लिए निवेश का सबसे आसान फॉर्मूला ये है कि आप साल में एक बार नहीं बल्कि  महीने दर महीने निवेश करें. आप अपने निवेश के प्लान को 12 महीनों में बांट दें. इससे हर महीने पैसे इन्वेस्ट होते रहेंगे और साल के आखिर में एक अच्छा खासा रिटर्न भी जनरेट हो जाएगा.

नए वित्त वर्ष 2024-25 से शुरू करें ये जरूरी काम


अगर आप टैक्स बचाने (Tax Saving Schemes) के लिए किए गए निवेश पर अच्छा रिटर्न पाना चाहते है तो आपको कुछ बातों का खास ध्यान रखना होगा. आपको नए वित्त वर्ष यानी अप्रैल 2024 से ही निवेश करना शुरू कर देना चाहिए. इसके फायदे आपको बेहतर रिटर्न के रूप में साल के अंत में मिलेंगे. 


अगर आप नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत (beginning of new financial year) से ही निवेश शुरू कर देते हैं तो साल के अंत तक उस अमाउंट पर मासिक ब्याज भी जुड़ता है. ऐसे में टैक्स सेविंग लाभ के साथ बेहतरीन रिटर्न भी आपके पोर्टफोलियो में आ जाता है. आइए जानते हैं टैक्स सेविंग के लिए निवेश के कौन-कौन से बेहतर विकल्प मौजूद हैं…


1. एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड


हर वेतनभोगी कर्मचारी को ये पता होना चाहिए कि एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड (EPF) टैक्स बचाने का एक सबसे सरल ऑप्‍शन है. इसमें सेक्‍शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक टैक्‍स डिडक्‍शन मिलता है. EPF का प्रबंधन सेंट्रल ट्रस्‍टी बोर्ड (CBT) करता है. वित्त-वर्ष 2023-24 के दौरान EPF पर ब्याज दर 8.25 फीसदी निर्धारित थी.


2. पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)


बता दें कि टैक्स सेविंग (Tax Saving Tips in Hindi) के लिए अधिकतर लोग पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी PPF में भी पैसा लगाते हैं. लेकिन अगर इसमें थोड़ी समझदारी के साथ पैसा लगाया जाए तो शानदार रिटर्न मिल सकता है. इसके लिए PPF में निवेश सालाना नहीं मंथली करें, और हर महीने की 5 तारीख को पैसे जमा करवा दें.
 इससे उस राशि पर भी आपको ब्याज मिल जाएगा. पीपीएफ अकाउंट में निवेश पर धारा 80C के तहत 1.50 लाख रुपये टैक्स डिडक्‍शन मिलता है. PPF में निवेश के साथ मैच्‍योरिटी रकम और ब्‍याज को भी टैक्स फ्री रखा गया है.

3. नेशनल पेंशन सिस्टम 


राष्ट्रीय पेंशन स्कीम (National Pansion Systum) में निवेश कर सेक्शन 80CCD (1B) के तहत 50,000 रुपये की अतिरिक्त टैक्‍स छूट ले सकते हैं. यानी 80C के तहत 1.50 लाख रुपये और 80CCD (1B) में निवेश कर अतिरिक्त 50 हजार रुपये का टैक्स लाभ ले सकते हैं. यह सरकारी स्कीम नौकरीपेशा के लिए लॉन्‍ग टर्म में टैक्‍स सेविंग के साथ-साथ रिटायरमेंट फंड बनाने में भी मददगार है. इस स्कीम में मंथली निवेश पर शानदार रिटर्न संभव है.


4. म्यूचुअल फंड


अगर आप टैक्स सेविंग के लिए म्यूचुअल फंड (invest in Mutual Funds) में निवेश करना चाहते हैं, तो आप इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (ELSS) में निवेश कर सकते हैं, इसमें आयकर धारा 80C के तहत 1.50 लाख रुपये तक के निवेश पर टैक्स डिडक्‍शन का फायदा मिलेगा. ELSS पर बेहतर रिटर्न के साथ टैक्‍स सेविंग होती है.