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UPI पर एमडीआर चार्ज लगाने की तारीख में हो सकता है बदलाव, 15 अक्टूबर की जगह दूसरी तारीख आई सामने

UPI MDR Charge : हाल ही में सरकार की तरफ से बड़ा फैसला लिया गया था, जिसके बाद देश में यूपीआई ट्रांजैक्शन पर एमडीआर शुल्क लगाने की नियमावली तैयार की गई थी। 15 अक्टूबर से यूपीआई पर एमडीआर शुल्क लगाने की योजना है, लेकिन अब खबर सामने आ रही है कि इस योजना में बदलाव किया जा सकता है और अब एक नई तारीख सामने आई है। 
 
UPI पर एमडीआर चार्ज लगाने की तारीख में हो सकता है बदलाव, 15 अक्टूबर की जगह दूसरी तारीख आई सामने

HR Breaking News (UPI MDR Sulk) देश में त्योहारी सीजन आ रहा है। इसी बीच सरकार की तरफ से व्यापारियों पर यूपीआई लेनदेन में एमडीआर शुल्क लगाने की तैयारी की गई है, जिसे बैंक सेवा देने वाली कंपनी व आरबीआई के तहत लगाया जाएगा। 15 अक्टूबर से यूपीआई पर एमडीआर लगाने की आधिकारिक तारीख दी गई थी, लेकिन अब रिपोर्ट है कि इसमें बदलाव किया जा सकता है। 

 


1 जनवरी की जा सकती है तारीख (MDR Update)


मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एमडीआर शुल्क लागू करने की तारीख में बदलाव किया जा सकता है। त्यौहारी सीजन नजदीक आ रहा है, ऐसे में व्यापारियों को चिंता सता रही है कि उन्हें यूपीआई ट्रांजैक्शन (UPI Transaction) पर त्योहारी सीजन में अतिरिक्त शुल्क देना होगा।

 

वहीं, बहुत लोग आशंकित हैं कि व्यापारी इस शुल्क को भी आम ग्राहक से वसूल करेंगे, लेकिन अब खबर आ रही है कि 15 अक्टूबर की जगह से 1 जनवरी से लागू किया जा सकता है। हालांकि अब तक इस पर आधिकारिक फैसला नहीं लिया गया है। अंतिम निर्णय लेना अभी बाकी है। 


क्या होता है एमडीआर शुल्क (What is MDR)


एमडीआर शुल्क की फुल फॉर्म है, मरचेंट डिस्काउंट रेट (MDR)। इस शुल्क को डिजिटल भुगतान के लिए लगाया जाता है। क्रेडिट कार्ड पर पहले से एमडीआर शुल्क लगता है। एमडीआर शुल्क के तहत व्यापारी से लेनदेन पर यह शुल्क लिया जाता है। अब यूपीआई पर भी इसको लगाया गया है। 


यूपीआई एमडीआर (UPI) पर जीएसटी (GST) में भी हो सकती है कटौती 


बता दें कि यूपीआई के एमडीआर शुल्क पर भी जीएसटी लगती है जो कि 18% है। इसे घटाकर 5% करने का प्रस्ताव सामने आया है। इसपर विचार किया जा रहा है। अधिकतर राज्यों में यह 18% होने पर चिंता है। यूपीआई एमडीआर फ्रेमवर्क के तहत ज्यादा वैल्यू वाले मर्चेंट के ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगाने की एक योजना है।

बता दें कि नए यूपीआई फ्रेमवर्क में कुछ शर्तों व छूट के साथ ₹2000 से अधिक की ट्रांजैक्शन पर पर्सन टू मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4% एमडीआर लगाया जाएगा। यह शुल्क बैंक और फिनटेक कंपनियों के बीच बटेगा, जिससे सरकार के द्वारा दी जा रही यूपीआई पर अतिरिक्त खर्च में कमी आएगी।