हरियाणा के 17 पदक विजेता पहलवानों को इनामी राशि का इंतजार, अधिकारी बोले- 1 महीने में होगी जारी
HR Breaking News (Haryana News) हरियाणा के पहलवानों ने 17 पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया है, लेकिन अभी तक इन पहलवानों (Haryana News) को जीत की राशि नहीं मिली है। अभी तक इन पहलवानों में इनामी राशि का इंतजार बना हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि 1 महीने में यह इनामी राशि जारी की जा सकती है। खबर में जानिए कब तक यह इनामी राशि जारी की जा सकती है।
कब से कब तक चली थी एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप
किर्गिस्तान में अंडर- 20 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप 2025 (Under-20 Asian Wrestling Championship 2025) में हरियाणा के पहलवानों ने 17 पदक जीते हैं, लेकिन अभी तक हरियाणा के पदक विजेताओं को 15 महीने से इनामी राशि का इंतजार बना हुआ है। खेल विभाग (sports department) की तरह से सम्मान राशि का फार्म भरवाने के बाद भी इंतजार बना है।
5 से 13 जुलाई 2023 तक जो एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप (Asian Wrestling Championship) चली है, उसमे भारत की झोली में कुल 21 पदक आए थे, जिनमें से 10 स्वर्ण, तीन रजत और आठ कांस्य पदक थे। इन 21 पदक में से हरियाणा के खिलाड़ियों की ओर से 9 स्वर्ण, तीन रजत और पांच कांस्य पदक जीते गए थे, जिनमें स्वर्ण विजेता 6 महिला पहलवान शामिल है।
खेल विभाग के अतिरिक्त निदेशक ने कही ये बात
खेल विभाग के अतिरिक्त निदेशक का कहना है कि सीनियर वर्ग के अंतरराष्ट्रीय कंपटीशन में पदक विजेताओं (Medal winners in international competitions) को इनामी राशि तुरंत दी जाती है। जूनियर वर्ग के कंपटीशन में विजेता खिलाड़ियों को इनामी राशि देने का नियमअनुसार प्रोसेस पूरा करना होता है। अभी तक साल 2024 तक सभी कंपटीशन की इनामी राशि खिलाड़ियों को मिल गई है। अभी इन खिलाड़ियों की सम्मान राशि भी एक महीने में मिल जाएगी।
खेल विभाग पहले ही भरवा चुका है फार्म
सोनीपत की पहलवान काजल (Sonipat wrestler Kajal) ने 76 किग्रा श्रेणी में स्वर्ण पदक हासिल किया है। काजल के पिता रविंद्र का कहना है कि अभी तक इनामी राशि नहीं मिली है।
अगर खिलाड़ियों को समय पर इनामी राशि मिलती है तो उससे आगे के लिए खेल की तैयारी करने में आसानी होती है। हिसार के पहलवान विशाल ने 97 किग्रा श्रेणी में कांस्य पदक जीते था। उनका कहना है की कंपटीशन के बाद सम्मान राशि को लेकर खेल विभाग फार्म भी भरवा चुका है, लेकिन अभी तक राशि नहीं मिली है।
आधिकारिक प्रोसेस भी पहले हो चुका पूरा
कुश्ती कोच संजय लाठर (Wrestling coach Sanjay Lather) के अनुसार खिलाड़ियों को फॉर्म भरवाने के साथ ही आधिकारिक प्रोसेस भी काफी समय पहले पूरी हो चुकी है। सरकार और खेल विभाग की ओर से खिलाड़ियों को सम्मान राशि समय पर मिलने और उनकी ट्रेनिंग के दौरान आने वाले जो भी खर्च होते हैं, उनके परिवार को भी राहत मिलती है।
