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IAS Success Story: मां-बाप को खोने के बाद भी इन दो बहनों ने हासिल की IAS की कुर्सी, दिल को छू जाएगी इनकी मेहनत की कहानी

IAS Officers Success Story: वो कहते है जब परिस्तिथियाँ आपके हक़ में न हो तो धैर्य रखे क्यूंकि जल्द ही आपको कुछ बड़ा मिलने वाला है। ऐसी ही कहानी है इन दो आईएएस बहनो की जिन्होंने कई मुश्किलों का सामना किया और यूपीएससी (UPSC Success Story) की कठिन परीक्षा पास कर के आईएएस बनी ।आपको बता दें,  इनकी कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है। आइए विस्तार से जानते है ये दिलचस्प कहानी-
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IAS Success Story: मां-बाप को खोने के बाद भी इन दो बहनों ने हासिल की IAS की कुर्सी, दिल को छू जाएगी इनकी मेहनत की  कहानी

HR Breaking News (ब्यूरो)।  मंजिल पाने के लिए हर किसी को मेहनत करनी होती है, लेकिन कितनी मेहनत करनी है इसकी कोई समय सीमा नहीं होती है। वक्त के साथ कुछ लोग हार मान लेते हैं और कुछ लोग धैर्य के साथ (IAS success story)  आगे बढ़ जाते हैं। हर किसी की सफलता की अपनी कहानी होती है। हर कहानी किसी न किसी के लिए प्रेरणा का श्रोत बन जाती है। आज हम आपको बताएंगे ऐसी ही कहानी जिन्होंने कितनी मुश्किलों का सामना किया और यूपीएससी (UPSC Success Story) की परीक्षा की दी और आईएएस बनें, इनकी कहानी सुनकर आपको किसी फिल्म से कम नहीं लगेगी।

 

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पिता को न्याय दिलाने का किया फैसला 

 

उत्तर प्रदेश के बलिया में जन्मी किंजल सिंह की कहानी काफी इंसप्रेरशनल है। किंजल जब दो साल की थी तब पिता का निधन हो गया था। उनके पिता केपी सिंह डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस के पद कार्यरत थे। 35 साल पहले (IAS Exam strategy) उनके पिता के सहयोगियों ने उत्तर प्रदेश के गोंडा में एक फर्जी मुठभेड़ में उनकी हत्या कर दी थी। किंजल जब बड़ी हुईं तो उन्होंने अपने पिता को न्याय दिलाने का फैसला किया। इसके लिए उन्होंने अपनी मां के साथ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

 

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एचटी की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में अदालती सुनवाई के लिए चक्कर लगाने के दौरान किंजल दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के लेडी श्री राम कॉलेज में एडमिशन लिया। वह जानती थी, शिक्षा से ही वह अपने पिता को न्याय दिला सकती है। इसलिए उन्होंने करियर पर काफी ध्यान दिया। अपने पढ़ाई के दौरान किंजल को पता चला कि उनकी मां को कैंसर है। इस बात से वह पूरी तरह टूट गईं। लंबे समय तक कैंसर से (how to crack UPSC Exam) लड़ने के बाद उनकी मां की भी मृत्यु हो गई। उनके अंतिम क्षणों में, उनकी बेटियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे IAS अधिकारी बनकर और अपने पिता की मृत्यु के लिए न्याय दिलवाकर उनका सपना पूरा करेंगी।

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दोनों बहने बनीं आईएएस अधिकारी

अपनी मां के निधन के बाद किंजल वापस कॉलेज (UPSC Exam Syllabus) आ गईं और पढ़ाई में लग गईं। उन्होंने इतनी मेहनत की वे परीक्षा में टॉप किया। इसके बाद किंजल ने अपनी बहन को भी दिल्ली बुला लिया दोनों मिलकर आईएएस (IAS) की तैयारी करने लगें। किंजल को साल 2008 में 25वीं रैंक हासिल करके दूसरे प्रयास में IAS बनीं और उनकी बहन। प्रांजल ने भी 252वीं रैंक के साथ UPSC की परीक्षा पास कर ली थी। प्रांजल वर्तमान में IRS अधिकारी हैं।

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पिता को दिलाया न्याय

IAS और IRS अधिकारी बनने के बाद दोनों बहनों ने अपने पिता को न्याय दिलाने वाली बात भूली नहीं थी। उन्होंने हत्या के पीछे के दोषियों को गिरफ्तार कराने का फैसला किया। उनके दृढ़ संकल्प ने पूरी न्याय प्रणाली को हिलाकर रख दिया और साल 2013 उनके पक्ष में फैसला आया। पिता की हत्या के 31 साल बाद, लखनऊ में सीबीआई की विशेष अदालत ने उनके पिता डीएसपी सिंह की हत्या के सभी 18 आरोपियों को सजा सुनाई थी।