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IAS Tushar Kumar :10 वीं क्लास में आए थे सिर्फ पासिंग मार्क्स, टैलेंट ने बना दिया IAS

Story of IAS : अक्सर आपने सुना ही होगा की जब 10वीं, 12वीं में नंबर कम आते हैं। तो घर वाले भी बोलते हैं तुमसे कुछ नही होगा। आज हम आपको ऐसे ही एक IAS की कहानी बताते हैं जिसके 10वीं व 12वीं में सिर्फ 35-36 नंबर आए थे और फिर बने IAS, आइए जानते हैं IAS Tushar D Sumera की सफलता की कहानी- 
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IAS Tushar Kumar :10 वीं क्लास में आए थे सिर्फ पासिंग मार्क्स, टैलेंट ने बना दिया IAS

HR Breaking News, Digital Desk - तुषार ने अपने हाईस्कूल और इंटर में केवल उतने अंक ही हासिल कर पाए थे जितने में वह पास हो सकें। लेकिन अपनी मेहनत और लग्न से बाद में उन्होंने UPSC की परीक्षा क्रैक की और अपने सपने को पूरा किया। 


आम तौर पर कहा जाता है कि संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC की सिविल सेवा परीक्षा को Qualify करने वाले पढ़ाई में बेहद तेज-तर्रार होते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है, सफलता किसी की मोहताज नहीं होती है। इस कहावत को सही साबित किया है तुषार दलपतभाई सुमेरा ने। उन्होंने न केवल UPSC की सिविल सेवा परीक्षा को क्वालीफाई किया, बल्कि अच्छी रैंक लेकर आईएएस भी बनकर दिखाया। 


IAS अधिकारी अवनीश शरण ने साझा की मार्कशीट


तुषार ने अपने हाई स्कूल और इंटर परीक्षा में केवल उतने अंक ही हासिल कर पाए थे जितने में वह पास हो सकें। उस समय तक वे एक और स्टूडेंट थे। लेकिन अपनी मेहनत और लग्न से बाद में उन्होंने UPSC की परीक्षा क्रैक की और अपने सपने को पूरा किया। IAS of Chhattisgarh Cadre अधिकारी अवनीश शरण ने हाल ही में तुषार सुमेरा की मेहनत और सफलता का जिक्र करते हुए अपने ट्विटर अकाउंट पर उनकी तस्वीर और उनकी दसवीं की मार्कशीट साझा की है।
 

IAS Tushar को 10वीं व 12वीं में मिले थे बहुत कम अंक 


IAS Avneesh शरण ने बताया कि वर्ष 2012 बैच के आईएएस अफसर तुषार डी सुमेरा ने अपने हाईस्कूल की परीक्षा में महज पासिंग मार्क्स ही हासिल किए थे। मार्कशीट के अनुसार, उनके गणित विषय में 36, अंग्रेजी में 35 और विज्ञान में केवल 38 नंबर ही आए थे। उनका यह रिकार्ड इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि सफलता के लिए नंबर नहीं टैलेंट मायने रखता है। 


 पहले BA-BEd की फिर बच्चों को पढ़ाने लगे


आपको बता दें कि Tushar Sumera ने जैसे-तैसे दसवीं परीक्षा पास की और अपनी आगे की पढ़ाई भी जारी रखी। इसके बाद उन्होंने पढ़ाई पर देना शुरू किया और पहले कक्षा 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद फिर बीए और बीएड डिग्री हासिल की। इसके बाद करिअर को गति देने के लिए उन्होंने बतौर सहायक शिक्षक की नौकरी शुरू की।


ऐसे शुरू की UPSC की तैयारी


सहायक शिक्षक के नौकरी करते-करते सुमेरा ने अपना एक लक्ष्य बना लिया और उसकी तैयारी में जी-जान से जुट गए। वह पढ़ाने- पढ़ाने के साथ-साथ ही खुद पढ़कर संघ लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित की जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने लगे और साल 2012 में उन्होंने यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा न केवल पास की बल्कि अच्छी रैंक पाकर भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी भी बनें।