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Success Story : यूपीएससी में 3 बार हुए फेल, फिर भी नही मानी हार और बने IAS अफसर

IAS Chandrakant Bagoria : भारत की सबसे कठिन परीक्षा UPSC की सिविल सेवा परीक्षा हैं। हर साल लाखों अभ्यार्थी इसमें जी-जान लगा देते हैं। इसी के चलते हम आपको चंद्रकांत बागोरिया के आईएएस बनने की कहानी बताने जा रहे हैं कि कैसे इन्होनें अपने सपने को पुरा करने के लिए जॉब के ऑफर ठुकरा दिए...
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Success Story : युपीएएसी में 3 बार हुए फेल, फिर भी नही मानी हार और बने IAS अफसर

HR Breaking News (नई दिल्ली)। IAS Chandrakant Bagoria Success Story : भारत की सबसे कठिन परीक्षा की बात करें, तो उसमें यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा सबसे ऊपर है. हर साल देशभर से लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा के लिए आवेदन करते हैं और परीक्षा में उत्तीर्ण होने के एकमात्र इरादे से परीक्षा में शामिल भी होते हैं. हालांकि, केवल कुछ चुनिंदा उम्मीदवार ही इस परीक्षा को पास कर सफलता हासिल कर पाते हैं. परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों को आईएएस (IAS), आईपीएस (IPS) या आईएफएस (IFS) अधिकारी समेत ए ग्रेड के ऑफिसर की उपाधि मिलती है.

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को तीन चरणों प्रीलिम्स परीक्षा, मेंस परीक्षा और इंटरव्यू में विभाजित किया गया है. आईएएस चंद्रकांत बागोरिया ने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करने वालों को एक बैकअप रणनीति बनाने की सलाह दी है. आईएएस अधिकारी बनने के अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए चंद्रकांत ने कई सालों तक कड़ी मेहनत की थी.

चंद्रकांत राजेंद्र बागोरिया के बेटे हैं, जो उत्तराखंड के अल्मोडा में सरकारी इंटर कॉलेज में प्रोफेसर हैं. चंद्रकांत की मां भुवनेश्वरी ने उन्हें सिविल सेवा में जाने के लिए प्रोत्साहित किया था. उन्होंने चंद्रकांत को इसके लिए बहुत प्रेरणा दी और सफल न होने पर भी उनका समर्थन करना बंद नहीं किया.


चंद्रकांत के छोटे भाई उत्तराखंड में बीडीओ के पद पर हैं और उनकी बहन ने M.Tech किया हुआ हैं. वहीं, नानकमत्ता में सरस्वती शिशु मंदिर से ही चंद्रकांत बागोरिया ने अपनी प्रारंभिक स्कूली शिक्षा प्राप्त की है. बचपन से ही चंद्रकांत ने पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है और उनमें नई चीजें सीखने की निरंतर इच्छा रहती है. उन्होंने साल 2014 में बरेली के एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक्स में बी.टेक की डिग्री हासिल की है.

ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद चंद्रकांत सिविल सेवा में जाने का सपना देखने लगे थे. इंजीनियरिंग से ग्रेजुएट होते ही चंद्रकांत बागोरिया ने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी. हालांकि, अपने तीन प्रयासों में वह असफल रहे. लेकिन वह लगातार कोशिश करते रहे. फिर, साल 2021 में, उन्होंने यूपीपीसीएस (UPPCS) की परीक्षा दी और अपने पहले प्रयास में ही ऑल इंडिया रैंक 5 के साथ उत्तीर्ण हुए. हालांकि, उनका मन आईएएस ऑफिसर बनने का था. इसके लिए उन्होंने अभ्युदय फ्री कोचिंग का सहारा लिया और उन्होंने अगले ही साल 2022 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा ऑल इंडिया 75वीं रैंक के साथ उत्तीर्ण कर ली.