home page

Success Story : पहले प्यार फिर उसी के साथ व्यापार, अब 13000 करोड़ की कंपनी के हैं मालिक

Success Story In Hindi : सफलता पाने के पीछे मेहनत और किस्मत दोनो का हाथ होता है, आज हम आपको एक ऐसे शख्स के बारे में जिसने पहले प्यार किया फिर उसी के साथ व्यापार और अब 13000 करोड़ की कंपनी के हैं मालिक, आइए खबर में जानते है इसके बारे में पूरी जानकारी।
 | 
Success Story : पहले प्यार फिर उसी के साथ व्यापार, अब 13000 करोड़ की कंपनी के हैं मालिक

HR Breaking News, Digital Desk - ऐसा नसीब बहुत ही कम लोगों को मिलता है कि जिससे प्यार किया उसी से शादी हो और सबसे खास कारोबार भी उसी के साथ हो. ऐसा ही कुछ कर दिखाया देश की प्रॉफिटेबल यूनिकॉर्न मामाअर्थ ने. दरअसल इस कंपनी को दो कपल ने मिलकर शुरु किया और हाथ इस कंपनी का मार्केट कैप 130 बिलियन डॉलर (करीब 13000 करोड़ रुपए) की हो चुकी है. इस कंपनी की सफलता की कहानी जितनी खास है. उतनी ही खास है इस कंपनी के फाउंडर्स पर्सनल लाइफ. आइए जानते हैं पूरी कहानी.

मामाअर्थ की पैरेंट कंपनी होनासा कंज्यूमर प्राइवेट लिमिटेड के दोनों फाउंडर गजल अलघ और वरुण अलघ ने साथ मिलकर ये कंपनी शुरु की. ऐसा अक्सर कहा जाता है कि जिससे प्यार करो उसके साथ कारोबार नहीं करना चाहिए. लेकिन इन दोनों ने लीक से अलग हटकर न केवल एक दूसरे से प्यार किया बल्कि शादी भी की औऱ फिर साथ में कारोबार शुरु किया.
 

ऐसे बनाई 13000 करोड़ की कंपनी

दरअसल मामाअर्थ होनासा कंज्यूमर प्राइवेट लिमिटेड की सबसे सफल ब्रांड में से एक है. इन दोनों में केयर प्रोडक्ट्स बनाती है. इसमें मेकअप, फेस, हेयर और बच्चों से रिलेडेट प्रोडक्ट होते है. मामाअर्थ की स्थापना के पीछे अलघ दंपत्ति के बच्चे की प्रॉबलम थी. जब इनके बच्चे को स्कीन की दिक्कत शुरु हुई तो इन्होनें ऑनलाइन कई प्रोडक्ट तलाशे. इस दौरान इन्हें लगा कि भारत में इस सेक्टर में अभी भी प्रोडक्ट की क्वालिटी पर काम नहीं हो रहा है. इसी को देखते हुए इन दोनों ने मामाअर्थ शुरु करने की ठानी. साल 2016 में इन दोनों ने मिलकर इस कंपनी की स्थापना की. आज देखते ही देखते यह कंपनी देश की सबसे प्रॉफिटेबल यूनिकॉर्न में शामिल हो चुकी है. इस कंपनी का मार्केट कैप 13000 करोड़ के पार जा चुका है.

पर्सनल लाइफ से बिजनेस पार्टनर तक

एक दौर था जब गजल और वरुण एक दूसरे को प्रपोज करने में झिझक रहे थे. लेकिन धीरे धीरे इनका प्यार परवान चढ़ा. दोनों ने कई साल तक एक दूसरे को डेट किया. फिर ये प्यार शादी में तब्दील हुआ, फिर इनके बच्चे हुए और यही से मामाअर्थ के कहानी की शुरुआत हुई. आज होनासा कंज्यूमर प्राइवेट लिमिटेड वरुण सीईओ और को-फाउंडर के तौर पर काम करते हैं. तो वही गजल कंपनी की को-फाउंडर हैं.

ऐसे बढ़ती गई कंपनी

मामाअर्थ की पैरेंट कंपनी होनासा सितंबर तिमाही में 30 करोड़ रुपए से अधिक का मुनाफा दर्ज किया है. यह कंपनी साल दर साल लगातार आगे बढ़ती जा रही है, इस कंपनी के शेयर की बात करें तो कंपनी की तरह यहां भी उछाल दर्ज की गई है. इस कंपनी के 52 हफ्ते के लो शेयर की कीमत 256 रुपए है तो वहीं 52 हफ्ते का हाई प्राइस 486 रुपए के करीब है. वो कहते हैं न कि इरादे सच्चे हो तो सफलता जरूर मिलती है.